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Rajasthan: भाजपा विधायकों ने गहलोत सरकार को लौटाए आईफोन, लेकिन इससे पहले क्या-क्या लिया, यहां सब जानें
Thu, 24 Feb 2022 03:01 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Thu, 24 Feb 2022 03:01 PM IST
सार
भाजपा के 71 विधायकों ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार द्वारा दिए गए आईफोन लौटा दिए हैं। इसे लेकर लेकर दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। विधायकों को इस तरह के उपहार क्यों दिए जाते हैं और कांग्रेस सरकार ने अब तक क्या-क्या दिया है। आइए जानते हैं...
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भाजपा विधायकों ने आईफोन-13 एस लौटा दिए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाजपा विधायकों ने राजस्थान सरकार की ओर से दिए गए सभी आईफोन-13 एस लौटा दिए हैं। इसे लेकर राजस्थान में सीयासत गर्मा गई है। सत्ता पक्ष के नेता भाजपा विधायकों सहित पार्टी के बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे पहले भी सरकार की ओर से विधायकों को कई कीमती उपहार दिए गए हैं, लेकिन उन्हें वापस नहीं किया गया। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं होने के कारण यह सब किया जा रहा है। विधायकों को इस तरह के उपहार क्यों दिए जाते हैं और कांग्रेस सरकार ने अब तक क्या-क्या दिया, आइए जानते हैं...
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200 विधायकों को दिए थे आईफोन-13 एस
विधानसभा में बुधवार को बजट पेश करने के बाद सरकार ने सभी 200 विधायकों को आईफोन-13 एस दिया था। एक आईफोन की कीमत 75 हजार से एक लाख रुपये तक है। सरकार ने ये फोन करीब 1.5 करोड़ में खरीदे थे।
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40 हजार की कीमत वाले टैबलेट ले चुके हैं भाजपा विधायक
पिछले साल 25 फरवरी को सीएम अशोक गहलोत ने बजट पेश करने के बाद 196 विधायकों को टैबलेट दिया था। एक टैबलेट की कीमत 40 हजार रुपये थी। सरकार ने करीब एक कारोड़ रुपए में ये टैबलेट खरीदे थे। ये उपहार विधायकों को एक ब्रीफकेस में बंद कर दिया गया था। टैबलेट में पेपरलैस बजट की सॉफ्ट कॉपी भी दी गई थी। इससे पहले बजट सत्र में सभी विधायकों को लैपटॉप भी दिए गए थे।
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266 करोड़ में विधायकों के लिए बन रहे 160 फ्लैट्स
कांग्रेस सरकार विधायकों के लिए जयपुर के ज्योतिनगर में विधानसभा के पास 160 फ्लैट्स बनवा रही है। इसका निर्माण राजस्थान हाउजिंग बोर्ड (आरएचबी) कर रहा है। 3200 स्क्वायर फीट के फ्लैट में चार बेडरूम होंगे। इन फ्लैट्स के निर्माण पर करीब 266 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका काम 2023 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विधायकों को स्मार्ट बनाने दिए आईफोन
विधायकों को आईफोन 13 देने के पीछे सरकार का तर्क है कि अब तक जो विधायक पेपरलेस और अपडेटेड नहीं थे, वे सभी अब अपडेटेड रहेंगे और स्मार्ट बनेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि आईफोन में विधेयक, कार्यसूची, बजट भाषण, राज्यपाल के अभिभाषण के साथ विधानसभा की कार्यवाही का विवरण भी उपलब्ध रहेगा।
मोबाइल एप किया था लॉन्च
बजट में की गई घोषणाएं आसानी से हर सदस्य तक पहुंच सके, इसके लिए सरकार विधायकों को मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट उपहार में देती है। पिछले सत्र में विधानसभा का आईफोन ऑपरेटिंग सिस्टम (आईओएस) आधारित मोबाइल एप भी लॉन्च किया था। इसके बाद से आईओएस मोबाइल उपयोग करने वाले लोग एप के जरिए विधानसभा की कार्यवाही की पूरी जानकारी ले सकते हैं।
सरकार पर पड़ रहा वित्तीय बोझ
सतीश पूनिया ने कहा कि सरकार पर पड़ रहे वित्तीय बोझ को देखते हुए भाजपा के सभी 71 विधायकों ने आईफोन लौटा दिए है। नेता प्रतिपक्ष गुलाब कटारिया, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर और विधायकों से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आईफोन खरीदी में 1.5 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए हैं।
लैपटॉप और आईपैड क्यों वापस नहीं किया?
मुख्यमंत्री के सलाहाकार संयम लोढा ने आईफोन लौटाने पर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इससे पहले विधायकों को लैपटॉप, आईपैड दिए थे तो उन्हें वापस क्यों नहीं किया गया। 30 लाख के फ्लैट का क्या? उन्होंने कहा कि विधायकों के उपयोग की चीजे देने की शुरूवात पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कंप्यूटर देकर की थी।
भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं
कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया ने कहा कि भाजपा विधायक बैग लेकर ही क्यों गए थे, ऐसा ही करना था तो उसी समय लौटा देते। वहीं प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि भाजपा को सरकार का विरोध करने के लिए कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है। इस कारण से ये सब किया जा रहा है।