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Interview: RLP विधायक बेनीवाल बोले- राजस्थान में 200 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव, किसान ऋण राहत आयोग सिर्फ ढकोसला

Wed, 02 Aug 2023 07:13 PM IST
Neeraj Sharma Neeraj Sharma
Updated Wed, 02 Aug 2023 07:13 PM IST
सार

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी राजस्थान में किसानों के मुद्दे पर संघर्ष कर रही है। पार्टी के प्रदेश में तीन विधायक हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में किसान और युवाओं को आधार बनाकर पार्टी चुनाव में ताल ठोकने जा रही है। पढ़िए पार्टी के विधायक नारायण बेनीवाल से 'अमर उजाला' की खास बातचीत।

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RLP MLA Narayan Beniwal Interview Beniwal says   Farmers Debt Relief Commission just hoax
नारायण बेनीवाल से खास बातचीत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के विधायक नारायण बेनीवाल ने सदन के बाहर 'अमर उजाला' से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने किसान कर्ज राहत आयोग विधेयक विधानसभा में पास होने समेत अन्य ज्वलंत मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
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राज्य सरकार ने मौजूदा विधानसभा में सदन की कार्यवाही के आखिरी दिन राजस्थान राज्य कृषक (किसान) कर्ज राहत आयोग बिल सदन में पारित करवा लिया है। चुनावी साल में ये सीएम गहलोत का बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। अब राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद ये विधेयक कानून बन जाएगा। इस आयोग की शक्तियां सिविल कोर्ट के बराबर होंगी यानी की आयोग के फैसले को सिविल कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकेगी। कर्ज से राहत के लिए किसान आयोग में आवेदन कर सकेंगे। कारणों को समझकर आयोग अपना फैसला देगा। इससे बैंक और वित्तीय संस्थानों के किसानों की खेती की जमीनों की कुर्की और नीलामी पर बड़ी रोक लग सकती है। 
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आरएलपी विधायक नारायण बेनीवाल से सवाल-जवाब

सवाल- किसान ऋण राहत के लिए जो विधेयक लाया गया है, इसे आप कैसे लेते हैं, आपकी किसानों से जुड़ी पार्टी है?
जवाब- देखिए किसानों की चिंता की बात करते हैं। सरकार को 5 साल होने वाले हैं। अब एकदम से कांग्रेस सरकार को किसानों की चिंता आई और राहत आयोग बनाने का फैसला लिया। लेकिन, ये ढकोसला है, किसानों को बरगलाने के अलावा इसमें कुछ नहीं है। आईएएस या कुछ नेता जो रिटायरमेंट के करीब हैं, उनको सेट करने के अलावा इसमें कुछ नहीं हैं। इतना बड़ा राहत आयोग बनाते हैं तो जनमत संग्रह होना चाहिए। अच्छे शिक्षाविद, किसान की राजनीति से जुड़े लोग, अच्छे राजनीतिक विश्लेषकों से विचार लेकर उसके बाद विधेयक लाते तो निश्चित रूप से किसानों का भला होता।
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सवाल- कहा जा रहा है कि इस आयोग के जरिए किसानों की जमीनें सरकार नीलाम नहीं होने देगी?
जवाब-
सरकार ने पहले भी कहा था कि नीलाम नहीं होने देगी। लेकिन, रोडा एक्ट के तहत आज भी कितनी कार्रवाई हुईं, कितने लोग फांसी के फंदे पर झूल गए। सरकारों कि करनी और कथनी में अंतर जब तक खत्म नहीं होगा। तब तक किसान की दशा को नहीं सुधार पाएंगे।

सवाल- केंद्र सरकार ने बैंकों के लिए अलग से एक्ट बना रखे हैं। उसी के आधार पर लोन दिए जाते हैं, ऐसा हो गया तो बैंक कतराएंगे, वो किसानों को लोन कैसे देंगे?
जवाब-
सरकारों ने आज तक यही काम किया है। उद्योगपतियों के लाखों-करोड़ों के ऋण माफ किए हैं और राजस्थान की बात करें तो मात्र 1 लाख करोड़ रुपये के ऋण किसानों के माफ किए गए हैं। मैं तो मीडिया और आपके चैनल के माध्यम से यह निवेदन करना चाहूंगा कि सरकारों को इसके ऊपर तुरंत संज्ञान लेकर और सहानुभूतिपूर्वक विचार करके, क्योंकि किसान हमारी धरोहर हैं, उन्हें नहीं बचाया और उनकी जमीनों को नहीं बचाया, तो देश भी नहीं बचेगा।

सवाल- एक आपने महत्वपूर्ण बात कही कि केंद्र सरकार को भी किसानों के ऋण माफ करने चाहिए। सारे राजस्थान सरकार माफ नहीं कर सकती, सरकार ने भी कहा कि हम बहुत सारे ऋण राज्य के माफ कर चुके हैं, लेकिन सेंट्रल, राष्ट्रीयकृत बैंकों और केंद्रीय सहकारी बैंकों के ऋण कौन माफ करेगा ?
जवाब-
भारतीय जनता पार्टी को किसानों से बिल्कुल कोई लेना देना नहीं है। ये बात मैं कह रहा हूं और हमारा गठबंधन इसी बात पर टूटा। क्योंकि हमें पहले लगा मोदीजी का विजन सबका साथ और सबका विकास है, लेकिन किसान को हाशिये पर डालने का काम जिस तरह तीन कृषि कानून लाकर किया था। उसके अंदर जो भाजपा की रीति-नीति रही है, निश्चित रूप से बीजेपी किसान विरोधी पार्टी रही है। मैं तो आपके चैनल के माध्यम से कहूंगा कि मोदीजी को इसमें संवेदनशीलता दिखाते हुए सारे कृषि ऋण और किसानों के ऋण अति शीघ्र माफ कर देने चाहिए।


सवाल- आपके तीन विधायक हैं, इस बात आप तैयारी कर रहे हैं, कितनी सीटें पर आरएलपी चुनाव लड़ेगी ?
जवाब-
हमारे सुप्रीमो पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि कांग्रेस और बीजेपी के अलावा हमारी समान विचारधारा के क्षेत्रीय दल हैं उनके साथ मिलकर हम राजस्थान में 200 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
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