आठ कुलपतियों के चयन को नहीं किया था कमेटियों का गठन, जांच में खुलासा
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हिमाचल में उच्च शिक्षा दे रहे 10 विश्वविद्यालयों ने नियमों को दरकिनार कर कुलपतियों का चयन कर लिया है। आठ निजी विश्वविद्यालयों ने चयन को कमेटियों तक का गठन नहीं किया। यही नहीं, दस वर्ष तक प्रोफेसर के पद का अनुभव रखने वाले व्यक्ति को ही कुलपति बनाने का यूजीसी ने प्रावधान किया है लेकिन इन विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के समय इसका ध्यान नहीं रखा गया। दो विश्वविद्यालयों ने निर्धारित 70 वर्ष से अधिक उम्र वालों को कुलपति बना दिया। यह खुलासा निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग की ओर से निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया की जांच को गठित कमेटी की रिपोर्ट में हुआ है।
रिपोर्ट पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आयोग ने अब सभी दस विश्वविद्यालयों के कुलाधिपतियों से दस दिसंबर तक रिपोर्ट देने को कहा है। कुलपतियों का पक्ष पूछने को भी कहा गया है। अरनी, इंडस, बाहरा, एपीजी, इटरनल, आईसीएफएआई, चितकारा, एमएमयू विश्वविद्यालय में यूजीसी से तय नियुक्ति नियमों की अनदेखी की गई है। वहीं, दो विश्वविद्यालयों बद्दी और शूलिनी ने निर्धारित 70 वर्ष की आयु से अधिक उम्र वालों को कुलपति बना दिया।
आयोग ने सार्वजनिक किए इन विश्वविद्यालयों के नाम
आईसीएफएआई विवि बद्दी, इटरनल विश्वविद्यालय बडू साहिब सिरमौर, चितकारा विवि बरोटीवाला, बाहरा विश्वविद्यालय वाकनाघाट, बद्दी यूनिवर्सिटी ऑफ इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नालॉजी, शूलिनी विवि सोलन, एमएमयू कुमारहट्टी, एपीजी विवि शिमला, अरनी विवि काठगढ़ कांगड़ा और इंडस विवि ऊना।
तीन सदस्यीय कमेटी ने की जांच
निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता लाने और निजी शिक्षण संस्थानों में अनुभवी कुलपतियों की देखरेख में विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए यह जांच करवाई है। हायर एजूकेशन काउंसिल के चेयरमैन और हिमाचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सुनील गुप्ता की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय दल से निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति प्रक्रिया और शैक्षणिक योग्यता की जांच करवाई गई है। बीते शुक्रवार को इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपी थी। शनिवार को आयोग के अध्यक्ष ने रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद इन दस निजी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपतियों को पत्र जारी कर दस दिसंबर से पहले अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।