राजस्थान: रणथंभौर में बाघ T-108 के चेहरे पर चोट के निशान, दूसरे नर बाघ से संघर्ष की आशंका
राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघ टी-108 के चेहरे के पास चोट के निशान मिलने से वन विभाग सतर्क हो गया है। रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह के अनुसार, शुरुआती आकलन में आशंका है कि किसी दूसरे नर बाघ के साथ क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर हुए संघर्ष में टी-108 घायल हुआ हो सकता है।
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राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघ टी-108 के चेहरे के पास चोट के निशान मिलने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। शुरुआती आकलन में आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर किसी दूसरे नर बाघ के साथ हुए संघर्ष में वह घायल हुआ है। हालांकि, चोट लगने के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग की फील्ड टीम और पशु चिकित्सा टीम बाघ की गतिविधियों और स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रही हैं।
चेहरे पर चोट के निशान मिलने से वन विभाग सतर्क
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि बाघ टी-108 के चेहरे के पास चोट के निशान देखे गए हैं। प्रारंभिक आकलन के आधार पर आशंका है कि किसी अन्य नर बाघ के साथ क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर हुए संघर्ष के दौरान उसे चोट लगी हो सकती है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बाघ को चोट किस परिस्थिति में लगी।
फील्ड टीम लगातार ट्रैक कर रही बाघ की गतिविधियां
बाघ टी-108 की स्थिति पर नजर रखने के लिए वन विभाग की फील्ड टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। टीम उसकी गतिविधियों और मूवमेंट को ट्रैक कर रही है, ताकि उसकी स्थिति का आकलन किया जा सके। वहीं, पशु चिकित्सा टीम भी बाघ के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर विभाग की नजर
वन विभाग क्षेत्र में अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों की भी निगरानी कर रहा है। विभाग के अनुसार, वन्यजीवों का संरक्षण और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाघ टी-108 के स्वास्थ्य और गतिविधियों पर आगे भी लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि उसकी स्थिति में होने वाले बदलावों का समय रहते पता लगाया जा सके।