{"_id":"5c207a64bdec2256d34bc8c5","slug":"rajasthan-cabinet-ministers-oath-ceremony-ashok-gehlot-pilot","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान: गहलोत सरकार में 13 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ, अब पोर्टफोलियो पर नजरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान: गहलोत सरकार में 13 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्रियों ने ली शपथ, अब पोर्टफोलियो पर नजरें
Mon, 24 Dec 2018 12:52 PM IST
अनिल पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अनिल पांडेय
Updated Mon, 24 Dec 2018 12:52 PM IST
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राजस्थान मंत्रिमंडल
- फोटो : PTI
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राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के मंत्रिमंडल का गठन हो गया है। राजभवन में राज्यपाल कल्याण सिंह मंत्रियों को शपथ दिलाई। कुल 23 विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई जिनमें 13 कैबिनेट और 10 राज्यमंत्री हैं।
इनमें 22 विधायक कांग्रेस के हैं जबकि राष्ट्रीय लोकदल के एक विधायक को भी मंत्री पद दिया गया।
अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल में 17 नए चेहरों को शामिल किया गया है यानि दो तिहाई से ज्यादा नए विधायकों को जगह दी गई है। सियासी जानकारों के मुताबिक राजस्थान के नवगठित मंत्रिमंडल में अशोक गहलोत के समर्थकों का पलड़ा भारी है। विधायकों की संख्या के मुताबिक 60 फीसदी अशोक गहलोत समर्थक हैं तो 40 फीसदी पायलट समर्थक माने जाते हैं। कहा जा सकता है कि एक बार फिर अशोक गहलोत सचिन पायलट पर बीस साबित हुए हैं।
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इनमें 22 विधायक कांग्रेस के हैं जबकि राष्ट्रीय लोकदल के एक विधायक को भी मंत्री पद दिया गया।
अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल में 17 नए चेहरों को शामिल किया गया है यानि दो तिहाई से ज्यादा नए विधायकों को जगह दी गई है। सियासी जानकारों के मुताबिक राजस्थान के नवगठित मंत्रिमंडल में अशोक गहलोत के समर्थकों का पलड़ा भारी है। विधायकों की संख्या के मुताबिक 60 फीसदी अशोक गहलोत समर्थक हैं तो 40 फीसदी पायलट समर्थक माने जाते हैं। कहा जा सकता है कि एक बार फिर अशोक गहलोत सचिन पायलट पर बीस साबित हुए हैं।
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ये 13 बने कैबिनेट मंत्री
बीडी कल्ला, शांति धारीवाल, परसादी लाल मीणा, मास्टर भंवरलाल मेघवाल, लालचंद कटारिया, डॉ रघु शर्मा, प्रमोद जैन भाया, विश्वेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, रमेश चंद्र मीणा, उदयलाल आंजना, प्रताप सिंह खाचरियावास, सालेह मोहम्मद।
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ये 10 बने राज्य मंत्री
गोविंद सिंह डोटासरा, श्रीमति ममता भूपेश, अर्जुन बामनिया, भंवरसिंह भाटी, सुखराम विश्नोई, अशोक चांदणा, टीकाराम जूली, भजनलाल जाटव, राजेंद्र यादव, सुभाष गर्ग।मंत्रिमंडल में शामिल 23 मंत्री कौन हैं
सबसे पहले बुलाकीदास कल्ला उर्फ बीडी कल्ला ने मंत्रीपद की शपथ ली।
दूसरे नंबर पर शांति कुमार धारीवाल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. शांति कुमार कोटा दक्षिण से चुनाव जीते हैं और सीएम अशोक गहलोत के करीबी हैं।
परसादीलाल मीणा ने मंत्रीपद की शपथ ली। परसादीलाल लालसोट विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं और मीणा समाज के बड़े नेता हैं। परसादीलाल भी अशोक गहलोत के करीबी हैं।
मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
भंवरलाल ने सुजानगढ़ सीट से चुनाव जीता है और वे अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं। भंवरलाल उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के नजदीकी माने जाते हैं।
भंवरलाल ने सुजानगढ़ सीट से चुनाव जीता है और वे अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं। भंवरलाल उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के नजदीकी माने जाते हैं।
लालचंद कटारिया ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। लालचंद जयपुर की झोटवाड़ा सीट से विधायक हैं।
कटारिया मनमोहन सिंह के शासन में केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी हैं।
कटारिया मनमोहन सिंह के शासन में केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी हैं।
डॉ रघु शर्मा ने मंत्री पद की शपथ ली। शर्मा ने केकड़ी विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है।
रघु शर्मा चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष थे। शर्मा कभी सचिन पायलट के नजदीकी माने जाते थे। अब वे अशोक गहलोत के करीबी हैं।
रघु शर्मा चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष थे। शर्मा कभी सचिन पायलट के नजदीकी माने जाते थे। अब वे अशोक गहलोत के करीबी हैं।
प्रमोद जैन भाया ने मंत्रीपद की शपथ ली। वे अंता सीट से विधायक चुने गए हैं।
भाया को पिछली अशोक गहलोत की सरकार में बीच में ही मंत्रीपद से हटा दिया गया था। वे सचिन पायलट के नजदीकी माने जाते हैं।
भाया को पिछली अशोक गहलोत की सरकार में बीच में ही मंत्रीपद से हटा दिया गया था। वे सचिन पायलट के नजदीकी माने जाते हैं।
विश्वेंद्र सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने डीग विधानसभा सीट से चुनाव जीता है ।
वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह पूर्वी राजस्थान के बड़े जाट नेता माने जाते हैं और तीन बार सांसद भी रह चुके हैं।
वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह पूर्वी राजस्थान के बड़े जाट नेता माने जाते हैं और तीन बार सांसद भी रह चुके हैं।
हरीश चौधरी ने मंत्रीपद की शपथ ली। चौधरी ने बायतु सीट से चुनाव जीता है।
हरीश चौधरी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं पश्चिमी राजस्थान के बड़े जाट नेता हैं।
हरीश चौधरी सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं और बाड़मेर सीट से सांसद भी रहे हैं।
हरीश चौधरी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं पश्चिमी राजस्थान के बड़े जाट नेता हैं।
हरीश चौधरी सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं और बाड़मेर सीट से सांसद भी रहे हैं।
रमेश चंद्र मीणा को मंत्री बनाया गया है। सपोटरा सीट से विधायक चुने गए हैं।
रमेश चंद्र मीणा पहली बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए हैं। साल 2008 में पहली बार वो बीएसपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। वे सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं।
रमेश चंद्र मीणा पहली बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए हैं। साल 2008 में पहली बार वो बीएसपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। वे सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं।
उदयलाल ने मंत्री पद की शपथ ली। उदयलाल निंबाहेड़ा विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए हैं।
वे अन्य पिछड़ा वर्ग के बड़े नेता के तौर पर जाने जाते हैं। उन्हें अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है।
वे अन्य पिछड़ा वर्ग के बड़े नेता के तौर पर जाने जाते हैं। उन्हें अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है।
राज्यपाल कल्याण सिंह राजभवन में मंत्रियों को शपथ दिला रहे हैं। इनमें 13 कैबिनेट और 10 राज्यमंत्री होंगे।
Jaipur: Swearing-in ceremony of 13 cabinet ministers & 10 state ministers of newly-formed Rajasthan govt underway at Raj Bhavan. Bulaki Das Kalla, Shanti Kumar Dhariwal & Prasadilal Meena have taken oath as Cabinet Ministers. pic.twitter.com/O66o8jTZgd
— ANI (@ANI) December 24, 2018
प्रताप सिंह खाचरियावास ने मंत्री पद की शपथ ली। खाचरियावाद को सचिन पायलट का करीबी माना जाता है।
प्रताप सिंह जयपुर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। इस जिले में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है। खाचरियावास जिले की सिविल लाइन विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं।
प्रताप सिंह जयपुर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। इस जिले में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है। खाचरियावास जिले की सिविल लाइन विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं।
सालेह मोहम्मद ने मंत्री पद की शपथ ली।
सालेह पोकरण सीट से विधायक हैं और अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में इकलौते मुस्लिम मंत्री हैं।
सालेह पोकरण सीट से विधायक हैं और अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में इकलौते मुस्लिम मंत्री हैं।
गोविंद सिंह डोटासरा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
डोटासरा विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक रह चुके हैं। गोविंद सिंह लक्ष्मणगढ़ से तीसरी बार विधायक चुने गए हैं और सचिन पायलट के नजदीकी हैं।
डोटासरा विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक रह चुके हैं। गोविंद सिंह लक्ष्मणगढ़ से तीसरी बार विधायक चुने गए हैं और सचिन पायलट के नजदीकी हैं।
ममता भूपेश ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
ममता दूसरी बार विधायक बनी हैं। वे अशोक गहलोत कैबिनेट में इकलौती महिला मंत्री हैं।
ममता दूसरी बार विधायक बनी हैं। वे अशोक गहलोत कैबिनेट में इकलौती महिला मंत्री हैं।
अर्जुन सिंह बामणिया ने मंत्री पद की शपथ ली। अर्जुन सिंह बांसवाड़ा सीट तीसरी बार विधायक बने हैं।
बामणिया कांग्रेस के संगठन में रह चुके हैं। अर्जुन बामणिया गहलोत के समर्थक माने जाते हैं।
बामणिया कांग्रेस के संगठन में रह चुके हैं। अर्जुन बामणिया गहलोत के समर्थक माने जाते हैं।
भंवरसिंह भाटी ने मंत्री पद की शपथ ली। भाटी कोलायत सीट से विधायक चुने गए हैं।
भाटी ने पहली बार बड़े जाट नेता देवी सिंह भाटी को हराया था। इस बार भाटी ने उनकी बहू को शिकस्त दी है।
भाटी अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं।
भाटी ने पहली बार बड़े जाट नेता देवी सिंह भाटी को हराया था। इस बार भाटी ने उनकी बहू को शिकस्त दी है।
भाटी अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं।
सुखराम विश्नोई ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। विश्नोई दूसरी बार सांचौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चुने गए हैं।
सुखराम अशोक गहलोत के करीबी हैं।
सुखराम अशोक गहलोत के करीबी हैं।
अशोक चांदणा ने मंत्री पद की शपथ ली। चांदणा लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीते हैं।
यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चांदणा मंत्रिमंडल में युवा चेहरा हैं। चांदणा अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं।
यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चांदणा मंत्रिमंडल में युवा चेहरा हैं। चांदणा अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं।
टीकाराम जूली ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। टीकाराम अलवर ग्रामीण सीट से विधायक चुने गए हैं।
टीकाराम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट दोनों के ही करीबी नहीं माने जाते। टीकाराम राज्य के वरिष्ठ कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह के नजदीकी हैं।
टीकाराम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट दोनों के ही करीबी नहीं माने जाते। टीकाराम राज्य के वरिष्ठ कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह के नजदीकी हैं।
राजेंद्र सिंह यादव ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। वे कोटपूतली सीट से विधायक बने हैं।
राजेंद्र सिंह लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी हैं।
राजेंद्र सिंह लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी हैं।
डॉ सुभाष गर्ग ने मंत्री पद की शपथ ली।
डॉ सुभाष गर्ग ने राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के टिकट पर चुनाव जीता। रालोद ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।
सहयोगी दल से सुभाष गर्ग के रूप में इकलौते मंत्री बनाए गए हैं। वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेहद नजदीकी माने जाते हैं।
डॉ सुभाष गर्ग ने राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के टिकट पर चुनाव जीता। रालोद ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।
सहयोगी दल से सुभाष गर्ग के रूप में इकलौते मंत्री बनाए गए हैं। वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेहद नजदीकी माने जाते हैं।