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जयपुर मेयर पद पर भाजपा में कशमकश जारी: पार्षदों से गुप्त रायशुमारी, पर्ची पर मांगी गईं तीन पसंद
Fri, 18 Sep 2026 08:15 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 08:15 PM IST
सार
जयपुर नगर निगम में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद मेयर पद के चेहरे को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है। शुक्रवार को पार्षदों से गुप्त रायशुमारी कर तीन पसंदीदा नाम लिखने को कहा गया।
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भाजपा प्रदेश मुख्यालय, जयपुर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
राजस्थान की राजधानी जयपुर में नगर निगम के मेयर पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर असमंजस की स्थिति लगातार बनी हुई है। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व की ओर से पार्षदों को साधने और उनकी राय जानने की कवायद तेज कर दी गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को पार्षदों से गुप्त तरीके से रायशुमारी किए जाने की सूचना सामने आई। पार्षदों से कहा गया कि वे पर्ची पर मेयर पद के लिए अपनी तीन वरीयताएं लिखकर दें। हालांकि, बताया जा रहा है कि कई पार्षदों ने नाम लिखने के बजाय पर्चियां खाली छोड़ दीं। इससे पार्टी के भीतर चल रही कशमकश और बढ़ गई।
78 पार्षदों के बावजूद मेयर चेहरे पर असमंजस
जयपुर नगर निगम में भाजपा के 78 पार्षद निर्वाचित हुए हैं और पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है। इसके बावजूद मेयर पद के चेहरे को लेकर सहमति नहीं बन पाना भाजपा के लिए चुनौती बना हुआ है। पार्टी के भीतर मेयर पद के संभावित दावेदारों की संख्या एक दर्जन से अधिक बताई जा रही है। इनमें कुछ नाम दिल्ली स्तर से सामने आने की चर्चा है, जबकि कुछ नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों और स्वयं पार्षदों की ओर से सुझाए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि इन संभावित नामों में से पार्टी किसे मेयर पद का उम्मीदवार बनाती है।
पार्षदों को पुष्कर ले जाने की भी चर्चा
इधर, भाजपा के पार्षदों को देर रात पुष्कर ले जाने की चर्चा भी सामने आ रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सभी पार्षदों को एक साथ पुष्कर ले जाया जाएगा या कुछ पार्षदों को जयपुर में ही रखा जाएगा। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि पार्षदों की एकजुटता बनाए रखने और मेयर चुनाव से पहले किसी तरह की संभावित जुगलबंदी को रोकने के लिए उन्हें एक जगह रखा जा सकता है।
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ये भी पढ़ें- बहरोड़ में शपथ ग्रहण पर बवाल: कांग्रेस पार्षदों को रोकने पर भड़के विधायक, एएसपी से धक्का-मुक्की का आरोप
गहलोत के दो-दो करोड़ के आरोप से भी बढ़ी हलचल
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से पार्षदों को दो-दो करोड़ रुपये का प्रलोभन दिए जाने के आरोप ने भी सियासी हलचल बढ़ा दी है। गहलोत ने हालिया बयान में नगरीय निकाय चुनावों के दौरान पार्षदों को भारी रकम के प्रलोभन दिए जाने का आरोप लगाया है। इस बयान के बाद भाजपा के पार्षदों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मेयर पद को लेकर अब पार्टी की अंतिम रणनीति और उम्मीदवार के नाम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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78 पार्षदों के बावजूद मेयर चेहरे पर असमंजस
जयपुर नगर निगम में भाजपा के 78 पार्षद निर्वाचित हुए हैं और पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है। इसके बावजूद मेयर पद के चेहरे को लेकर सहमति नहीं बन पाना भाजपा के लिए चुनौती बना हुआ है। पार्टी के भीतर मेयर पद के संभावित दावेदारों की संख्या एक दर्जन से अधिक बताई जा रही है। इनमें कुछ नाम दिल्ली स्तर से सामने आने की चर्चा है, जबकि कुछ नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों और स्वयं पार्षदों की ओर से सुझाए जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में अब बड़ा सवाल यही है कि इन संभावित नामों में से पार्टी किसे मेयर पद का उम्मीदवार बनाती है।
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पार्षदों को पुष्कर ले जाने की भी चर्चा
इधर, भाजपा के पार्षदों को देर रात पुष्कर ले जाने की चर्चा भी सामने आ रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सभी पार्षदों को एक साथ पुष्कर ले जाया जाएगा या कुछ पार्षदों को जयपुर में ही रखा जाएगा। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि पार्षदों की एकजुटता बनाए रखने और मेयर चुनाव से पहले किसी तरह की संभावित जुगलबंदी को रोकने के लिए उन्हें एक जगह रखा जा सकता है।
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गहलोत के दो-दो करोड़ के आरोप से भी बढ़ी हलचल
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से पार्षदों को दो-दो करोड़ रुपये का प्रलोभन दिए जाने के आरोप ने भी सियासी हलचल बढ़ा दी है। गहलोत ने हालिया बयान में नगरीय निकाय चुनावों के दौरान पार्षदों को भारी रकम के प्रलोभन दिए जाने का आरोप लगाया है। इस बयान के बाद भाजपा के पार्षदों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मेयर पद को लेकर अब पार्टी की अंतिम रणनीति और उम्मीदवार के नाम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।