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ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी होगी शिक्षकों की कमी
जयपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 12 Nov 2012 04:51 PM IST
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शहर और कस्बा क्षेत्र के स्कूलों में बिना जरूरत के रूके हुए शिक्षकों को अब गांव में नौकरी करनी पड़ेगी। इन्हें शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों में नियुक्त किया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा अधिकार कानून की पालना में इन अधिशेष अध्यापकों को ढूंढ कर अन्य विद्यालयों में भेजने की तैयारी की जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के पूरा होने और शिक्षण व्यवस्था में सुधार होने की बात कही जा रही है।
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इन अधिशेष शिक्षकों को माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में से ढूंढा जा रहा है। इन दिनों इन स्कूलों से मिडिल स्तर की कक्षाओं को अलग कर तृतीय श्रेणी शिक्षकों को प्रारम्भिक शिक्षा विभाग के सेटअप में लाने की कवायद की जा रही है। जानकारों का कहना है कि निदेशालय स्तर पर अगले माह इस कवायद को पूरा कर लिया जाएगा। इसके जरिए शिक्षा अधिकार कानून के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों को लगाया जाएगा।
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अभी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षण व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। यहां विद्यालयों में शिक्षकों की काफी कमी है। उस पर शहरी क्षेत्र के शिक्षक गांवों के विद्यालयों में नौकरी करने से कतराते हैं। अधिशेष शिक्षकों की नियुक्ति का फायदा ग्रामीण क्षेत्र और दूरदराज के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शिक्षकों की उपलब्धता होने पर मिलेगा। हालांकि हाल ही में पंचायतीराज की ओर से प्रदेशभर में करीब तीस हजार शिक्षकों में से अधिकतर को ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में ही नियुक्ति दिए जाने से गांवों के स्कूलों की हालत में सुधार हुआ है।
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