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राजस्थान: निकाय चुनाव में कहीं 88% तो कहीं 63% वोटिंग, इन शहरों में सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान; जानें
Sat, 12 Sep 2026 03:43 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sat, 12 Sep 2026 03:43 PM IST
सार
राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव-2026 के दूसरे चरण में शुक्रवार को कई निकायों में मतदान हुआ। कोटपूतली-बहरोड़ में करीब 87 प्रतिशत, जालोर में करीब 76.6 प्रतिशत, दौसा में 84 प्रतिशत से अधिक और झालावाड़ में 81.49 प्रतिशत मतदान हुआ। जानिए और शहरों का क्या हाल रहा।
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राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव-2026
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव-2026 के दूसरे चरण में शुक्रवार को कई निकायों में मतदान हुआ। कोटपूतली-बहरोड़ में करीब 87 प्रतिशत, जालोर में करीब 76.6 प्रतिशत, दौसा में 84 प्रतिशत से अधिक और झालावाड़ में 81.49 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं भीलवाड़ा नगर निगम में सिर्फ 63.84 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो पिछले 26 साल में सबसे कम बताया जा रहा है। मतदान के बाद प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है और अब 14 सितंबर को मतगणना होगी।
कोटपूतली-बहरोड़ में नीमराना सबसे आगे
कोटपूतली-बहरोड़। राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव-2026 के दूसरे चरण में कोटपूतली-बहरोड़ जिले की चार निकायों- बहरोड़ नगर परिषद, नीमराना, मांढ़ण और बर्डोद नगरपालिका में शुक्रवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ। चारों निकायों में कुल 139 मतदान बूथों पर 671 प्रत्याशियों के बीच चुनावी मुकाबला रहा। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चारों निकायों में कुल मतदान करीब 87 प्रतिशत रहा।
चारों निकायों में नीमराना में सबसे अधिक 88.56 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद मांढ़ण में 87.98, बर्डोद में 87.10 और बहरोड़ नगर परिषद में 85.50 प्रतिशत वोट पड़े। मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग, दिव्यांग और पहली बार वोट डालने वाले युवा भी उत्साह के साथ पहुंचे।
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जालोर में भीनमाल और सांचौर में बराबर रही वोटिंग
जालोर जिले में भीनमाल और सांचौर नगरपालिका में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शाम 6 बजे तक भीनमाल में 76.65 और सांचौर में 76.63 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। दोनों निकायों में कुल 62,226 मतदाता पंजीकृत थे और करीब 47,700 मतदाताओं ने वोट डाला।
सांचौर के 35 वार्डों में 110 प्रत्याशी मैदान में रहे, जबकि भीनमाल के 40 वार्डों में 151 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ। दोनों निकायों को मिलाकर कुल 251 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में बंद हो गया। मतदान केंद्रों पर दिव्यांग और अति वृद्ध मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर तथा एनसीसी और स्काउट स्वयंसेवकों की मदद उपलब्ध रही।
दौसा में 84% से ज्यादा मतदान, लवाण सबसे आगे
दौसा जिले के पांच नगरीय निकायों के 150 वार्डों में मतदान हुआ। कुल 1 लाख 25 हजार 817 मतदाता पंजीकृत थे और 600 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। शाम 6 बजे तक दौसा में 79.09, लालसोट में 87.02, लवाण में 87.92, मंडावरी में 83.11 और रामगढ़ पचवारा में 86.37 प्रतिशत मतदान हुआ। इस तरह औसत मतदान 84 प्रतिशत से अधिक रहा।
हालांकि, मतदान के दौरान दौसा और लालसोट में फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर हंगामा और हाथापाई की घटनाएं हुईं। पुलिस-प्रशासन ने स्थिति संभाल ली और मतदान प्रक्रिया आगे शांतिपूर्ण तरीके से जारी रही। लालसोट में 100 वर्षीय त्रिवेणी देवी और 35 साल बाद एंबुलेंस से मतदान केंद्र पहुंचीं मनभर देवी सोलंकी ने भी वोट डाला।
झालावाड़ में पीड़ावा ने मारी बाजी
झालावाड़ जिले की अकलेरा, मनोहरथाना, खानपुर और पीड़ावा नगरपालिकाओं में शाम 6 बजे तक 81.49 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। पीड़ावा में सबसे अधिक 88.86, मनोहरथाना में 87.08, अकलेरा में 83.18 और खानपुर में 81.49 प्रतिशत वोट पड़े।
चारों निकायों में कुल 47,185 मतदाता पंजीकृत थे। मतदान के लिए 100 केंद्र बनाए गए थे और 22 संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रही। कुल 940 पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और आरएसी जवानों की तैनाती की गई थी।
भीलवाड़ा में 26 साल का सबसे कम मतदान
भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों में इस बार सिर्फ 63.84 प्रतिशत मतदान हुआ। कुल 2,96,682 मतदाताओं में से 1,89,390 ने वोट डाला। वर्ष 2021 में 67.13 प्रतिशत मतदान हुआ था, यानी इस बार 3.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वार्ड 1 में सबसे ज्यादा 79.66 प्रतिशत और वार्ड 60 में सबसे कम 49.63 प्रतिशत मतदान हुआ। भीलवाड़ा का इस बार का मतदान पिछले 26 साल में सबसे कम बताया जा रहा है। प्रथम चरण में प्रदेश के 162 निकायों में हुए चुनाव के मुकाबले भीलवाड़ा का मतदान सबसे कम रहा।
14 सितंबर को खुलेगा प्रत्याशियों का भाग्य
दूसरे चरण के मतदान के बाद इन सभी निकायों के प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है। अब प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजर 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर है। मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में अलग-अलग निकायों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला है, जिससे परिणाम को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है।
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कोटपूतली-बहरोड़ में नीमराना सबसे आगे
कोटपूतली-बहरोड़। राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव-2026 के दूसरे चरण में कोटपूतली-बहरोड़ जिले की चार निकायों- बहरोड़ नगर परिषद, नीमराना, मांढ़ण और बर्डोद नगरपालिका में शुक्रवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ। चारों निकायों में कुल 139 मतदान बूथों पर 671 प्रत्याशियों के बीच चुनावी मुकाबला रहा। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चारों निकायों में कुल मतदान करीब 87 प्रतिशत रहा।
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चारों निकायों में नीमराना में सबसे अधिक 88.56 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद मांढ़ण में 87.98, बर्डोद में 87.10 और बहरोड़ नगर परिषद में 85.50 प्रतिशत वोट पड़े। मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग, दिव्यांग और पहली बार वोट डालने वाले युवा भी उत्साह के साथ पहुंचे।
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जालोर में भीनमाल और सांचौर में बराबर रही वोटिंग
जालोर जिले में भीनमाल और सांचौर नगरपालिका में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शाम 6 बजे तक भीनमाल में 76.65 और सांचौर में 76.63 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। दोनों निकायों में कुल 62,226 मतदाता पंजीकृत थे और करीब 47,700 मतदाताओं ने वोट डाला।
सांचौर के 35 वार्डों में 110 प्रत्याशी मैदान में रहे, जबकि भीनमाल के 40 वार्डों में 151 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ। दोनों निकायों को मिलाकर कुल 251 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में बंद हो गया। मतदान केंद्रों पर दिव्यांग और अति वृद्ध मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर तथा एनसीसी और स्काउट स्वयंसेवकों की मदद उपलब्ध रही।
दौसा में 84% से ज्यादा मतदान, लवाण सबसे आगे
दौसा जिले के पांच नगरीय निकायों के 150 वार्डों में मतदान हुआ। कुल 1 लाख 25 हजार 817 मतदाता पंजीकृत थे और 600 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। शाम 6 बजे तक दौसा में 79.09, लालसोट में 87.02, लवाण में 87.92, मंडावरी में 83.11 और रामगढ़ पचवारा में 86.37 प्रतिशत मतदान हुआ। इस तरह औसत मतदान 84 प्रतिशत से अधिक रहा।
हालांकि, मतदान के दौरान दौसा और लालसोट में फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर हंगामा और हाथापाई की घटनाएं हुईं। पुलिस-प्रशासन ने स्थिति संभाल ली और मतदान प्रक्रिया आगे शांतिपूर्ण तरीके से जारी रही। लालसोट में 100 वर्षीय त्रिवेणी देवी और 35 साल बाद एंबुलेंस से मतदान केंद्र पहुंचीं मनभर देवी सोलंकी ने भी वोट डाला।
झालावाड़ में पीड़ावा ने मारी बाजी
झालावाड़ जिले की अकलेरा, मनोहरथाना, खानपुर और पीड़ावा नगरपालिकाओं में शाम 6 बजे तक 81.49 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। पीड़ावा में सबसे अधिक 88.86, मनोहरथाना में 87.08, अकलेरा में 83.18 और खानपुर में 81.49 प्रतिशत वोट पड़े।
चारों निकायों में कुल 47,185 मतदाता पंजीकृत थे। मतदान के लिए 100 केंद्र बनाए गए थे और 22 संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रही। कुल 940 पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और आरएसी जवानों की तैनाती की गई थी।
भीलवाड़ा में 26 साल का सबसे कम मतदान
भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों में इस बार सिर्फ 63.84 प्रतिशत मतदान हुआ। कुल 2,96,682 मतदाताओं में से 1,89,390 ने वोट डाला। वर्ष 2021 में 67.13 प्रतिशत मतदान हुआ था, यानी इस बार 3.29 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वार्ड 1 में सबसे ज्यादा 79.66 प्रतिशत और वार्ड 60 में सबसे कम 49.63 प्रतिशत मतदान हुआ। भीलवाड़ा का इस बार का मतदान पिछले 26 साल में सबसे कम बताया जा रहा है। प्रथम चरण में प्रदेश के 162 निकायों में हुए चुनाव के मुकाबले भीलवाड़ा का मतदान सबसे कम रहा।
14 सितंबर को खुलेगा प्रत्याशियों का भाग्य
दूसरे चरण के मतदान के बाद इन सभी निकायों के प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है। अब प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजर 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर है। मतदान प्रतिशत के आंकड़ों में अलग-अलग निकायों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला है, जिससे परिणाम को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है।