RPSC: आरपीएससी परीक्षाओं में बायोमेट्रिक्स और फेस रिकग्निशन से होगी निगरानी, आयोग को मिली रिपोर्ट
आरपीएससी भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों और नकल पर रोक के लिए बायोमेट्रिक्स, फेस रिकग्निशन, फेशियल ऑथेंटिकेशन और एआई सीसीटीवी जैसी तकनीकों के इस्तेमाल की तैयारी कर रहा है। यूपीएससी की व्यवस्था का अध्ययन कर आयोग को रिपोर्ट सौंपी गई है।
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विस्तार
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों और नकल पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। आयोग के विशेष अध्ययन दल ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के परीक्षा केंद्रों पर लागू फेशियल ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म और उसकी पूरी कार्यप्रणाली का अध्ययन किया है। दल ने सोमवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट आरपीएससी अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह को सौंप दी।
आयोग अब रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा। परीक्षा केंद्रों पर फेशियल ऑथेंटिकेशन के साथ बायोमेट्रिक्स, एआई फेस रिकग्निशन से लैस सीसीटीवी कैमरे और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है।
पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था पर जोर
आयोग अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखना और परीक्षाओं की गरिमा बनाए रखना है। इसी दिशा में यूपीएससी सहित देश के अन्य भर्ती आयोगों की बेहतर कार्यप्रणालियों का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि आरपीएससी की भर्ती परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर फेशियल ऑथेंटिकेशन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकी सुरक्षा उपायों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी और नकल की संभावना को कम करना है।
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तकनीकी जरूरतों पर एजेंसी से मांगी रिपोर्ट
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए हाल ही में आयोग अध्यक्ष की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें आयोग की आईटी टीम और राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक एंड इंस्ट्रूमेंट लिमिटेड के उपमहाप्रबंधक (आईटी) शामिल हुए। बैठक में परीक्षा केंद्रों की लाइव सर्विलांस व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बायोमेट्रिक्स, फेस रिकग्निशन एंड ऑथेंटिकेशन, एचएचएमडी और एआई फेस रिकग्निशन वाले सीसीटीवी कैमरों के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। बैठक में विभिन्न तकनीकी बिंदुओं पर मंथन के बाद आयोग ने अपनी जरूरतों और सवालों से संबंधित जानकारी एजेंसी को दी है। एजेंसी से चार-पांच दिन में विस्तृत रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद आयोग आगे की कार्रवाई करेगा।
पुलिस प्रशासन के साथ भी होगा समन्वय
परीक्षा व्यवस्था को और सुरक्षित बनाने के लिए आयोग राजस्थान पुलिस की रिक्रूटमेंट विंग के उच्चाधिकारियों के साथ भी विचार-विमर्श करेगा। आयोग अध्यक्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इस पूरी कवायद का उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना, डमी अभ्यर्थियों की संभावना को खत्म करना और अभ्यर्थियों को निष्पक्ष परीक्षा का वातावरण उपलब्ध कराना है।