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Udaipur Incident: देवराज हत्या केस में एक्शन, स्कूल के प्राचार्य और टीचर निलंबित ; शिक्षा विभाग की कार्रवाई
Wed, 21 Aug 2024 12:51 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Wed, 21 Aug 2024 12:51 PM IST
सार
सरकारी स्कूल के बाहर चाकू से हमले के बाद छात्र की मौत के मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्राचार्य को निलंबित कर क्लास टीचर को भी एपीओ कर दिया है। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने स्कूल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
16 अगस्त को उदयपुर में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भटियानी चौहट्टा में लंच के दौरान छात्र देवराज पर उसी की कक्षा के एक समुदाय विशेष के छात्र द्वारा चाकू से हमले के बाद उसकी मौत के मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्राचार्य को निलंबित कर क्लास टीचर को एपीओ कर दिया है। गौरतलब है कि घटना से उदयपुर में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी।
घटना में घायल छात्र की मौत के बाद लोगों ने स्कूल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल ईशा धर्मावत और क्लास टीचर राकेश कुमार जारोली को निलंबित कर दिया गया है।
विभाग ने नहीं मानी थी स्टाफ की लापरवाही
घटना के बाद जब स्कूल की लापरवाही का मामला उठा तो उसे विभाग ने हल्के में लिया था और स्कूल स्टाफ की किसी भी तरह की लापरवाही से इंकार दिया था लेकिन जब मामला बढ़ा तो विभाग के कान खडे़ हुए और आखिरकार माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्राचार्य और एक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए।
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स्टाफ नहीं ले गया अस्पताल
घटना के बाद स्कूल स्टाफ को पता चल चुका था कि छात्र स्कूल के बाहर घायल अवस्था में पड़ा है लेकिन स्टाफ लापरवाह बना रहा। स्कूल के दो छात्र स्कूटी पर घायल देवराज को अस्पताल लेकर गए थे। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने तो यह गलत बयान भी दे दिया था कि घायल बच्चे को टीचर अस्पताल लेकर गए थे।
कलेक्टर ने भी मानी थी लापरवाही
घटना के बाद कलेक्टर अरविंद पोसवाल की ओर से स्कूल प्रबंधन की लापरवाही मानते हुए शिक्षा विभाग को पत्र भी लिखा गया था, जिसमें जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी। इसके बाद विभाग ने मामले की जांच करवाई और फिर कार्रवाई की गई।
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घटना में घायल छात्र की मौत के बाद लोगों ने स्कूल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल ईशा धर्मावत और क्लास टीचर राकेश कुमार जारोली को निलंबित कर दिया गया है।
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विभाग ने नहीं मानी थी स्टाफ की लापरवाही
घटना के बाद जब स्कूल की लापरवाही का मामला उठा तो उसे विभाग ने हल्के में लिया था और स्कूल स्टाफ की किसी भी तरह की लापरवाही से इंकार दिया था लेकिन जब मामला बढ़ा तो विभाग के कान खडे़ हुए और आखिरकार माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्राचार्य और एक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए।
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स्टाफ नहीं ले गया अस्पताल
घटना के बाद स्कूल स्टाफ को पता चल चुका था कि छात्र स्कूल के बाहर घायल अवस्था में पड़ा है लेकिन स्टाफ लापरवाह बना रहा। स्कूल के दो छात्र स्कूटी पर घायल देवराज को अस्पताल लेकर गए थे। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने तो यह गलत बयान भी दे दिया था कि घायल बच्चे को टीचर अस्पताल लेकर गए थे।
कलेक्टर ने भी मानी थी लापरवाही
घटना के बाद कलेक्टर अरविंद पोसवाल की ओर से स्कूल प्रबंधन की लापरवाही मानते हुए शिक्षा विभाग को पत्र भी लिखा गया था, जिसमें जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी। इसके बाद विभाग ने मामले की जांच करवाई और फिर कार्रवाई की गई।