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राजस्थान: रक्षा मंत्रालय के सर्कुलर ने राज्य सरकार को परेशानी में डाला, खनन पर लगाई रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Thu, 05 Jul 2018 02:31 PM IST
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खनन
रक्षा मंत्रालय के एक सर्कुलर ने राजस्थान सरकार को परेशानी में डाल दिया है। बता दें कि मंत्रालय ने नवंबर में बॉर्डर पर खनन से जुड़ा सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि राजस्थान में जो जिले पाकिस्तान से सटे हुए हैं उनमें 80 किलोमीटर के भीतर तक खनन नहीं किया जाएगा। अगर ऐसा किया जाता है तो उसे रक्षा मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी।
हैरानी की बात यह है कि यह सर्कुलर राज्य सकार के पास अब पहुंचा है जिसके बाद अधिकारी और विभाग परेशानी में आ गया है। इसके बाद अब राज्य में खनन गतिविधियां बंद हो जाएंगी। यही नहीं इससे जुड़े लोगों और किसानों को अब काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
बता दें कि दो दिन पहले ही सेना और खनन विभाग के अधिकारियों के बीच मामले को लेकर बैठक हुई है। इस बैठक में सेना के लोगों ने साफ कर दिया है कि अगर खनन करना है तो इसके लिए मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। ऐसा नहीं होने पर खख्त कार्रवाई की जाएगी। बहुत सारे ऐसे जिले हैं जो सीमा से सटे हुए हैं। जहां पर बड़े स्तर पर खनन का काम किया जाता है।
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सेना का मानना है कि खनन के जरिए घुसपैठिए भारत की सीमा में आ सकते हैं। ऐसे इनपुट मिले हैं कि घुसपैठिए सुरंग बनाकर भारत की सीमा में आ सकते हैं और किसी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
बता दें कि जिप्सम जमीन के ऊपरी परत पर होता है। जिप्सम के कारण किसानों को काफी परेशानी होती है, वह खेती नहीं कर पाते हैं। इस कारण सरकार ने खनन करने के लिए किसानों को परमिट भी जारी किए थे, इसके लिए किसान काफी लंबे समय से मांग कर रहे थे। जिप्सम का पहले बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता रहा है, जिससे सरकार को रॉयल्टी भी नहीं मिलती थी। जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
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हैरानी की बात यह है कि यह सर्कुलर राज्य सकार के पास अब पहुंचा है जिसके बाद अधिकारी और विभाग परेशानी में आ गया है। इसके बाद अब राज्य में खनन गतिविधियां बंद हो जाएंगी। यही नहीं इससे जुड़े लोगों और किसानों को अब काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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बता दें कि दो दिन पहले ही सेना और खनन विभाग के अधिकारियों के बीच मामले को लेकर बैठक हुई है। इस बैठक में सेना के लोगों ने साफ कर दिया है कि अगर खनन करना है तो इसके लिए मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। ऐसा नहीं होने पर खख्त कार्रवाई की जाएगी। बहुत सारे ऐसे जिले हैं जो सीमा से सटे हुए हैं। जहां पर बड़े स्तर पर खनन का काम किया जाता है।
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सेना का मानना है कि खनन के जरिए घुसपैठिए भारत की सीमा में आ सकते हैं। ऐसे इनपुट मिले हैं कि घुसपैठिए सुरंग बनाकर भारत की सीमा में आ सकते हैं और किसी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
बता दें कि जिप्सम जमीन के ऊपरी परत पर होता है। जिप्सम के कारण किसानों को काफी परेशानी होती है, वह खेती नहीं कर पाते हैं। इस कारण सरकार ने खनन करने के लिए किसानों को परमिट भी जारी किए थे, इसके लिए किसान काफी लंबे समय से मांग कर रहे थे। जिप्सम का पहले बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता रहा है, जिससे सरकार को रॉयल्टी भी नहीं मिलती थी। जिसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।