Shahpura News: नाबालिग से दुष्कर्म कर कोयले की भट्ठी में जलाने का मामला, पॉक्सो कोर्ट ने दो को माना दोषी
नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर कोयले की भट्टी में जलाने के मामले में न्यायालय सोमवार को दोषी दोनों मुख्य आरोपी कालू और कान्हा को सजा सुना सकती है।
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शाहपुरा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र के गिरिडिया ग्राम में नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर कोयले की भट्टी में जलाने के मामले में शनिवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया। वहीं सबूतों के अभाव में सात को बरी किया गया। बरी करने के मामले को लेकर उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। पूरे मामले में फैसला सोमवार को कोर्ट में सुनाया जाएगा।
शाहपुरा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र में 2 अगस्त 2023 को अपने खेत पर बकरियां चराने गई नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर जिंदा कोयले की भट्टी में जलाने के मामले में शनिवार को भीलवाड़ा पॉक्सो कोर्ट ने दो आरोपियों पर दोषी करार दिया। वहीं, सबूतों के अभाव में सात महिला-पुरुष को दोष मुक्त किया गया। न्यायालय सोमवार को दोषी दोनों मुख्य आरोपी कालू और कान्हा को सजा सुना सकती है।
इस मामले में राज्य सरकार की ओर से नियुक्त जयपुर निवासी विशेष लोक अभियोजक महावीर किसनावत ने कहा कि इस मामले में 9 महिला-पुरुष आरोपियों का ट्रायल पॉक्सो कोर्ट में जारी था। इस दौरान सरकार की ओर से 43 गवाहों के बयान पंजीबद्ध करवाए गए।
स्पेशल पीपी ने कहा कि इस मामले में न्यायालय ने दो मुख्य सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के आरोपी कालू और कान्हा को दोषी करार देते हुए सात आरोपियों को बरी (दोष मुक्त) कर दिया गया है। इस मामले की जांच कोटड़ी के तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक श्याम सुंदर बिश्नोई ने की थी। वहीं, मॉनिटरिंग एडीजी क्राइम दिनेश एमएम व अजमेर रेंज आईजी लता मनोज ने की थी।
मामले की पैरवी कर रहे सरकार की ओर से नियुक्त जयपुर निवासी पीपी महावीर किशनावत ने कहा कि दो अगस्त 2023 को कोटड़ी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर जिंदा कोयले की भट्ठी में जला दिया था। इस मामले में दोनों सगे भाई कालू और कान्हा ने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने एक महीने में न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। शनिवार को न्यायालय ने सात आरोपियों को बरी करते हुए मुख्य दोनों सगे भाई मुलजिम कालू व कान्हा पर दोष सिद्ध करार दिया। वहीं, जिन सात आरोपियों को बरी किया है, इसकी हम हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से अपील करेंगे। आखिर कहां खामी रह गई, जिससे सात आरोपी बरी हो गए?
पीड़ता की मां की आंख से छलके आंसू
शनिवार को इस फैसले के दौरान पीड़िता की मां न्यायालय में मौजूद थी। पीड़िता की मां को सात आरोपियों को बरी करने की बात पता चला तो उसकी आंखों से आंसू बहने लगे। मृतका की मां ने कहा कि मैं तो सभी आरोपियों के लिए फांसी की मांग कर रही थी। इन्होंने मेरी बच्ची के साथ दुष्कर्म कर कोयले की भट्ठी में जला दिया। अब हमें और डर सताने लग गया कि इन आरोपियों के जेल से बाहर आने के बाद हम खेत पर कैसे जाएंगे।