Budget 2023: चुनावी साल में क्या राजस्थान का बजट देगा- 'राहत, बचत और बढ़त', 10 फरवरी को CM गहलोत करेंगे पेश
चुनावी साल में सीएम अशोक गहलोत राजस्थान के बजट 2023-24 में 'बचत, राहत और बढ़त' देने जा रहे हैं। सरकार ने तीन शब्दों वाले बड़े होर्डिंग्स सड़कों पर लगवाकर साफ संकेत दे दिए हैं। गहलोत जादुई पिटारे से क्या-क्या सौगातें दे सकते हैं, पेश है रिपोर्ट...
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विस्तार
गहलोत सरकार ने चुनावी साल का बजट 10 फरवरी को पेश करने से पहले ही उसकी तस्वीर जनता को दिखानी शुरू कर दी है। जयपुर शहर समेत प्रदेश में बड़े-बड़े बैनर-होर्डिंग्स बड़े चौराहों पर लगाकर सरकार ने मैसेज दिया है कि 10 फरवरी को आ रहा है राजस्थान बजट-2023, बचत, राहत, बढ़त।
साथ में सीएम गहलोत की मुस्कुराते हुए तस्वीर दी गई है। बजट से पहले की ये झलकियां साफ इशारा करती हैं कि गहलोत इस बार अपने तीसरे कार्यकाल के आखिरी बजट में कांग्रेस सरकार रिपीट करने के इरादे से लोकलुभावन बजट पेश करने जा रहे हैं। अबकी बार गहलोत सरकार का बजट करीब 2 लाख 95 हजार करोड़ के आस-पास रहने की सम्भावना है। जो बढ़त वाला बजट होगा। गहलोत ने पिछले साल मार्च-2022 में जो 2022-23 का बजट पेश किया था, वह 2 लाख 71 हजार 881 करोड़ रुपए का था। कुल राजस्व 2 लाख 14 हजार 977 करोड़ 23 लाख रुपए था।
500 रुपए का गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल पर वैट कटौती सम्भव
सीएम गहलोत पर कुछ घोषणाएं करने का प्रेशर कांग्रेस हाईकमान का भी है। पिछले दिनों राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा के वक्त राहुल गांधी के कहने पर सीएम गहलोत ने बजट से पहले ही 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने की घोषणा की थी। माना जा रहा है बजट में सस्ती घरेलू गैस की सौगात लोगों को मिल सकती है। सरकार वैट में बड़ी कटौती कर सकती है।
पेट्रोल-डीजल पर महंगाई की मार के खिलाफ भी कांग्रेस केंद्र से सड़कों पर लड़ रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों से भी राजस्थान सरकार अपने हिस्से का वैट घटाकर आम जनता और नौकरीपेशा वर्क को बड़ी राहत दे सकती है। डीजल सस्ता होने पर ट्रांसपोर्टेशन भी सस्ता होगा और महंगाई से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। पेट्रोलियम और गैस की कीमतें घटने से घरेलू बजट में सीधा बचत होगी।
युवाओं-स्टूडेंट्स को समर्पित रहेगा बजट, 1 लाख जॉब्स और एजुकेशन पर फोकस
सीएम गहलोत 1 लाख नई भर्तियां निकालने की घोषणा बजट में कर सकते हैं। इससे बेरोजगार युवाओं को बड़ी राहत मिलेगी। सीएम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यह बजट युवाओं और स्टूडेंट्स को समर्पित रहेगा। बजट के बाद गहलोत 200 विधानसभा क्षेत्र के चुनावी दौरे पर निकलेंगे। इसलिए इस आखिरी बजट में कई लोकलुभावन और बड़ी घोषणाएं होंगी, जो चुनावी नजरिए से गहलोत सरकार और कांग्रेस पार्टी के लिए देशभर में अहम होंगी।
एप बेस्ड कंपनियों के कामगारों के लिए प्रोविजन
प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को शोषण से बचाने के लिए भी सरकार बड़े कदम उठा सकती है। फूड डिलीवरी एप, कैब सर्विसेज जैसी एप बेस्ड कंपनियों में काम करने वाले कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से कानूनी प्रावधान बनाकर बजट दिया जा सकता है। ताकि उन कामगारों की नौकरी सुरक्षित रहे और वह शोषण से बच सकें।
स्टूडेंट्स और खिलाड़ियों को फैसिलिटी और मोटिवेशन देगी सरकार
बजट में स्कूली शिक्षा, हायर एजुकेशन, स्पोर्ट्स और स्टेडियम स्टाफ, होस्टल, कॉलेज समेत युवाओं और स्टूडेंट्स से जुड़ी कई घोषणाएं बजट में हो सकती हैं। इंग्लिश मीडियम महात्मा गांधी सरकारी स्कूल से लेकर स्टूडेंट्स को दो जोड़ी फ्री यूनिफॉर्म और उसकी सिलाई, स्कॉलरशिप तक तमाम घोषणाएं की जा सकती हैं। ग्रामीण ओलम्पिक्स की तर्ज पर शहरी ओलम्पिक्स खेलों का विस्तार, ग्रामीण इलाकों में खेल स्टेडियम डवलप करने, खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स कोटा में भर्तियां निकालने, इंटरनेशनल और नेशनल खेलों में मेडल हासिल कर देश-प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सुविधाएं और पुरस्कार राशि बढ़ाने जैसी घोषणाएं बजट में की जा सकती हैं। इससे भी युवाओं, स्टूडेंट्स और खिलाड़ियों को फैसिलिटी में बढ़त और राहत का एहसास होगा।
गांवों और शहरों में रोजगार की गारंटी स्कीम
इंदिरा गांधी के नाम से शुरू की गई शहरी रोजगार गारंटी योजना में फिलहाल 100 दिन के रोजगार की गारंटी नरेगा की तरह दी गई है। महिलाएं और पुरूष योजना के तहत काम करने निकल रहे हैं। 70 हजार से ज्यादा लोग इसमें लग चुके हैं। सरकार ने नरेगा में स्टेट गवर्नमेंट की फंडिंग से 25 दिन एक्स्ट्रा कर दिए हैं। शहरी रोजगार गारंटी स्कीम और नरेगा में स्टेट फंडिंग को मजबूत बनाकर इसका दायरा बढ़ाने पर सरकार का जोर रहेगा। इससे ग्रामीण और शहरी बेरोजगारों को राहत मिलेगी।
प्रदेशभर में किसानों को दिन में सिंचाई का पानी मिलेगा
किसानों के हित में कृषि बिजली कनेक्शन की पेंडेंसी खत्म करने, सिंचाई का पानी प्रदेश के सभी जिलों में दिन में उपलब्ध करवाने, खाद-बीज की उपलब्धता बढ़ाने, महिला और दलित अपराधों पर लगाम लगाने, एससी-एसटी, माइनॉरिटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के लिए स्कीमों में फंड बढ़ाने पर सरकार का जोर इस बजट में रहने वाला है। राजस्थान के नहरी क्षेत्र, रेगिस्तानी इलाके और आदिवासी बाहुल्य इलाके के साथ ही पूर्वी राजस्थान के लिए कई घोषणाएं इस बजट में की जा सकती हैं। दिन में सिंचाई का पानी मिलने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
ERCP को मिलेगा बजट, टूटी सड़कें सुधरेंगी
प्रदेश में टूटी सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क, नई सड़क बिछाने, स्टेट हाईवेज का वर्क करवाने, राजस्थान के 13 जिलों के लिए महत्वाकांक्षी ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट को राज्य से बजट देने पर सीएम का जोर रहेगा। हालांकि ईआरसीपी का पेंच केंद्र और राज्य के बीच में उलझा हुआ है। लेकिन गहलोत केंद्र सरकार के साथ चुनावी साल में जनता को मैसेज देने के लिए राज्य से इसका बजट जारी कर अपनी मंशा स्पष्ट कर सकते हैं।
पेयजल पर ज़ीरो बिल पॉलिसी की घोषणा संभव
राज्य सरकार इस बजट में पेयजल उपभोक्ताओं के लिए 15 हजार लीटर पर छूट की बंदिशें हटा सकती है। स्थाई शुल्क 27.50 रुपए, मीटर सर्विस के 22 रुपए की छूट दे सकती है।
सोशल सिक्योरिटी और बुजुर्गों को पेंशन
सीएम गहलोत बुजुर्गों, गरीबों, मजदूरों को सोशल सिक्योरिटी देने के पक्षधर हैं। जिन बुजुर्गों को पेंशन सुविधा नहीं मिल रही है, ऐसे सभी बुजुर्गों को गहलोत सरकार पेंशन जारी कर सकती है।
OPS के लिए बजट फंड की व्यवस्था
कांग्रेस पार्टी और सीएम गहलोत ओल्ड पेंशन स्कीम के भी पक्षधर हैं। राजस्थान में पिछले साल से ही ओपीएस लागू है। गहलोत सरकार ओल्ड पेंशन स्कीम का दायरा बढ़ाते हुए बजट में इसके लिए विशेष फंड की व्यवस्था कर सकती है। इससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
नए सम्भाग और जिलों पर घोषणा सम्भव
गहलोत नए जिलों और सम्भागों के गठन की घोषणा कर बजट दे सकते हैं। सरकार प्रदेश में 8 से ज्यादा नए जिले बना सकती है, इसके अलावा संभाग मुख्यालय के ढांचे में परिवर्तन कर संभागों की संख्या बढ़ा सकती है। नए जिलों में भिवाड़ी, कोटपूतली, नीम का थाना, सुजानगढ़, फलौदी, बालोतरा, ब्यावर, कुचामन सिटी को नया जिला घोषित किया जा सकता है। सम्भाग मुख्यालयों की संख्या 7 से बढ़ाकर 10 की जा सकती है। नए संभागों में सीकर, बाड़मेर और चित्तौड़गढ़ को शामिल किया जा सकता है।
राजस्थान के युवाओं को सरकारी भर्तियों में प्रायोरिटी
राजस्थान के युवाओं की लम्बे समय से चली आ रही शिकायत है कि प्रदेश की सरकारी नौकरियों में उनका कोटा फिक्स होना चाहिए। प्रदेश की 90 से 95 फीसदी भर्तियों में प्रदेश के युवाओं को नौकरियों के अवसर मिलें। देश के कई राज्यों में सरकारी नौकरी के लिए ऐसे कानून बन चुके हैं। जिसके तहत सिर्फ उस राज्य के युवाओं को ही नौकरी में वरियता दी जा रही है। सीएम गहलोत राजस्थान में भी इस तरह के प्रावधान की घोषणआ कर सकते हैं। बेरोजगार एकीकृत महासंघ के उपेन यादव, सांसद किरोड़ीलाल मीणा, विधायक बलजीत यादव समेत कई नेता भी इसकी मांग उठा चुके हैं।
ओपीडी सुविधा
सरकार प्रदेश में लागू मुख्यमंत्री चिंरजीवी योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी को भी फ्री कर सकती है। अभी मरीजों को सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती होने पर 10 लाख रुपए तक निशुल्क उपचार देने का प्रावधान है। साथ ही हर परिवार का 5 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा भी है। आउटडोर पेशेंट का फ्री ईलाज गेमचेंजर साबित हो सकता है।
संविदा कर्मचारियों को साध सकती है सरकार
गहलोत सरकार संविदा कर्मचारियों को साधने के लिए पॉलिसी के तहत नियमित करने की घोषणा कर सकती है। चुनाव जन घोषणा पत्र में भी इसका वादा किया गया था। लेकिन नियमित न कर नियमित करने के लिए नया कानून बना दिया गया। जो झुंझुना लग रहा है। पैरा टीचर्स सहित शिक्षा विभाग में कई पद ऐसे हैं, जिन पर शिक्षकों को लंबे समय से अल्प वेतन मिल रहा है। इनके नियमितीकरण के साथ पटवारी, कांस्टेबल, ग्राम सेवक जैसे कैडर की ओऱ से 3600 का ग्रेड पे लागू करने की मांग पर सरकार कोई रास्ता निकाल सकती है।
सीएम गहलोत ने पिछली बजट घोषणा में 1 करोड़ 33 लाख चिरंजीवी कार्डधारी परिवार की महिलाओं को स्मार्ट फोन देने का वादा किया था। मौजूदा बजट में नई टेक्नोलॉजी से लैस स्मार्ट फोन और 3 साल का इंटरनेट फ्री इंटरनेट देने के लिए बजट राशि बढ़ाई जा सकती है। ब्रिलियंट स्कूली स्टूडेंट्स को 8वीं, 10वीं, 12वीं क्लास में टॉप मार्क्स लाने पर टैबलेट के लिए बजट प्रोविजन किया जा सकता है।
जनता से गहलोत एक और मौका मांगेंगे
सीएम गहलोत अपनी सरकार की सोशल सिक्योरिटी , शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की योजनाओं को मजबूती के साथ जनता के सामने रखेंगे। गहलोत पिछले दिनों कह चुके हैं- ''मैं बार-बार प्रदेश की जनता से कह रहा हूं कि हमें एक मौका और दीजिए। जिससे हम काम करके बताएं। राजस्थान में हम वह फैसले कर सकते हैं, जो हिंदुस्तान में कोई नहीं कर पा रहा।
पिछले बजट इन तारीखों को हुए पेश
सीएम गहलोत ने मौजूदा कार्यकाल में फरवरी में बजट पेश किए थे। साल 2022-23 का बजट 23 फरवरी 2022 को पेश किया था। साल 2021-22 का बजट 24 फरवरी 2021 को पेश किया। साल 2020-21 का बजट 20 फरवरी 2020 को पेश किया गया था।
यह रहा बजट का आकार
- वित्त वर्ष 2022-23 का बजट: 2 लाख 71 हजार 881 करोड़
- वित्त वर्ष 2021-22 का बजट: 2 लाख, 50 हजार 747 करोड़
- वित्त वर्ष 2020-21 का बजट: 2 लाख 25 हजार 731 करोड़