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स्कूल में टायलेट न होने से बीमार पड़ी प्रिंसिपल, एम्स में हुई भर्ती

Tue, 08 Sep 2015 09:05 AM IST
Updated Tue, 08 Sep 2015 09:05 AM IST
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school principal admit in aiims reason of no toilet in school

प्रधानमंत्री मोदी स्वच्छता को लेकर जो अभियान चला रहे हैं उसका असर दूर दराज के क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है। यही कारण है कि राजस्थान के बीकानेर के एक प्राथमिक स्कूल की प्रधानाचार्या स्कूल में शौचालय न होने के कारण इस कदर बीमार पड़ी की अपनी जान बचाने के लिए उन्हें एम्स जैसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। मामला राजस्थान के अलवर जिले का है।

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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार अलवर जिले के काकराली मेओ गांव के सरकारी स्कूल का है। जहां कुछ दिन पहले ही प्रमोशन पाकर पुष्पा कुंदनानी प्रधानाचार्या के पद पर ज्वाइन किया था।
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स्कूल में तैनाती के बाद उन्हें पता चला कि यहां शौचालय ही नहीं है। उन्होंने इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग को भी लिखा और शौचालय निर्माण कराने की मांग की। लेकिन इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं हुई।
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कागजों में आदर्श विद्यालय पर टायलेट नहीं

school principal admit in aiims reason of no toilet in school

प्रधानाचार्या कुंदनानी के पति डा. मोहन लाल सिंधी बताते हैं कि दानदाताओं ने स्कूल में विभिन्न चीजों जैसे बैठने के लिए सीटों और कारपेट की व्यवस्‍था तो कराई लेकिन शौचालय निर्माण की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने बताया कि इस वजह से कई बार अन्य टीचर और छात्र-छात्राएं खुले में टायलेट या शौच के लिए चले जाते थे लेकिन पुष्पा कुंदनानी को यह बात रास नहीं आई।

इसलिए वह स्कूल ड्यूटी के दौरान कभी टायलेट नहीं गई। नतीजतन लगातार टायलेट रोकने के कारण उन्हें किडनी की दिक्‍कत हो गई। जिसके कारण उनकी तबियत बिगड़ी तो उन्हें अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

600 बच्चों वाले स्कूल में नहीं है कोई शौचालय

school principal admit in aiims reason of no toilet in school

लेकिन इन्फेक्‍शन ज्यादा बढ़ने के कारण डॉक्टर्स ने उन्हें दिल्‍ली स्थित एम्स के लिए ट्रांसफर कर दिया। जहां वो आईसीयू में भर्ती हैं। डॉक्टरों का कहना था कि लगातार टायलेट को नजरअंदाज करने के कारण उनकी किडनियों में संक्रमण हो गया।

हालांकि वहां इलाज के दौरान उनकी हालत में कुछ सुधार है। वहीं सरकारी अभिलेखों के अनुसार जिस स्कूल में पुष्पा पढ़ाती हैं वो आदर्श विद्यालय के तौर पर दर्ज है।

लेकिन हकीकत में तस्वीर कुछ और ही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्कूल में 600 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन एक भी शौचालय नहीं हैं। वहीं इस वाकये के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ओम प्रकाश शर्मा ने स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल विकास समिति को यहां शौचालय निर्माण के लिए बजट मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

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