हिमाचल के 10 हजार कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, होंगे रेगुलर
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हिमाचल में सरकारी विभागों में लंबे समय से काम कर रहे नेपाल मूल के 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी अब जल्द ही नियमित होंगे। इनके नियमितीकरण के खिलाफ प्रदेश सरकार की ओर से दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब प्रदेश सरकार ने इन्हें नियमित करने की कवायद शुरू कर दी है।
बता दें कि नेपाल मूल के कर्मचारियों की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट ने इन्हें नियमित करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को सभी कर्मचारियों को पात्रता के आधार पर रेगुलर करने के आदेश जारी किए थे।
इस फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हिमाचल में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए भारतीय मूल का होना जरूरी था। नियुक्ति नियमावली के इसी क्लॉज की वजह से नेपाल मूल के हजारों कर्मचारी सालों से नियमित नहीं हो पा रहे थे।
हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
नेपाली मूल के कर्मचारियों ने केंद्रीय सेवाओं और दूसरे प्रदेशों में कार्यरत कर्मचारियों का हवाला देकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने इन कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया था। प्रदेश में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, हिमुडा,
वन, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, शिक्षा और ऊर्जा जैसे महकमों में हजारों नेपाल मूल के कर्मचारी लगे हैं। कई कर्मचारी दस-दस साल से रेगुलर होने की उम्मीद लगाए थे लेकिन नियम आड़े आ रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इनके रेगुलर होने का रास्ता साफ हो गया है।