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डीडीयू में आईजीएमसी की तर्ज पर मिलेंगी मरीजों को सुविधाएं
Updated Wed, 16 Aug 2017 11:04 PM IST
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अशोक चौहान
शिमला। राजधानी के मुख्य अस्पताल डीडीयू में आने वाले मरीजों को अब आईजीएमसी की तर्ज पर आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। अस्पताल में न सिर्फ इलेक्ट्रानिक हेल्थ केयर सिस्टम स्थापित होगा बल्कि हर तरह का रिकॉर्ड भी डिजिटाइज्ड किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल की ऐतिहासिक इमारत को मॉडर्न अस्पताल में बदला जा रहा है। नए भवन में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के ठहरने के लिए सराय की सुविधा भी दी जाएगी। अस्पताल प्रबंधन से इस बारे में ब्यौरा भी मांगा गया है। इस प्रोजेक्ट पर कुल 107 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अस्पताल में अभी एंबुलेंस की कमी है लेकिन नए भवन में दो मॉडर्न एंबुलेंस भी तैनात की जाएंगी। 107 करोड़ रुपये में से 20 करोड़ रुपये नेशनल हेल्थ मिशन के तहत और 87 करोड़ रुपये एसपीवी के तहत खर्च किए जाएंगे। पांच साल के भीतर इस योजना को पूरा कर लिया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग मिलकर काम करेंगे।
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नए भवन में शिफ्ट होंगे विभाग
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अर्बन रिनुअल स्कीम में तय होगा कि पुरानी इमारत को किस तरह से बदला जाना है। इमारत का हैरिटेज लुक कायम रखा जाएगा लेकिन अंदर काफी बदलाव होंगे ताकि आधुनिक मशीनें लगाई जा सकें। अस्पताल प्रबंधन को तीन माह में इसका ब्यौरा यानी एडवांस कॉन्सेप्ट नोट देने को कहा गया है। प्रबंधन अपनी जरूरत के हिसाब से बताएगा कि कहां क्या बदलाव किए जाने चाहिए। इसके बाद डीपीआर तैयार होगी। इस समय पुराने भवन में एमएस ऑफिस समेत कई दफ्तर, ओपीडी और लैब चल रहे हैं। इन्हें क्रमबद्ध तरीके से नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इनमें से कई विभाग पहले ही नए ब्लॉक में शिफ्ट भी किए जा चुके हैं।
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ऐतिहासिक है डीडीयू की पुरानी इमारत
डीडीयू की पुरानी इमारत ऐतिहासिक भवनों में शामिल हैं। अंग्रेजी शासनकाल में बने इस भवन को हेनरी इरविन ने डिजाइन किया था। इसे 14 मई 1885 को खोला गया था। लॉर्ड रिपन के नाम पर इसे रिपन अस्पताल का नाम दिया गया। आजादी के बाद सरकार ने इसका नाम दीन दयाल अस्पताल रख दिया। यह शिमला का मुख्य अस्पताल है जहां रोजाना हजारों मरीज पहुंचते हैं।
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नए भवन पर खर्च होंगे 107 करोड़ : जीसी नेगी
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत डीडीयू के पुराने भवन की जगह नई बिल्डिंग बनाने की योजना है। कुल 107 करोड़ रुपए इस पर खर्च किए जाने हैं।
-जीसी नेगी, आयुक्त नगर निगम
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मॉडर्न अस्पताल में बदलेगा डीडीयू : प्रशांत
रिडवलपमेंट प्लान के तहत डीडीयू के पुराने भवन को मॉडर्न अस्पताल में बदला जाना है। इसमें आधुनिक सुविधाएं देने के साथ साथ हर रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन की भी सुविधा मिलेगी। अर्बन रिनुअल स्कीम में तय होगा कि भवन का निर्माण कैसे किया जाना है।
-प्रशांत सरकैक, नोडल ऑफिसर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
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शिमला। राजधानी के मुख्य अस्पताल डीडीयू में आने वाले मरीजों को अब आईजीएमसी की तर्ज पर आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी। अस्पताल में न सिर्फ इलेक्ट्रानिक हेल्थ केयर सिस्टम स्थापित होगा बल्कि हर तरह का रिकॉर्ड भी डिजिटाइज्ड किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल की ऐतिहासिक इमारत को मॉडर्न अस्पताल में बदला जा रहा है। नए भवन में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के ठहरने के लिए सराय की सुविधा भी दी जाएगी। अस्पताल प्रबंधन से इस बारे में ब्यौरा भी मांगा गया है। इस प्रोजेक्ट पर कुल 107 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अस्पताल में अभी एंबुलेंस की कमी है लेकिन नए भवन में दो मॉडर्न एंबुलेंस भी तैनात की जाएंगी। 107 करोड़ रुपये में से 20 करोड़ रुपये नेशनल हेल्थ मिशन के तहत और 87 करोड़ रुपये एसपीवी के तहत खर्च किए जाएंगे। पांच साल के भीतर इस योजना को पूरा कर लिया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग मिलकर काम करेंगे।
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नए भवन में शिफ्ट होंगे विभाग
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अर्बन रिनुअल स्कीम में तय होगा कि पुरानी इमारत को किस तरह से बदला जाना है। इमारत का हैरिटेज लुक कायम रखा जाएगा लेकिन अंदर काफी बदलाव होंगे ताकि आधुनिक मशीनें लगाई जा सकें। अस्पताल प्रबंधन को तीन माह में इसका ब्यौरा यानी एडवांस कॉन्सेप्ट नोट देने को कहा गया है। प्रबंधन अपनी जरूरत के हिसाब से बताएगा कि कहां क्या बदलाव किए जाने चाहिए। इसके बाद डीपीआर तैयार होगी। इस समय पुराने भवन में एमएस ऑफिस समेत कई दफ्तर, ओपीडी और लैब चल रहे हैं। इन्हें क्रमबद्ध तरीके से नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इनमें से कई विभाग पहले ही नए ब्लॉक में शिफ्ट भी किए जा चुके हैं।
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ऐतिहासिक है डीडीयू की पुरानी इमारत
डीडीयू की पुरानी इमारत ऐतिहासिक भवनों में शामिल हैं। अंग्रेजी शासनकाल में बने इस भवन को हेनरी इरविन ने डिजाइन किया था। इसे 14 मई 1885 को खोला गया था। लॉर्ड रिपन के नाम पर इसे रिपन अस्पताल का नाम दिया गया। आजादी के बाद सरकार ने इसका नाम दीन दयाल अस्पताल रख दिया। यह शिमला का मुख्य अस्पताल है जहां रोजाना हजारों मरीज पहुंचते हैं।
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नए भवन पर खर्च होंगे 107 करोड़ : जीसी नेगी
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत डीडीयू के पुराने भवन की जगह नई बिल्डिंग बनाने की योजना है। कुल 107 करोड़ रुपए इस पर खर्च किए जाने हैं।
-जीसी नेगी, आयुक्त नगर निगम
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मॉडर्न अस्पताल में बदलेगा डीडीयू : प्रशांत
रिडवलपमेंट प्लान के तहत डीडीयू के पुराने भवन को मॉडर्न अस्पताल में बदला जाना है। इसमें आधुनिक सुविधाएं देने के साथ साथ हर रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन की भी सुविधा मिलेगी। अर्बन रिनुअल स्कीम में तय होगा कि भवन का निर्माण कैसे किया जाना है।
-प्रशांत सरकैक, नोडल ऑफिसर, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
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