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राजस्थान: ऑनलाइन कार्यक्रम में बोले राज्यपाल- आदिवासी व गैर आदिवासी की खाई को पाटने की है जरूरत
Fri, 26 Feb 2021 10:00 PM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर अजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर अजाला, उदयपुर
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Fri, 26 Feb 2021 10:00 PM IST
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राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र
- फोटो : ANI
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राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र शुक्रवार को एक ऑनलाइन कार्यक्रम में शामिल हुए। दरअसल, उन्होंने उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘वागड़ अंचल का लोक साहित्य एवं संस्कृति’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं विश्वविद्यालय परिसर के छह भवनों के ऑनलाइन शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया।
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इस मौके पर मिश्र ने कहा कि आदिवासी और गैर आदिवासी के बीच पनपी भेद की खाई को मिलकर पाटने की जरूरत है। इसके लिए आदिवासी समाज को उनकी भाषा, संस्कृति, परंपराओं और विशिष्टताओं को बचाए रखते हुए विकास की मुख्य धारा में जोड़ना होगा।
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उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी समाज की अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान रखता है, जिसे सहेजा जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि आदिवासी क्षेत्र के युवाओं के माध्यम से इस समुदाय के रीति-रिवाज, उत्सव, परंपराओं, लोक-कथाओं और लोकगीतों सहित उपलब्ध ज्ञान को एकत्रित कर इसका डिजिटलीकरण किया जाना चाहिए ताकि भावी पीढ़ी भी इससे रूबरू हो सके।
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इस ऑनलाइन कार्यक्रम में राज्य विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि जनजातीय क्षेत्रों का प्राकृतिक ज्ञान उनकी अनूठी विरासत है और प्रकृति से इस निकटता के कारण ही इन क्षेत्रों के निवासियों पर कोरोना महामारी का प्रभाव भी अपेक्षाकृत कम देखने को मिला।