Rajasthan: जेपी नड्डा की नई टीम में वसुंधरा का कद बरकरार, अलका को जगह देकर गुर्जर समाज को साधा, बंसल को भी पद
भाजपा अध्यक्ष जेपी नेड्डा ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में राजस्थान के तीन नेताओं को जगह दी गई है। जो लोकसभा चुनाव अपनी भूमिका निभाएंगे।
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भारतीय जनता पार्टी मिशन 2024 की तैयारियों में जुट गई है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसके लिए अपनी टीम का ऐलान भी कर दिया है। राजस्थान के तीन नेताओं को नड्डा की नई टीम में जगह मिली है। इनमें पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, सुनील बंसल और डॉक्टर अलका गुर्जर का नाम शामिल है।
हालांकि, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे पहले से ही पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थीं, उनके पद को बरकरार रखा गया है। जबकि अलका गुर्जर को राष्ट्रीय सचिव और सुनील बंसल को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। डॉक्टर अलका को केंद्रीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह देकर भाजपा ने राजस्थान के गुर्जर समाज को साधने का काम किया है। क्योंकि, इसी साल राजस्थान में चुनाव होने और प्रदेश में गुर्जर समाज का बड़ा वोट बैंक हैं।
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एंव शुभकामनाएं। पुनः मुझे राष्ट्रीय सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने हेतु शीर्ष नेतृत्व का कोटि कोटि आभार।
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#जय_भाजपा @blsanthosh pic.twitter.com/hXpswnXbq0— Dr. Alka Gurjar (@alka_gurjar) July 29, 2023
इसके अलावा राजस्थान से ही सुनील बंसल को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। इससे पहले सुनील बंसल को 2024 लोकसभा चुनाव के लिए महासंपर्क अभियान का यूपी प्रभारी भी नियुक्त किया गया था। अभी तक बंसल की प्रदेश राजनीति में कोई सक्रिय भागीदारी नहीं थी। लेकिन, पिछले कुछ महीनों से कयास लगाए जा रहे है कि उन्हें राजस्थान में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
वहीं, राष्ट्रीय कार्यकारणी में वसुंधरा राजे का कद बरकरार रखने से ये साफ हो गया है कि पार्टी उन्हें साथ लेकर चलना चाहती थी। राजस्थान में चुनाव होने हैं ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बड़ी भूमिका अदा करेंगी।
जानिएं कौन हैं अलका गुर्जर?
डॉ. अलका गुर्जर ने भाजपा के टिकट पर पहली बार 2013 में बांदीकुई से चुनाव लड़ा था। जीत के बाद वे विधायक बनी और पहली बार विधानसभा पहुंची। इसके बाद वे ये विधायक बनी थी। 2018 के चुनाव में भाजपा ने अलका का टिकट काट दिया, इसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया, लेकिन पार्टी के दबाव में पीछे हट गईं। राष्ट्रीय सचिव बनाई गईं पूर्व विधायक अलका इससे पहले सह-प्रभारी दिल्ली, प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं।