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Rajasthan: चित्तौड़ डेयरी में एमडी पद को लगा ग्रहण, 17 माह में 7 बदले, प्रभावित हो रहे कार्य; जानें इसकी वजह
Thu, 13 Feb 2025 07:05 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Thu, 13 Feb 2025 07:05 PM IST
सार
Rajasthan: चित्तौड़ डेयरी में अधिकारियों के ट्रांसफर का आलम इस स्तर पर रहा कि कोई एक माह में तो कोई छठे दिन में ही बदल गया। चित्तौड़ डेयरी में लगाए गए प्रबंध निदेशक डॉक्टर भरत सिंह का कार्यकाल मात्र 5 दिन का रहा। दो एमडी ऐसे भी हैं जो केवल एक से दो माह में ही स्थानांतरण होकर चले गए।
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चित्तौड़ डेयरी में एमडी पद को लगा ग्रहण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, उसके बाद से ही चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़ दुग्ध उत्पादक संघ (चित्तौड़ डेयरी) में उथल-पुथल मची हुई है। यहां पर प्रबंध संचालक (एमडी) के पद को ग्रहण सा लग गया है। एमडी के लगातार तबादले हो रहे हैं।
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चित्तौड़ डेयरी ने करीब 17 माह में 7 एमडी देख लिए हैं। वह भी तब जब सहकारिता मंत्री चित्तौड़गढ़ जिले से तो तीन अन्य विधायक व सांसद भी भाजपा से हैं। लगातार अधिकारी बदले जाने के कारण चित्तौड़ डेयरी में काम-काज प्रभावित हो रहा हैं।
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जानकारी में सामने आया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद चित्तौड़ डेयरी में काफी खींचतान देखने को मिली है। विधानसभा चुनाव से पहले और बाद में लगातार चित्तौड़ डेयरी सुर्खियों में रही। यहां हुए काम काज की शिकायतें आगे तक हुई और जांच भी बैठी है। कुछ दिनों से अंदरखाने चित्तौड़ डेयरी में शांति दिखाई दे रही थी। लेकिन बुधवार को ही राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के आदेश ने फिर से हलचल मचा दी।
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इसमें चित्तौड़गढ़ डेयरी के एमडी के रूप में प्रमोद चारण को लगा दिया। इसके बाद फिर चर्चाओं का दौरा शुरू हो गया है। करीब 17 माह में ही चित्तौड़गढ़ डेयरी प्रमोद चारण के रूप में सातवां एमडी देख रही है। लगातार एमडी के हो रहे स्थानांतरण से कहीं ना कहीं चित्तौड़ डेयरी के साथ ही जिले के जनप्रतिनिधियों में खींचतान महसूस की जा रही है।
ऐसे में डेयरी के काम प्रभावित हो रहे हैं। इसका सीधा नुकसान किसानों के अलावा डेयरी के विकास पर भी पड़ रहा है। वहीं बात की जाए तो प्रदेश में भाजपा की सरकार है। वहीं जिले के चार विधायक व सांसद भी भाजपा के हैं और सभी दिग्गज नेता है।
इस तरह बदलते रहे एमडी
चित्तौड़ डेयरी में एमडी इस तरह बदले कि कर्मचारी भी समझ नहीं पाए। यहां एमडी के पद से 9 अक्टूबर 2023 को मदनलाल रिलीव हुवे। इसी दिन डॉ भरतसिंह ने चार्ज संभाला था। भरतसिंह का तीन माह का कार्यकाल रहा और 19 जनवरी 2024 को रिलीव हो गए। नए एमडी के रूप में 20 जनवरी को पुनः मदनलाल ने कार्यभार संभाला।
इसके एक माह में ही 22 फरवरी को इनका ट्रांसफर होकर रिलीव हो गए। नए एमडी के रूप सुरेश कुमार सेन ने इसी दिन कमान संभाली। लेकिन 8 माह बाद ही 16 अक्टूबर को उनका भी ट्रांसफर हो गया। वहीं 17 अक्टूबर 2024 को डॉ भरतसिंह ने कमान संभाली। इनका दूसरा कार्यकाल मात्र छह दिन का रहा। छठे दिन 22 अक्टूबर को ट्रांसफर आदेश आ गया। वहीं 23 अक्टूबर 2024 को नए एमडी के रूप में बिमल कुमार पाठक ने कार्यभार संभाला। पाठक का भी चार माह में ही ट्रांसफर हो गया और नए एमडी के रूप में श्रीमती प्रमोद चारण को लगा दिया।
दो माह से नहीं बैठे थे पाठक
सूत्रों की माने चार माह के कार्यकाल में एमडी बिमल कुमार पाठक बहुत ही कम चित्तौड़ डेयरी आए। डेयरी को लेकर जनप्रतिनिधियों में चल रही खींचतान या और कोई कारण माने कि गत दो माह से पाठक चित्तौड़ डेयरी में बैठे ही नहीं थे। इससे कहीं ना कहीं यह माना जा सकता है कि राजनीतिक दबाव अधिक था।
चित्तौड़ डेयरी में कांग्रेस का बोर्ड
चित्तौड़ डेयरी में कांग्रेस समर्थित बद्रीलाल जाट जगपुरा चेयरमैन है, जो कि बड़ीसादड़ी विधानसभा से गौतम दक के खिलाफ कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। चुनाव जीतने के बाद दक प्रदेश सरकार में सहकारिता मंत्री बने हैं। वहीं चित्तौड़ डेयरी में पूर्व विधायक एवं पूर्व डेयरी चेयरमैन बद्रीलाल जाट सिंहपुर की भी काफी दखलंदाजी देखने को मिली है। ऐसे में कहीं ना कहीं राजनीतिक कारणों से चित्तौड़ डेयरी में अस्थिरता मानी जा रही है।
अभी जो एमडी लगाए हैं उन्हें भी अतिरिक्त चार्ज दिया है तथा स्थाई नहीं है। पहले भी एमडी के मामले में यही स्थिति थी। स्थाई एमडी के नहीं बैठने से रूटीन कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों व मार्केट का भुगतान नहीं हो पा रहा है। चित्तौड़गढ़ डेयरी की व्यवस्थाएं चरमरा रही है। यह सरकार विफलता है। चित्तौड़गढ़ डेयरी में सरकार में बैठे लोगों का हस्तक्षेप ज्यादा है। इस कारण लगातार एमडी बदले जा रहे हैं।