फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   102 govt schools in himachal have less than 20 percent result

102 सरकारी स्कूलों के नतीजे 20 फीसदी से भी कम

Thu, 19 May 2016 11:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला/धर्मशाला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला/धर्मशाला Updated Thu, 19 May 2016 11:28 AM IST
विज्ञापन
102 govt schools in himachal have less than 20 percent result
दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में 16 स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। इन स्कूलों का रिजल्ट शून्य रहा है। - फोटो : फाइल फोटो

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम 102 सरकारी स्कूलों में 20 फीसदी से भी कम आए हैं। वहीं विभाग दावा कर रहा है कि अच्छा रिजल्ट लाने के बावजूद सरकारी स्कूलों के बच्चे मेरिट में स्‍थान प्राप्त करने से पिछड़ गए हैं। दसवीं के परीक्षा परिणाम में प्रदेश के 175 सरकारी स्कूलों का परिणाम 100 फीसदी रहा है।

विज्ञापन


जबकि 436 स्कूलों का 91 से 100 प्रतिशत के बीच। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों के सिर्फ दो बच्चों को मेरिट में स्थान मिला है। बाकी सभी स्थान निजी स्कूलों ने प्राप्त किए हैं। उधर, जमा दो कक्षा के 244 स्कूलों का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा है। जबकि 50 फीसदी से अधिक स्कूलों ने 80 फीसदी अंक झटके हैं। सरकारी स्कूलों के औसतन स्कूलों ने जहां अच्छे परिणाम प्राप्त किए हैं वहीं कुछ स्कूलों का परिणाम बहुत खराब भी रहा है।
विज्ञापन


दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में 16 स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। इन स्कूलों का रिजल्ट शून्य रहा है। वहीं जमा दो कक्षा के परिणाम में तीन स्कूलों का रिजल्ट शून्य है। इन स्कूलों में एक, दो या तीन ही छात्र थे। वहीं दसवीं के 102 स्कूलों का परीक्षा परिणाम 20 प्रतिशत से कम रहा है। जबकि जमा दो के 24 स्कूलों का परिणाम 20 प्रतिशत से कम है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कम परिणाम वाले इन स्कूलों को नोटिस जारी

102 govt schools in himachal have less than 20 percent result
20 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले स्कूलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने दसवीं और जमा दो कक्षा के परीक्षा परिणाम में 20 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले स्कूलों को नोटिस जारी करने का फैसला लिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा निदेशक से कम परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों की रिपोर्ट भी तलब की है। इन स्कूलों में तैनात शिक्षकों की संख्या, बच्चों की संख्या का पूरा ब्यौरा मांगा गया है।

दसवीं रिजल्ट :

अंक प्रतिशतता        स्कूल
0 से 20 फीसदी :   102
21 से 50 फीसदी  : 557
51 से 75 फीसदी : 733
76 से 90 फीसदी : 564
91 से 100 फीसदी : 436

जमा दो :

अंक प्रतिशतता         स्कूल
0 से 20 फीसदी :   24 स्कूल
21 से 50 फीसदी  : 139 स्कूल
51 से 75 फीसदी : 319
76 से 90 फीसदी : 432
91 से 100 फीसदी : 630

स्कूलों में खराब रिजल्ट की होगी समीक्षा: वीरभद्र

102 govt schools in himachal have less than 20 percent result
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह - फोटो : फाइल फोटो

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने  अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर आईजीएमसी में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री से स्कूलों के परीक्षा परिणाम पर सवाल पूछे गए। मुख्यमंत्री ने सवालों के जवाब में कहा कि हिमाचल प्रदेश में पंद्रह हजार स्कूल हैं। इनमें से कुछ ही स्कूलों के परीक्षा परिणाम खराब आए हैं।

इनमें से कुछ प्राइमरी स्कूल भी हैं। वह स्कूलों के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करेंगे। बाकी के स्कूलों के परिणाम बेहतर हैं। ऐसे में सभी परिणामों को गलत कहना ठीक नहीं है। कुछ स्कूल तो मेरिट में भी आए हैं, उन्हें उपहार दिए जा रहे हैं। स्कूलों के परिणाम में सुधार के लिए कदम उठाएंगे।

वहीं, राजीव बिंदल पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि भारत सरकार से जो मदद आती है, वह खैरात नहीं होती है। राज्य भारत संघ के मेंबर होते हैं। केंद्र का बजट राज्य के विकास के लिए आता है। वहीं जहां तक नेशनल हाईवे की बात है तो भारत सरकार कुछ पैसे प्रधानमंत्री ग्राम योजना एवं कुछ पैसे कर्ज के रूप में देती है जिससे कि राज्य में प्रगति कार्य हो सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed