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HP High Court: चरस रखने के दोषी को 10 साल का कठोर कारावास, निचली अदालत के फैसले को रखा बरकरार
Wed, 28 Sep 2022 06:03 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 28 Sep 2022 06:03 PM IST
सार
प्रदेश हाईकोर्ट ने 2.5 किलोग्राम चरस रखने के दोषी को सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। चंबा निवासी बिशन दत्त को निचली अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 2.5 किलोग्राम चरस रखने के दोषी को सुनाई गई सजा को बरकरार रखा है। चंबा निवासी बिशन दत्त को निचली अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराया है। पांच नवंबर 2015 को पुलिस ने बनखड़ी मोड़ पर नाका लगाया था। दोषी बनीखेत की तरफ से मोटरसाइकिल पर आ रहा था।
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चेकिंग करने पर पुलिस ने उसके थैले से 2.5 किलोग्राम चरस बरामद की। मामले की जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने दोषी के खिलाफ निचली अदालत में अभियोग चलाया। निचली अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष दोषी के खिलाफ अभियोग साबित करने में सफल रहा है। इस पर 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस निर्णय को दोषी ने हाईकोर्ट के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती दी थी। दोषी की अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने निचली अदालत के निर्णय को सही ठहराया है।
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