फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan High Court gets tough e-cigarette sales Seeks response state government and report on action taken.

ई-सिगरेट की बिक्री पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त: राज्य सरकार से जवाब-तलब, मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट

Sat, 19 Sep 2026 03:24 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Sat, 19 Sep 2026 03:24 PM IST
सार

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रतिबंध के बावजूद ई-सिगरेट की बिक्री पर सख्ती दिखाई है। अदालत ने राज्य सरकार से जयपुर में ई-सिगरेट कारोबारियों के खिलाफ 15 सितंबर तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। 2019 से प्रतिबंध लागू है। कोर्ट ने अधिकारियों को कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
Rajasthan High Court gets tough e-cigarette sales Seeks response state government and report on action taken.
राजस्थान उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य में प्रतिबंध के बावजूद ई-सिगरेट की धड़ल्ले से हो रही बिक्री के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि जयपुर शहर में ई-सिगरेट के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। न्यायमूर्ति इंद्रजीत सिंह और न्यायमूर्ति संदीप तनेजा की खंडपीठ ने अधिवक्ता प्रियांशा गुप्ता की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किए हैं। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को गत 15 सितंबर तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


2019 से रोक, फिर भी आसानी से उपलब्ध

जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में कानून बनाकर ई-सिगरेट के निर्माण, आयात, बिक्री और वितरण पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी थी। इसके बावजूद पूरे प्रदेश में ई-सिगरेट आसानी से उपलब्ध हो रही है। याचिका में कहा गया कि कई स्थानों पर नाबालिग खुलेआम ई-सिगरेट का सेवन करते हुए नजर आते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में पूरी तरह नाकाम रही है। याचिका में अदालत से गुहार लगाई गई है कि कानून का पालन सुनिश्चित कराने के लिए राज्य सरकार को उचित दिशा-निर्देश दिए जाएं।
विज्ञापन


कानून के सख्त क्रियान्वयन पर अदालत का रुख

मामले की पिछली सुनवाई के दौरान भी उच्च न्यायालय ने प्रदेश में ई-सिगरेट पर पूर्ण पाबंदी लगाने की बात कही थी। अदालत ने संबंधित कानून के प्रावधानों को लागू करने के लिए राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को आवश्यक निर्देश दिए थे। उच्च न्यायालय ने पुलिस महानिदेशक को कहा था कि वे सभी रेंज मुख्यालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन करें। यह टीम कानून के प्रावधानों को पूरी तरह लागू कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश

उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव को भी यह निर्देश दिए थे कि वे अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक जिला स्तर पर जिलाधिकारी या उप जिलाधिकारी स्तर के प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त करें। ये प्राधिकृत अधिकारी जिला स्तर पर कानून का कड़ाई से पालन कराएंगे और नियम तोड़ने वालों पर अंकुश लगाएंगे। अदालत के इन स्पष्ट और कड़े निर्देशों के बाद अब राज्य सरकार को जयपुर शहर में अवैध रूप से ई-सिगरेट बेचने वालों पर की गई कार्रवाई की पूरी विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed