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Rajasthan: पायलट का गहलोत के 'बड़ा कोरोना' बयान पर पलटवार, कहा- जो सुन नहीं सकते वो ना बोलें, नहीं तो...

Fri, 20 Jan 2023 06:19 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 20 Jan 2023 06:19 PM IST
सार

सचिन पायलट बोले- मैं कोई प्रोफेसर और मास्टर नहीं हूं, लेकिन मैं आपके बीच आया हूं, आपसे बड़ा हूं। मेरा दायित्व बनता है कि मैं आपको सही बात बोलूं। आपकी परवरिश ऐसी होनी चाहिए कि आप लोगों का मान सम्मान करो, लोगों को इज्जत बख्शो। इज्जत दोगे तो इज्जत मिलेगी।

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Sachin Pilot attacked CM Ashok Gehlot on big corona statement In Rajasthan
सचिन पायलट ने अशोक गहलोत पर किया पलटवार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जयपुर के महाराजा कॉलेज ग्राउंड पर स्टूडेंट्स और युवाओं को संबोधित करते हुए पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा- पिछले 5 दिन से मैंने जिन बातों पर भाषण दिया है, वो मुद्दे किसान, नौजवान और स्टूडेंट्स के हैं। वो किसी के ऊपर व्यक्तिगत आरोप नहीं हैं। व्यक्तिगत आलोचना करना, गाली गलौच करना, कठोर शब्द बोल देना आसान काम है।

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जो शब्द अपने लिए नहीं सुन सकते, दूसरों को नहीं बोलें
पायलट ने सीएम गहलोत का नाम लिए बिना मंच से निशाना साधते हुए कहा- राजनीति में जो मेरे सामने चुनाव लड़ते हैं, जो मेरा विरोध करते हैं, मैंने हमेशा उनको मान-सम्मान दिया है। मैंने उनकी प्रशासनिक कार्यवाहियों, नीतियों, काम करने के तरीकों और उनके भ्रष्टाचार को उजागर करने का काम किया है। लेकिन मैंने कभी भी अपने विरोधियों के लिए उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया, जो शब्द मैं अपने लिए नहीं सुनना चाहता। ये बड़ा अच्छा फॉर्म्यूला है। जो शब्द और बातें आप अपने लिए नहीं सुन सकते, वो औरों को नहीं बोलने चाहिए।
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आप सब जानते हो मेरे बारे में क्या-क्या बोला
सचिन पायलट ने फिर बिना नाम लिए गहलोत पर तंज कसा और कहा- पब्लिक सेंटीमेंट पर आप पटखनी दो तो लोग ताली बजाते हैं। किसी का अपमान कर देना, छोटी- मोटी बात बोल देना, आप सब (युवा-स्टूडेंट्स) जानते हो मेरे बारे में क्या क्या बोला ? तो युवाओं की आवाज आई- 'बड़ा कोरोना'।  फिर पायलट बोले- जो पहले बोला वो बताओ- फिर से आवाज आई- 'नाकारा और निकम्मा' ।
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इज्जत दोगे तो इज्जत मिलेगी
सचिन पायलट बोले- मैं कोई प्रोफेसर और मास्टर नहीं हूं। लेकिन मैं आपके बीच आया हूं। मैं आपसे बड़ा हूं। मेरा दायित्व बनता है कि मैं आपको सही बात बोलूं। आपके संस्कारों को जगाऊं। आपकी परवरिश ऐसी होनी चाहिए कि आप लोगों का मान सम्मान करो, लोगों को इज्जत बख्शो। इज्जत दोगे, तो इज्जत मिलेगी। आप इस कैम्पस में पढ़ रहे हो, बहुत खुशकिस्मत हो। ऐसे लाखों-करोड़ों बच्चे हैं जिन्हें इन कॉलेजों की चारदीवारी नसीब नहीं है। आपको यह अवसर, माहौल और अच्छे वातावरण में पढ़ने का वरदान मिला है, इसका अच्छा उपयोग करें। अपने व्यक्तित्व, आचरण, बोली, विचार, चरित्र में ऐसी चीजें लेकर आओ कि आगे आने वाली पीढ़ी आप पर गर्व कर सके।

32 सलाखों के पीछे बिना हड्डी की जीभ
पायलट बोले- लेकिन इन 32 सलाखों (32 दांतों) के पीछे जो बिना हड्डी की जीभ है, उसको संतुलित करना बहुत जरूरी है। मुंह से निकली हुई बात कभी वापस नहीं आती। मैंने मेरी राजनीति में मेरे स्वर्गीय पिताजी से बहुत कुछ देखा-सीखा है और राजनीति के अखाड़े में बड़े-बड़ों को पटखनी देते हुए देखा है।

तुम क्यों ठोकर खाकर उठो भाई..
पायलट ने नई पीढ़ी को कहा- लोग रगड़ाई की बात करते हैं, लेकिन तुम क्यों ठोकर खाकर उठो भाई, हम बता देंगे आपको कहां से रास्ता है, जहां से निकलना है। ये होता है अगली पीढ़ी को सम्भालने, संजोने और सहायता-समर्थन देने का भाव । उस भाव से हम काम करेंगे, तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा।

अभी गर्मी ज्यादा हो गई, तीन-चार दिन पहले ठंड थी
सचिन पायलट ने पिछले तीन-चार दिन से अपने भाषणों से अपनी ही पार्टी की सरकार को घेरने पर भी हंसते-मुस्कुराते कटाक्ष कर दिया। उन्होंने खचाखच भरे महाराजा कॉलेज ग्राउंड पर बैठे नौजवान स्टूडेंट्स से कहा-अभी गर्मी ज्यादा हो गई। तीन-चार दिनों पहले ठंड थी, आज गर्मी ज्यादा हो गई। इस पर युवा समर्थन में नारे लगाने लगे। पायलट बोले- मैं आप सबको आश्वासन देकर जाता हूं आपकी हर जरूरत और वाजिब मांग के लिए और आपके जीवन को बेहतर बना सकूं, इसके लिए मैं आपके साथ था, हूं और हमेशा बना रहूंगा।

मैं प्रदेशाध्यक्ष था, तो 5 साल मेहनत-संघर्ष-रगड़ाई में कोई कमी दिखी क्या ?
पायलट ने गहलोत के रगड़ाई वाले बयान पर भी तंग कसते हुए मंच से कहा- 2014 में मुझे पहली बार राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने प्रदेशाध्यक्ष बनाया था, उस वक्त हम चुनाव हार गए थे। हमारे 21 विधायक रह गए थे। हमने 5 साल तक संघर्ष किया और उन 5 सालों में 2013 से 2018 तक जब हम विपक्ष में थे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के नाते उन 5 सालों में मेरी मेहनत में आपने कोई कमी देखी, संघर्ष में कोई कमी देखी या रगड़ाई में कोई कमी देखी क्या ? स्टूडेंट्स ने कहा-नहीं।

पायलट बोले- मैं ये इसलिए कह रहा हूं आप सब भी हिम्मत से काम लो। आने वाला जमाना नौजवानों के साथ है। मैं चाहता हूं न्याय मिले, जल्द मिले और यह दिखना भी चाहिए कि न्याय मिल रहा है। छात्रों के भविष्य के साथ कोई भी खिलवाड़ होगा या विवाद होगा और कोई भी विरोध होगा, तो मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा। स्टूडेंट्स और नौजवानों के भविष्य को बेहतर बनाने में जो योगदान देगा, मैं उसका समर्थन करूंगा। आप समझदार जागरूक लोग हो।

रेटिंग गिरने पर न्यूजीलैंड पीएम के इस्तीफे से सीखें
पायलट ने कहा-  मैं तो सलाम करता हूं कि न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जो अभी 42 साल की हैं। वह सबसे कम उम्र की पीएम 7-8 साल पहले बनी थीं। अभी कोई रिपोर्ट छपी तो उन्होंने कहा कि मेरी रेटिंग कम हो गई, मैं इस्तीफा दे रही हूं। मैं पार्टी के लिए काम करूंगी। जब उन्हें लगा कि जनता में उनकी साख पर सवाल उठे।  

पब्लिक ओपिनियन पोल की रेटिंग आई, जिसमें नम्बर कम हो गए तो उन्होंने कल रात टीवी पर कहा कि मैं अपना इस्तीफा दे रही हूं और अब पार्टी के लिए काम करूंगी। उनसे सीख लेनी चाहिए। पायलट बोले- आज हम सब मंच पर खड़े हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, विधायक, महापौर, उपमहापौर हैं, तो हम सबको मौके मिले हैं। हमें दिल बड़ा रखना पड़ेगा। अपने से कम उम्र के नौजवानों को मौका देना पड़ेगा। उनको सिखाना पड़ेगा। आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना पड़ेगा। यह बहुत महत्वपूर्ण कड़ी है।

Sachin Pilot attacked CM Ashok Gehlot on big corona statement In Rajasthan
पायलट की सभा में उमड़ा लोगों का हुजूम। - फोटो : अमर उजाला

सोनिया गांधी का कायल हूं
सचिन पायलट ने कहा कि मैं सोनिया गांधी का कायल हूँ। जब वो अध्यक्ष थीं तो 2004 में उन्होंने मुझे और हम जैसे 15-20 लोगों को दिल्ली बुलाया और टेबल पर बैठाकर पूछा कि आप सब कम उम्र के नौजवान हो। हमारी पार्टी का मैनिफेस्टो बनने जा रहा है। उस समय वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। इस मेनिफेस्टो में क्या लिखना चाहिए। मैं आपसे जानना चाहती हूं।

नौजवानों के अरमान क्या हैं, आपकी अपेक्षा और उम्मीदें क्या हैं, मुझे बताओ ? ताकि मैं कांग्रेस के मैनिफेस्टो में उन बातों को लिखूं। लोगों को साथ लेने की यह सोच होती है । इसलिए मंच पर खड़े सभी विधायकों से कहना चाहूंगा कि हम सब बन-बना गए। अब हमें आप सबका (युवाओं का) सोचना चाहिए। आने वाली पीढ़ी का सोचना चाहिए। आपको हमारे अनुभवों का लाभ मिलना चाहिए। हमने जो सही किया, गलत किया उसका लाभ आप लोगों को मिले।

पायलट 'आई लव यू', 'हमारा सीएम कैसा हो' के नारे
सफेद शर्ट और नीली जींस पहनकर पायलट महाराजा कॉलेज जयपुर में छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे। उन्होंने छात्र महापंचायत में शिरकत की। युवाओं के बीच मंच पर पहुंचे पायलट ने कहा -लाड़नूं विधायक मुकेश भाकर कुर्ते-पायजामे में है और मैं जींस में हूं। तभी सचिन पायलट 'आई लव यू' और 'हमारा सीएम कैसा हो-सचिन पायलट जैसा हो' के नारे लग गए। उन्होंने चुनाव जीतने वाले युवाओं को बधाई दी।

हमें सहानुभूति या किसी की भीख नहीं, स्वच्छ प्रतिस्पर्द्धा चाहिए
सचिन पायलट ने कहा-इस देश में खासकर राजस्थान की जनसंख्या और आबादी में दो-तिहाई 30 से 35 साल की उम्र के लोग हैं। यहां रहने वाले अधिकांश इस प्रदेश के मतदाता हैं। हमें बेहतर व्यवस्था चाहिए। शिक्षा के बाद रोजगार के मौके चाहिए। नौजवान लड़के-लड़कियों में प्रतिभा है, उन्हें प्रदर्शित करने के लिए हमें प्लेटफॉर्म चाहिए। 

जो लोग मेहनत करते हैं और बहुत मुश्किल से बच्चों का पेट पालते हैं, उन बच्चों की तकदीर बदलने के लिए हमें सहानुभूति या किसी भी भीख नहीं चाहिए। हमें अवसर और प्लेटफॉर्म चाहिए और हमें स्वच्छ प्रतिस्पर्द्धा चाहिए।  युवाओं के साथ सिर्फ न्याय होता रहे। उनकी काबिलियत के आधार पर मौके मिलते रहें। उनकी प्रतिभाओं को हम रोकने की बजाय बढ़ाने का काम करें। संतुलित-संयमित और अनुशासन के साथ आप लोगों को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाएं। वो सब संसाधन आपको मिलें, जिनको लेकर आप अपना जीवन बेहतर कर सकते हो, ये हमारी कोशिश होनी चाहिए।  

अपने-पराये, अच्छे-बुरे में फर्क समझो
पायलट बोले- आज जो सब वॉट्सएप और फेसबुक पर घूम रहा है वो सब आप जानते हो। । हकीकत और वास्तविकता को पहचानो, अच्छे-बुरे में फर्क को समझो, अपने-पराये के फर्क को समझो। जो आपके संघर्ष के लिए आपके साथ खड़ा रहे,  दुख दर्द में शामिल रहे। उसके कन्धों-बाहों को ताकत दो।

मैं देश-प्रदेश में जहां भी जाता हूं, ये बोलता हूं कि मुझे बहुत कम उम्र में मेरी पार्टी ने मौके दिए। मैं 26 साल की उम्र में संसद में चला गया था। जब मैं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बना, तो मैं जितने भी नगर पालिका, पंचायत समिति के चुनाव हुए। उनमें 40 प्रतिशत टिकट उन लोगों को दिए जिनकी उम्र 40 साल से कम थी। बहुत सारे नौजवानों को विधानसभा तक पहुंचने का मौका दिया।  बाकी हार-जीत भगवान करवाता है, लेकिन मौका देने की बात होती है।

जब-जब मैं प्रचार करता हूं, बीजेपी का धुआं निकाल देता हूं
पायलट ने कहा- जब चुनाव आते हैं और मैं प्रचार करने जाता हूं। तो हमेशा मेरे सामने बीजेपी खड़ी रहती है। आप सब जानते हो जब-जब मैं प्रचार करता हूं उनका धुआं निकाल देता हूं।

डबल इंजन सरकार के एक इंजन का धुआं निकाल दिया
सचिन पायलट ने कहा- पूरी पार्टी एकजुट और मजबूत है सब मिलकर काम करेंगे। राहुल, खड़गे, प्रियंका सोनिया गांधी सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। मैं हिमाचल में ऑब्जर्वर था। वहां हमने रैलियां कीं, प्रियंका गांधी ने जबरदस्त प्रचार किया। बीजेपी कहती थी हमारी डबल इंजन की सरकार है। हमने उसके एक इंजन का धुआं शिमला में निकाल दिया, दूसरे इंजन का धुआं 2024 में दिल्ली की सरकार के चुनाव में निकालेंगे।

पहला भाषण 13 साल की उम्र में दिया, घुटने कांप रहे थे
पायलट ने कहा- जब मैं पहला भाषण दे रहा था 1990 का चुनाव था। मेरी मां रमा पायलट बूंदी के हिण्डोली से विधानसभा चुनाव लड़ रही थी। सर्दियों के दिन थे और मैं 12-13 साल का था। सुबह ठंड में मैं चुपचाप गाड़ी में बैठा हुआ था। वहां के सरपंच को पता चल गया कि रमा पायलट जी का बेटा गाड़ी में बैठा है। तो उसने आवाज देकर मुझे नाम लेकर बुला लिया। चुनाव का समय था और मीटिंग थी, मुझे लगा नहीं जाऊंगा तो उलटा बुरा मानेगा। मैं जाकर मंच पर बैठ गया। गांव में डेढ़-दो सौ लोग होंगे। सरपंच ने मेरी मां को बुलाने से पहले मेरा नाम लिया कि अब सचिन जी आपको दो बातें बोलेंगे।

मुझे हाथ में माइक पकड़ा दिया। लोग मेरा मुंह देख रहे थे। मां पास में बैठी थीं। क्या भाषण देता ? डेढ़ या पौने दो मिनट मैंने भाषण दिया होगा। मेरे दोनों घुटने कांप रहे थे, मेरा हाथ कांप रहा था। समझ में नहीं आया क्या बोलूं ? पहला भाषण था और मैं 13 साल का था। लेकिन मैंने ले-देकर बोला- मेरी मां को चुनाव में जिताओ, हम सब मिलकर आपकी सेवा करेंगे।  यह बोलकर माइक पटका और जोर से भागकर गाड़ी में बैठा। कहा- मैं वापस स्कूल जा रहा हूं पढ़ने के लिए। लेकिन आज की डेट में भाषण से पता चल जाता है कौन निर्दलीय है, कौन किस दल का है ? छूट है अगर तुम निर्दलीय हो, तो हर जगह बोल सकते हो।

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