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Rajasthan: बाड़मेर में दो दलित दुल्हनों की घोड़ी पर बिंदौरी निकालने पर विवाद, पंचायत ने समाज से किया बहिष्कृत
Wed, 19 Apr 2023 02:03 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 19 Apr 2023 02:03 PM IST
सार
भारत-पाक बॉर्डर पर स्थित रेगिस्तानी जिले बाड़मेर में दलित समाज की दो दुल्हनों और उनके परिवार पर खाप पंचायत का तुगलकी फरमान भारी पड़ गया। सिवाना के मेली गांव में दोनों दुल्हनों की शादी की बिंदौरी घोड़ी पर निकालना समाज के पंच-पटेलों को इतना नागवार गुजरा कि परिवार को बहिष्कृत कर हुक्का पानी बंद कर दिया।
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बिंदौरी निकालने पर विवाद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बाड़मेर में सिवाना के मेली गांव में दो दुल्हन की बिंदौरी घोड़ी पर निकालने पर समाज के पंचों को रास नहीं आया। खाप पंचायत बुलाकर तुगलकी फरमान सुनाते हुए समाज से बहिष्कृत करते हुए परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया गया। इतने से मन नहीं भरा, तो परिवार पर आर्थिक दंड भी लगा दिया। अब पीड़ित परिवार ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिली है, हम जांच कर रहे हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, सिवाना मेली निवासी शंकराराम पुत्र थानाराम ने अपनी दो बहनों की शादी छह फरवरी 2023 को की थी। शादी प्रोग्राम में बहनों की बिंदौरी रिवाजों से अलग हटकर घोड़ी पर निकाली थी, क्योंकि उसका मानना था कि लड़का-लड़की बराबर हैं, आज बेटियां भी हर काम में बराबरी का अधिकार रखती हैं। इससे समाज में भी एक अच्छा संदेश जाएगा।
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खाप पंचायत ने परिवार को समाज से बहिष्कृत किया...
लेकिन उसको नहीं पता था कि जो पॉजिटिव मैसेज वह समाज में देना चाह रहा है, वह उसके अपने ही समाज (मेघवाल) के पंच पटेलों को रास नहीं आएगा। समाज के पंचों को घोड़ी पर बिंदौरी निकालकर लड़कियों की शादी की बिंदौरी निकालना बिल्कुल पसंद नहीं आया तो शादी के करीब ढाई महीने बाद पंचों ने सिवाना में खाप पंचायत बुलाई। बहनों के भाई को भी बुलाया और परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का तुगलकी फरमान सुना दिया। 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया। पूरे समाज को पाबंद किया कि कोई इसके परिवार से किसी प्रकार का कोई रिश्ता, आना-जाना और बोलचाल नहीं रखे।
सिवाना में खालासों का वास रामदेव के मंदिर में बुलाई पंचायत...
शंकराराम ने पुलिस को रिपोर्ट देकर बताया कि महिलाओं को भी समाज में पुरुषों के बराबर स्थान मिल सके, मैं यही चाहता था। लेकिन समाज में कुछ संकीर्ण मानसिकता के पंचों को यह बात पसंद नहीं आई। मंगलवार को सिवाना में खालासों का वास रामदेव के मंदिर में समाज के पंचों ने सभा बुलाई, जिसमें पूरे परिवार के समाज को बहिष्कृत कर दिया। वहीं 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगा दिया। किसी अन्य समाज के लोगों को भी इनके घर पर जाने से मना कर दिया।
जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी...
सिवाना थानाधिकारी नाथुसिंह के मुताबिक शंकराराम पुत्र थानाराम निवासी मेली ने रिपोर्ट दी है। पूरे मामले की जांच कर रहे है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवाद दर्ज किया है।