Rajasthan Politics: 'मानेसर जाने वाले विधायक घर से भागी हुई लड़की की तरह', गहलोत गुट के नेता का विवादित बयान
Rajasthan Politics: धर्मेंद्र राठौड़ ने मानेसर जाने वाले पायलट समर्थकों विधायकों की तुलना घर से भागी हुई लड़की से की है। आरटीडीसी के चेयरमैन राठौड़ उन तीन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने पर नोटिस जारी किया गया है।
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Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस में चल रहा सियासी घमासान जारी है। पायलट गुट नो कमेंट पॉलिसी के तहत अपनी योजना पर काम कर रहा है। इधर, गहलोत गुट के विधायकों के बयान लगातार सामने आ रहे हैं। अशाके गहलोत आज रात दिल्ली पहुंच जाएंगे तो वहीं सचिन पायलट पहले से ही वहां मौजूद हैं। इस पूरी कवायद के बाद भी सवार वहीं हैं।
क्या अशोक गहलोत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे, क्या वह सीएम पद छोड़ेंगे, क्या सचिन पायलट मुख्यमंत्री बनाएं जाएंगे? इन सारे सवालों के जवाब आना वाला समय ही देगा। इस बीच गहलोत गुट के नेता धर्मेंद्र राठौड़ का एक विवादित बयान सामने आया है। राठौड़ ने मानेसर जाने वाले पायलट समर्थकों विधायकों की तुलना घर से भागी हुई लड़की से की है। आरटीडीसी के चेयरमैन राठौड़ उन तीन नेताओं में शामिल हैं जिन्हें विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
इससे पहले बुधवार दोपहर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, मंत्री शांति धारीवाल सहित अन्य कुछ मंत्रियों और विधायकों से चर्चा की। इस दौरान चर्चा थी कि गहलोत इस्तीफा भी दे सकते हैं, लेकिन उनके करीबी मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन करने को लेकर खाचरियावास ने कहा कि इसकी जानकारी सीएम और कांग्रेस आलाकमान को ही है।
राजस्थान में कोई समस्या नहीं
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने केरल में कहा कि राजस्थान में कोई समस्या नहीं है। एक-दो दिन में सब साफ हो जाएगा। मीडिया इसे नाटक के रूप में देख सकता है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव को हम बहुत लोकतांत्रिक तरीके से कर रहे हैं। जो भी होगा दो दिनों में सबके सामने आ जाएगा।
यह आश्चर्य की बात
छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के मंत्री टीएस सिंह देव ने गहलोत गुट के विधायकों के विरोध को गलत बताया। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि अशोक गहलोत जैसा वरिष्ठ नेता विधायकों को कैसे नियंत्रित नहीं कर पाया और इस तरह के हालात बने। सिंह देव ने कहा, जिस तरह से राजस्थान में कुछ मंत्रियों और विधायकों ने अनुशासन की सीमा को पार किया वह अनुचित था। सिंह देव ने रायपुर में मीडिया से बात करते हुए यह बातें कहीं।
सिर्फ तीन नेताओं को ही नोटिस क्यों? क्या इसलिए गहलोत को दी गई क्लीन चिट
राजस्थान में विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने के मामले में कांग्रेस आलाकमान ही एक्शन लिया है। संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ और संचेतक महेश जोशी को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। कांग्रेस आलाकमान ने तीनों को अनुशासनहीनता का दोषी माना है। कांग्रेस अनुशासन समिति ने मंगलवार रात तीनों नेताओं को नोटिस जारी किए। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर...
राहुल भी पायलट के सब्र के मुरीद, क्या 26 महीने पद से दूर रहने के बाद अब मिलेगी जिम्मेदारी?
22 जून को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली में एआईसीसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 2004 से पार्टी में काम कर रहा हूं। सब्र नहीं आएगा तो क्या आएगा? इस बात को पार्टी का हर नेता समझता है। देखो सचिन पायलट जी सब्र से बैठे हैं। राहुल गांधी को यह बात कहे हुए तीन महीने से ज्यादा का समय हो गया है और पायलट भी लगातार सब्र रखे हुए हैं। अब एक बार फिर उनके सीएम बनने की बारी आई तो गहलोत गुट उनके विरोध में खड़ा हो गया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर...
राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान का आज यानी बुधवार को चौथा दिन है, लेकिन विधायकों के विरोध और इस्तीफे की पटकथा 20 सितंबर की रात ही लिखी जा चुकी थी। गहलोत के सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलने से पहले हुई विधायक दल की बैठक में पूरा प्लान तैयार कर लिया गया था। इसके संकेत भी गहलोत के करीबी विधायक ने मीडिया से बात करते हुए दिए थे। पढ़ें पूरी खबर...