Clean City: स्वच्छता में इंदौर को टक्कर देता है यह शहर, छठी बार भी टॉप पर, गंदगी की फोटो भेजने पर मिला था इनाम
Rajasthan Clean City: स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 में डूंगरपुर लगातार छठी बार प्रदेश का सबसे साफ शहर बना है। एक लाख से कम आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में डूंगरपुर को प्रदेश में नंबर वन का खिताब मिला है।
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Rajasthan Clean City: स्वच्छता में लगातार नंबर वन बन रहे इंदौर की जमकर तारीफ होती है, लेकिन राजस्थान का डूंगरपुर (Dungarpur) शहर इसे लगातार टक्कर दे रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 (Sanitation Survey 2023) में डूंगरपुर लगातार छठी बार प्रदेश का सबसे साफ शहर बना है। एक लाख से कम आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में डूंगरपुर को प्रदेश में नंबर वन का खिताब मिला है। नई दिल्ली में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण रिजल्ट के कार्यक्रम में डूंगरपुर के वर्तमान सभापति अमृत कलासुआ ने स्वच्छता सर्वे का सर्टिफिकेट हासिल किया।
डूंगरपुर को प्रदेश का सबसे साफ शहर बनाने में यहां के सफाईकर्मचारियों का बड़ा योगदान है। शहर के 200 सफाई कर्मचारी शहर में रातभर सफाई करते हैं। रात में सफाई करने का यह सिलसिला आठ साल पहले शुरू हुआ था, जो आज भी चल रहा है।
नगर परिषद के सभापति केके गुप्ता शुरू की थी मुहिम
डूंगरपुर को क्लीन सिटी बनाने की मुहिम आठ साल पहले नगर परिषद के तत्कालीन सभापति केके गुप्ता ने शुरू की थी। स्वच्छता को लेकर शहर के लोगों स्कूली बच्चों, महिलाओं को जागरूक किया और फिर शहर साफ बनाने की मुहिम शुरू हुई। शहर के पार्षदों और सफाई कर्मचारियों के साथ बात कर रात में सफाई करने की योजना बनाई गई। इसके बाद से शहर के 200 सफाई कर्मचारी रात में ही सफाई करने निकलते हैं, सुबह चार बजे तक काम खत्म कर घर चले जाते हैं।

50 रुपये का दिया गया इनाम
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कई प्रयोग, नवाचार कर सख्ती भी की गई। सड़क, नाली और खाली प्लॉट में पड़ी गंदगी की फोटो खींचकर भेजने या फिर शिकायत करने पर 50 रुपये का इनाम दिया जाता था। इसका फायदा ये हुआ कि लोगों ने इन जगहों पर कचरा फेंकना बंद कर दिया और सफाई पर भी नजर रखने लगे। साथ ही कचरा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी गई। प्लॉट या दुकान के बार कचरा फेंकने पर मालिकों पर जुर्माना भी लगाया गया। नगर परिषद द्वारा यह सख्ती अभी भी जारी है।

हर दिन निकला है 20 टन से ज्यादा कचरा
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर परिषद ने जमीनी स्तर से शुरुआत की। लोग गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखें, इसके लिए शहर के 40 वार्डों में बाल्टियां बांटी गईं। लोग दोनों तरह का कचरा अलग-अलग रखने लगे, इससे सफाई कर्मचारियों को लाभ हुआ। कर्मचारी सुबह छह बजे से गाड़ियां लेकर शहर में निकलते हैं और कचरा एकत्रित कर भंडारिया कचरा संग्रहण केंद्र ले जाते हैं। इस दौरान शहर से रोजाना 20 टन से ज्यादा कचरा इकट्ठा होता है।