Rajasthan LS Election: टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र में इन जातियों का बोलबाला, ऐसा है राजनीतिक समीकरण
टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र का अपने आप में बेहद अनूठा इतिहास रहा है। सभी वर्गों के उम्मीदवार यहां से सांसद बने हैं। टोंक जिले को साल 2008 के परिसीमन के बाद सवाई माधोपुर संसदीय क्षेत्र में शामिल किया गया है। आइए जानते हैं टोंक-सवाई माधोपुर संसदीय सीट का राजनीतिक समीकरण।
विस्तार
टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र की अगर बात की जाए तो पूर्व में टोंक जिले की विधानसभाएं इस संसदीय क्षेत्र में शामिल नहीं थी। पूर्व में सवाई माधोपुर जिला ही संसदीय क्षेत्र था। साल 2008 में परिसीमन होने के बाद टोंक जिले को इसमें शामिल किया गया और टोंक-सवाई माधोपुर संसदीय क्षेत्र के नाम से इसे जाना गया। पूर्व में यह सीट जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित थी। लेकिन अब यह सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। इस संसदीय क्षेत्र में भाजपा, कांग्रेस तथा स्वतंत्र पार्टी के सभी वर्ग के उम्मीदवारों ने अपनी जीत हासिल की है। टोंक को नवाबों की नगरी के नाम से जाना जाता है, तो दूसरी ओर सवाई माधोपुर जिले को विश्व में कौन नहीं जानता। विश्व का सुप्रसिद्ध रणथंभौर नेशनल पार्क यहां स्थित है, जिसके चलते देश ही नहीं विश्व भर में सवाई माधोपुर की एक बड़ी पहचान है।
वर्तमान में टोंक सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सुखबीर सिंह जौनापुरिया सांसद हैं। इस लोकसभा क्षेत्र से रहने वाले सांसद केंद्रीय मंत्री के पद पर भी काबिज रहे हैं। इनमें 2004 से 2014 तक सांसद रहने वाले कांग्रेस के नमोनारायण मीणा केंद्र में लगातार मंत्री रहे। उससे पूर्व 1999 में भाजपा की जसकौर मीना भी केंद्रीय मंत्री रही। वर्तमान में भाजपा के सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया 2014 से लगातार दो बार सांसद बने। वहीं, तीसरी बार भी अब भाजपा ने जौनापुरिया पर विश्वास जताते हुए आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है।
वहीं, पूर्व में केंद्रीय मंत्री रहे कांग्रेस के नमोनारायण मीणा के छोटे भाई हरीश मीणा जो कि वर्तमान में टोंक जिले के ही देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्हें इस लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में उतारा गया है। टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र गुर्जर, मीणा तथा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है। ऐसे में परिसीमन होने के बाद भी भाजपा तथा कांग्रेस दोनों ही बड़ी पार्टियों ने इन्हीं जातियों में से अपना प्रत्याशी बनाया है। इस बार भी दोनों ही पार्टियों ने जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए भाजपा से गुर्जर समाज से आने वाले सुखबीर सिंह जौनपुरिया तथा कांग्रेस पार्टी ने मीणा समुदाय से आने वाले हरीश मीणा पर अपना दांव खेला है।
एक नजर टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र के अब तक रहे सांसद पर
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1957 से 62 तक जगन्नाथ पहाड़िया (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
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1962 से 67 तक केसर लाल (स्वतंत्र पार्टी)
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1967 से 71 तक मीठालाल मीना (स्वतंत्र पार्टी)
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1971 से 77 तक छुट्टनलाल मीना (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
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1977 से 80 तक मीठालाल मीना (जनता पार्टी)
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1980 से 84 तक रामकुमार मीना (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
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1984 से 89 तक रामकुमार मीना (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
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1989 से 91 तक किरोड़ीलाल मीना (भारतीय जनता पार्टी)
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1991 से 96 तक कुंजीलाल मीना (भारतीय जनता पार्टी)
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1996 से 98 तक उषा मीना (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
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1998 से 99 तक उषा मीना (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)
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1999 से 04 तक जसकौर मीना (भारतीय जनता पार्टी)
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2004 से 2009 तक नमोनारायण मीना (कांग्रेस)
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2009 से 14 तक नमोनारायण मीणा (कांग्रेस)
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2014 से 19 तक सुखबीर सिंह जौनपुरिया (भाजपा)
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2019 से अब तक सुखबीर सिंह जौनपुरिया (भाजपा)
टोक-सवाई माधोपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया की जुबानी ही जानते हैं क्षेत्र के विकास की असल तस्वीर क्या है। सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर हमीर पुलिया के चौड़ीकरण का कार्य, मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य और दशहरा मैदान के सौंदर्यीकरण का कार्य आदि।
कार्य जो रहे अधूरे
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मेडिकल कॉलेज का कार्य अभी भी निर्माणाधीन
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चंबल परियोजना को नहीं दे सके मूर्त रूप
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रोजगार परक कोई कारखाना नहीं कर सके स्थापित
टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट में आठ विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिसमें चार विधानसभा क्षेत्र सवाई माधोपुर जिले के और चार टोंक जिले के विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट पर दोनों जिलों को मिलाकर कुल 21 लाख 20 हजार 633 मतदाता हैं, जिनमें 11 लाख 10 हजार 432 पुरुष मतदाता और 10 लाख 10 हजार 181 महिला मतदाता तथा 14 थर्ड जेण्डर मतदाता शामिल हैं। टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र में 2067 पोलिंग बूथ है, जिनमें 373 शहरी व 1694 ग्रामीण पोलिंग बूथ शामिल है। लोकसभा सीट की आठ विधानसभा सीटों में से वर्तमान में चार पर भाजपा और चार पर कांग्रेस का कब्जा है। सवाई माधोपुर जिले की सवाई माधोपुर और खंडार विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है। सवाई माधोपुर से डॉक्टर किरोड़ीलाल मीणा व खंडार से जितेंद्र गोठवाल वर्तमान में विधायक हैं। वहीं, बामनवास व गंगापुरसिटी सीट पर कांग्रेस का कब्जा है। बामनवास से कांग्रेस की इंदिरा मीणा व गंगापुरसिटी से कांग्रेस के रामकेश मीना विधायक हैं।
वहीं, टोंक जिले की चार विधानसभा सीटों की बात की जाए तो चार में से दो पर भाजपा व दो पर कांग्रेस का कब्जा है। टोंक विधानसभा सीट से कांग्रेस के सचिन पायलट व देवली उनियारा सीट पर हरीशचन्द्र मीणा विधायक हैं। जो अब कांग्रेस से लोकसभा के उम्मीदवार भी हैं। वहीं, निवाई सीट से भाजपा के रामसहाय वर्मा तथा मालपुरा सीट से कन्हैयालाल चौधरी वर्तमान में विधायक हैं। टोंक सवाई माधोपुर लोकसभा सीट दो जिलों में बटी हुई है। इस सीट पर विगत दो चुनावों से सुखबीर सिंह जौनपुरिया जीत दर्ज कर चुके हैं। जौनपुरिया ने साल 2014 के चुनावों में मोहम्मद अजरुद्दीन और 2019 के चुनावों में नमोनारायण मीणा को शिकस्त दी थी।
ऐसे हैं जातिगत आंकड़े
टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट पर जातिगत आंकड़ों पर एक नजर डाले तो टोंक-सवाई माधोपुर संसदीय क्षेत्र में मीणा मतदाता लगभग चार लाख, गुर्जर मतदाता लगभग 3.50 लाख, एससी वर्ग के मतदाता लगभग साढे चार लाख, मुस्लिम मतदाता लगभग सवा दो लाख, ब्राह्मण मतदाता लगभग डेढ़ लाख, वैश्य समुदाय के डेढ़ लाख, माली एक लाख, राजपूत डेढ़ लाख तथा अन्य पिछड़ा क्षेत्र के मतदाता लगभग एक लाख हैं। टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र में ग्रामीण मतदाताओं की संख्या बहुतायात में है। यह चुनाव पूरी तरह से जातिगत समीकरणों के आधार पर आधारित होता है। हालांकि, पिछले दो चुनाव की बात करें भाजपा को मोदी के नाम पर बंपर वोट अब तक मिलते चले आए हैं। लेकिन खासतौर से इस संसदीय क्षेत्र में जातिगत समीकरण विकास के मुद्दों पर पूरी तरह से हावी रहते हैं। अब देखना होगा कि लोकसभा चुनाव में ऊंट किस करवट बैठता है।