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राजस्थान: जयपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए मरीजों को बताना होगा धर्म, प्रबंधन ने दिया यह तर्क
Sat, 27 Jul 2019 05:56 AM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Nilesh Kumar
Updated Sat, 27 Jul 2019 05:56 AM IST
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मरीज की जांच करते डॉक्टर(File Photo)
- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान के एसएमएस मेडिकल कालेज और उसे जुड़े तमाम अस्पतालों में मरीजों को इलाज से पहले धर्म की जानकारी देनी होगी। जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल कालेज प्रबंधन के नए नियम के मुताबिक मरीजों को रजिस्ट्रेशन के समय धर्म बताना जरूरी होगा।
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कॉलेज प्रशासन का कहना है कि धर्म पूछने का मकसद जनसंख्या विशेष में बीमारियों के बारे में पता लगाना और उसका डेटाबेस तैयार करना है। कालेज अधीक्षक डॉ. डीएस मीणा ने बताया कि हम यह पता लगाना चाहते हैं कि मांसाहारी लोगों में कौन से बीमारी ज्यादा होती है और शाकाहारी लोगों में कैसी बीमारी आम हैं।
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उसके बाद रिसर्च किया जाएगा, जो मेडिकल के छात्रों की पढ़ाई में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि जैसे हिंदू पुरुषों को पेनिल कार्सिनोमा (कैंसर) आम है, जबकि मुसलमानों में अर्थराइटिस (गठिया) की समस्या ज्यादा है। मुस्लिम महिलाओं में विटमिन डी की कमी होती है। वहीं, कालेज के प्रिंसिपल सुधीर भंडारी ने कहा, मरीजों का धर्म पूछा जाना सिर्फ प्रोटोकॉल है। जैसे उनका नाम, उम्र, लिंग आदि जानकारी ली जाती है।
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