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Udaipur: एकलिंगजी से जगदीश मंदिर पहुंची ज्योति कलश संस्कृति यात्रा, गंगा आरती के साथ किया नवसंवत्सर का स्वागत
Sun, 30 Mar 2025 11:32 AM IST
उदयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Mar 2025 11:32 AM IST
सार
अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, आलोक संस्थान, नगर निगम उदयपुर और सर्व समाज संगठनों के तत्वावधान में ज्योति कलश संस्कृति चेतना यात्रा एकलिंगजी मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जगदीश मंदिर पहुंची।
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कलश यात्रा का स्वागत करती महिलाएं एवं गंगा आरती
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विस्तार
उदयपुर में अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, आलोक संस्थान, नगर निगम उदयपुर और सर्व समाज संगठनों के तत्वावधान में ज्योति कलश संस्कृति चेतना यात्रा का शनिवार को भव्य आयोजन हुआ। एकलिंगजी मंदिर से शुरू हुई यात्रा में ढोल-नगाड़ों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। यात्रा का शुभारंभ महामंडलेश्वर सोमेश्वर गिरी, डॉ. प्रदीप कुमावत और महाराज रतलाम श्रीराम लक्ष्मण सिंह द्वारा ज्योति प्रज्वलित कर किया गया।
यात्रा अमरखजी महादेव, अंबेरी, सुखेर, भुवाणा, आर.के. सर्किल, फतेहपुरा, हाथीपोल, घंटाघर होते हुए जगदीश मंदिर पहुंची। विभिन्न स्थानों पर समाजों और संगठनों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। फतेहपुरा में अखाड़ा प्रदर्शन हुआ, जबकि जगदीश चौक पर विप्र फाउंडेशन के तत्वाधान में संध्या आरती संपन्न हुई। इसके बाद सप्त ज्योतियों का समागम गणगौर घाट पर हुआ, जहां गंगा आरती के साथ सम्वत् 2081 को विदाई दी गई।
ये भी पढ़ें: Rajasthan News: नवरात्र के साथ ही आज राजस्थान स्थापना दिवस भी, जानिये सात चरणों कैसे यहां तक पहुंचा प्रदेश
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राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि यात्रा को जनसमर्थन देखकर भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता स्पष्ट नजर आई। उन्होंने सभी से नव संवत्सर को भारतीय नववर्ष के रूप में मनाने का आग्रह किया। इस अवसर पर संत समाज, विप्र फाउंडेशन, बजरंग सेना, भारत विकास परिषद सहित कई संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आज होंगे शुभकामना कार्यक्रम
आज सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही आलोक संस्थान के छात्र-छात्राएं शहर के प्रमुख चौराहों पर तिलक लगाकर, नीम की कोपलें और मिश्री खिलाकर लोगों को नवसंवत्सर की शुभकामनाएं देंगे। साथ ही हल्दी-चंदन युक्त तिलक लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। विद्यार्थियों द्वारा 20,000 शुभकामना पत्रक वितरित किए जाएंगे और प्रत्येक परिवार से अपने घरों में पांच दीपक प्रज्वलित करने का आग्रह किया जाएगा।
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यात्रा अमरखजी महादेव, अंबेरी, सुखेर, भुवाणा, आर.के. सर्किल, फतेहपुरा, हाथीपोल, घंटाघर होते हुए जगदीश मंदिर पहुंची। विभिन्न स्थानों पर समाजों और संगठनों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। फतेहपुरा में अखाड़ा प्रदर्शन हुआ, जबकि जगदीश चौक पर विप्र फाउंडेशन के तत्वाधान में संध्या आरती संपन्न हुई। इसके बाद सप्त ज्योतियों का समागम गणगौर घाट पर हुआ, जहां गंगा आरती के साथ सम्वत् 2081 को विदाई दी गई।
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राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि यात्रा को जनसमर्थन देखकर भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता स्पष्ट नजर आई। उन्होंने सभी से नव संवत्सर को भारतीय नववर्ष के रूप में मनाने का आग्रह किया। इस अवसर पर संत समाज, विप्र फाउंडेशन, बजरंग सेना, भारत विकास परिषद सहित कई संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आज होंगे शुभकामना कार्यक्रम
आज सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही आलोक संस्थान के छात्र-छात्राएं शहर के प्रमुख चौराहों पर तिलक लगाकर, नीम की कोपलें और मिश्री खिलाकर लोगों को नवसंवत्सर की शुभकामनाएं देंगे। साथ ही हल्दी-चंदन युक्त तिलक लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। विद्यार्थियों द्वारा 20,000 शुभकामना पत्रक वितरित किए जाएंगे और प्रत्येक परिवार से अपने घरों में पांच दीपक प्रज्वलित करने का आग्रह किया जाएगा।

गंगा आरती