हिमाचल में बारिश से तबाही, 20 की मौत
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हिमाचल में वीरवार और शुक्रवार रात को हुई भारी बारिश से आए भूस्खलन, खड्ड में बहने और अन्य हादसों में 20 लोगों की मौत हो गई। किन्नौर जिले के काफनु के मोरानुंग व सुरचानंग नाले में बादल फटने से आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। मोरानुंग पुल क्षतिग्रस्त हो गया है।
भावा पावर प्रोजेक्ट की मशीनरी को भी नुकसान हुआ है। लोगों घरों से पलायन कर गए हैं। उधर, प्रदेश की 251 सड़कें अभी भी बाधित हैं जबकि पांच नेशनल हाईवे कई घंटे बाधित रहे। छह पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
सुंदरनगर में दयारगी के निकट बीएसएल नहर में दरारें आई हैं। हालांकि, शनिवार को मौसम साफ रहने से थोड़ी राहत जरूर मिली। मौसम विभाग के अनुसार एक सप्ताह पर मौसम खराब रहेगा। हालांकि, भारी बारिश की चेतावनी नहीं है।
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
हमीरपुर जिले में भारी बारिश के कारण छह लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। जोल सप्पड़ के नजदीक एक परिवार के चार सदस्य कुनाह खड्ड के तेज बहाव में बह गए। इनमें एक ही शव बरामद हो सका है। परिवार के सदस्य डेयरी फार्म में कार्य करते थे। उधर, भोरंज क्षेत्र में एक मकान के गिरने के दो व्यक्तियों की मलबे में दबकर मौत हो गई।
जबकि खड्ड किनारे पानी का बहाव देख रहा एक अन्य व्यक्ति अचानक गिर गया और उसकी मौत हो गई। संभावना जताई जा रही है कि व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा है। वहीं, ब्यास में बहे एक अन्य व्यक्ति को स्थानीय युवकों में कड़ी मशक्कत के बाद बचा लिया।
कांगड़ा के देहरा में दर्जनों मकानों में मलबा घुस गया है जबकि सलेटी में एक युवती की खड्ड में बहने से मौत हो गई है। शांतला गांव में शटरिंग खोलते समय टैंक में गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई। ज्वालामुखी बस स्टैंड में बने शौचालय में एक युवक की सिर के बल गिरने से मौत हो गई।
तेज बहाव में बह गई युवती
कांगड़ा के देहरा में दर्जनों मकानों में मलबा घुस गया है। यहां सलेटी में एक युवती की नदी में बहने से मौत हो गई है। चंबा के तीसा में शुक्रवार को भंजराडू-सनवाल मार्ग पर देहग्रां के पास एक टिप्पर खेत में गिर गया।
हादसे में दो लोगों की मौत हो गई जबकि इसके अलावा तीन अन्य घायल हो गए हैं। भोरंज क्षेत्र में दो व्यक्ति मकान के मलबे में दबकर मर गए। बारिश के कारण अचानक मकान धराशायी हो गए। वहीं, खड्ड किनारे पानी का तेज बहाव देख रहा एक अन्य व्यक्ति अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
संभावना जताई जा रही है कि व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा होगा। इसके अलावा भारी बारिश से जिले में दर्जनों मकान तबाह हो गए हैं। अन्य जिलों में भी भारी बारिश से भारी तबाही हुई है।
जाको राखे ‘नंदी’ बाल न बांका होए
हमीरपुर के रैल के समीप बल्ला में दोनों व्यक्ति रात को खड्ड किनारे गाड़ी में ही सोए गए। तेज बारिश से पानी का बहाव बढ़ा और दोनों गाड़ी सहित बह गए। करीब आधा किमी दूर स्कार्पिओ गाड़ी पेड़ के साथ फंस गई। दोनों शीशे तोड़कर बाहर निकले और पेड़ पर चढ़कर जैसे तैसे जान बचाई। बताया जा रहा है कि दोनों नंदी बैलों का पूजन करवाने का कार्य करते हैं।
ये नेशनल हाईवे रहे बंद
मलां-राणीताल-मुबारिकपुर मार्ग
ऊना-भोटा मार्ग (छह घंटे तक)
कुम्हारहट्टी-नाहन मार्ग (आठ घंटे)
हमीरपुर-शिमला मार्ग (रूट बदला)
पठानकोट-कांगड़ा मार्ग (7 घंटे बंद)
484 सड़कें बाधित, 233 बहाल
लोनिवि के एसई अजय गर्ग ने बताया कि प्रदेश में शनिवार को बारिश के चलते 484 सड़कें बाधित रहीं जिसमें से 233 सड़कों को खोल दिया गया है। विभाग का दावा है कि 251 सड़कों को जल्द बहाल कर दिया जाएगा। लोनिवि को एक दिन में तीस करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात
मनाली/भरमौर। शुक्रवार रात लाहौल स्पीति, मनाली और भरमौर की ऊंची चोटियोें पर बर्फ के फाहे गिरे हैं। घाटी के मकरवे, शिकरवे, फ्रैंडशीप पीक, सेवन पीक, मनाली पीक, लद्दाखी पीक, पतालसू पीक, देऊ टिब्बा, हनुमान टिब्बा व मांगण कोट सहित अन्य उंची चोटियों में ताजा हिमपात होने से घाटी के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
सतलुज में समाई कार, पांच बहे
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर बरमाणा से कुछ ही दूरी पर सारड़नाला में शनिवार देर शाम एक रिनॉल्ड डस्टर कार सतलुज नदी में समा गई। कार चंडीगढ़ के नंबर की बताई जा रही है। हालांकि, कार में कितने लोग सवार थे, इसका भी अभी तक पता नहीं चल सका है। हादसे में पांच पर्यटकों के डूबने की आशंका है।
पुलिस ने नदी से एक शव को बरामद कर लिया है। जिसकी अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। शनिवार देर शाम हुई इस घटना की सूचना मिलते ही बरमाणा पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है। पानी के तेज में कार नदी के बीचों-बीच जाकर फंस गई है। रेस्क्यू आप्रेशन जारी है। क्रेन से गाड़ी को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
चंडीगढ़ से मनाली जा रहे थे
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक शनिवार देर शाम चंडीगढ़ से मनाली की ओर जा रही रिनॉल्ड डस्टर कार (सीएच 01ए क्यू-3414) सारड़ नाला के समीप अचानक अनियंत्रित होकर सतलुज नदी में समा गई। बिलासपुर के तहत आने वाला यह क्षेत्र मंडी-बिलासपुर जिले की सीमा पर स्थित सलापड़ के करीब है।
इस प्वाइंट पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हुई है। लगभग एक महीने पहले यहां बाइक दुर्घटना में एक की मौत हुई थी। 14 फरवरी को भी यहां पर एक युवक और युवती की कार नदी में गिरने से दर्दनाक मौत हुई। ताजा घटनाक्रम में रिनाल्ड डस्टर कार सड़क से लगभग 100 फुट नीचे कार सीधा नदी में गिर गई। पानी के तेज बहाव के साथ कार नदी के बीचों-बीच पहुंच गई है। जिसे निकालने के लिए पुलिस ने रेस्क्यू आप्रेशन शुरू किया है।
राहत कार्य में जुटी टीम
डीएसपी प्रताप ठाकुर स्वयं मौके पर पहुंच गए हैं, जबकि एसएचओ अशोक चौहान भी टीम सहित डटे हुए हैं। एचएचओ अशोक चौहान ने बताया कि स्थानीय लोगों की मदद से कार को रस्सी लगाकर कुछ नजदीक लाया गया है। कार में एक हाथ दिख रहा था।
गाड़ी की खिड़की तोड़कर एक शव निकाला गया है। हालांकि, अभी तक उसकी भी पहचान नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि हादसे में चार-पांच लोगों की डूबने की आशंका है। गाड़ी को पानी से बाहर निकालने के लिए क्र्रेन मंगवाई गई है।