IT Raid In Udaipur: फाइनेंस और रियल एस्टेट की दो कंपनियों के ठिकानों पर छापा, करोड़ों की ब्लैक मनी का खुलासा
राजस्थान के उदयपुर जिले में दो कारोबारी समूहों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की गाज गिरी है। आयकर विभाग टीम ने रिएल एस्टेट और ऑटो फाइनेंस कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी करते हुए अब तक करोड़ों रुपये से ज्यादा की अघोषित संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए हैं।
विस्तार
उदयपुर में रिएल एस्टेट और ऑटो फाइनेंस से जुड़े दो कारोबारियों के खिलाफ 23 नवंबर को शुरू हुई आयकर विभाग की कार्रवाई शनिवार चौथे दिन भी जारी रही। चार दिन के सर्च के दौरान विभाग के अधिकारियों को कारोबारियों के ठिकानों पर करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्ति के दस्तावेज और 14 किलो से अधिक सोने की ज्वेलरी मिली है।
बता दें कि विभाग की टीम एक्मे और अरिहंत ग्रुप्स के करीब 20 ठिकानों पर कार्रवाई की। यह कार्रवाई अंतिम दौर में चल रही है। विभाग की टीम अब कारोबारियों के स्टेमेंट को रिकॉर्ड कर रही है, जिसमें उनके यहां मिले दस्तावेजों के साथ नकदी और जेवर के बारे में पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई को संभवत: रविवार तक पूरा कर लिया जाएगा। अब तक विभाग की टीम ने अपनी कार्रवाई में 170 करोड़ से अधिक की अघोषित संपत्ति, 14 किलो सोन बैंक के लॉकर्स और कैश सहित अन्य बेनामी संमत्ति के दस्तावेज जब्त किए।
कारोबारी के कई ठिकानों पर दबिश...
कारोबारी कालूलाल जैन के यहां टीम की सर्च कार्रवाई में उदयपुर सहित मुंबई के ठिकानों पर भी दबिश दी गई थी, जिसमें कई बड़े प्रोजेक्ट में इन्वेस्टमेंट से जुड़े दस्तावेज इनकम टैक्स की टीम के हाथ लगे हैं। इनकम टैक्स को कालूलाल जैन और उसके सहयोगियों के पास से 17 से ज्यादा अघोषित लॉकर भी मिले हैं। अब तक की ज्यादात्तर अघोषित संपत्तियां पंकज जैन की मिली हैं।
लोन देने की फाइलें भी मिलीं...
सभी जगह टीमें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ ही बड़ी प्रॉपर्टी के दस्तावेजों की जांच कर रही है। सॉफ्ट स्टोन कारोबार में इन्वेस्टमेंट के साथ ही मोटे ब्याज पर कई लोगों को लोन देने की फाइलें भी मिली हैं। पूछताछ के जरिए टीमें हवाला के पैसों से खरीदी गई जमीनों के दस्तावेजों की जांच कर रही है। आय के बारे में विस्तार से जानकारी ले रही हैं। वहीं, कालूलाल की शहर के आसपास में ही करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की जमीनें हैं। कालूलाल की काया, बलीचा, तितरड़ी और नेला एरिया में प्रॉपर्टी है। ऋषभदेव में दो मार्बल माइंस और क्रेशर प्लांट भी हैं।
निर्मल और रमेश के पास फाइनेंस का काम...
वहीं, एक्मे ग्रुप के निर्मल जैन और रमेश जैन का उदयपुर में हाउसिंग फाइनेंस का काम ज्यादा है। निर्मल की सवीना में एक्मे रियल एस्टेट का कारोबार है। हालांकि, पिछले लंबे समय से उनका कई लोगों से इन्वेस्टमेंट पर विवाद चल रहा है। बताया जा रहा है कि कालूलाल जैन के जरिए ही निर्मल और रमेश ने प्रॉपर्टी में बडा इन्वेस्टमेंट किया है। इधर, इनकम टैक्स की कार्रवाई के दौरान ही एक कारोबारी पंकज जैन की तबियत बिगड़ गई, जिसे चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। विभाग की एक टीम चिकित्सालय में मौजूद है।