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राजस्थान: किसानों की जमीनें नीलाम करने पर रोक, सियासी बवाल के बाद सीएम ने जारी किया आदेश

Thu, 20 Jan 2022 01:21 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 20 Jan 2022 01:21 PM IST
सार

जमीनों की नीलामी के खिलाफ गुरुवार को दौसा जिले के किसानों ने गहलोत के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और जो किसान कर्ज नहीं चुका पाएं, उनकी जमीनें रोडा एक्ट के तहत नीलाम नहीं करने की मांग की। 

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Rajasthan: Ban on auctioning farmers lands, Chief Minister Gehlot issued order after political uproar
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। - फोटो : Social media

विस्तार

राजस्थान में किसानों की कर्जमाफी के वादों व दावों के विपरीत ऋण नहीं चुकाने वाले किसानों की जमीनें बैंकों व वित्त संस्थानों द्वारा नीलाम करने की कार्रवाई शुरू करने के बाद उसे बीच में रोकना पड़ा है। नीलामी के खिलाफ भाजपा व किसान संगठनों ने आंदोलन छेड़ दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को आदेश जारी कर नीलामी नहीं करने का आदेश दिया।

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सीएम गहलोत ने रोडा एक्ट के तहत किसानों की जमीनें नीलाम करने पर रोक लगाने के दिशानिर्देश जारी किए हैं। सीएम गहलोत ने आदेश में कहा है कि किसानों के कर्ज का भुगतान नहीं करने पर बैंकों द्वारा 'कठिनाई निवारण अधिनियम'  (रोडा एक्ट) के तहत पूरे प्रदेश में कृषि भूमि की नीलामी रोक दी जाए। 
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जमीनों की नीलामी के खिलाफ गुरुवार को दौसा जिले के किसानों ने गहलोत के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और जो किसान कर्ज नहीं चुका पाएं, उनकी जमीनें रोडा एक्ट के तहत नीलाम नहीं करने की मांग की।  गहलोत ने आदेश में कहा कि प्रदेश में रिजर्व बैंक के नियंत्रण में आने वाले व्यावसायिक बैंकों द्वारा किसानों के ऋण नहीं चुका पाने के कारण रोडा एक्ट के तहत भूमि कुर्की व नीलामी की कार्रवाई की जा रही है। राज्य सरकार ने अधिकारियों को इसे रोकने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने सरकारी बैंकों के ऋण माफ किए हैं व केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि व्यावसायिक बैंकों से वनटाइम सेटलमेंट कर किसानों के ऋण माफ करें। राज्य सरकार भी इसमें अपना हिस्सा वहन करने को तैयार है। 
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दौसा के किसान की नीलाम कर दी थी जमीन, भाजपा ने लगाया आरोप
दरअसल, दौसा जिले में कर्ज नहीं चुका पाने पर एक किसान की 15 बीघा जमीन अधिकारियों ने नीलाम कर दी थी। किसान ने अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई फिर भी अधिकारी नहीं माने। ऐसे में जमीन नीलाम होने के बाद किसान का परिवार आत्महत्या करने को मजबूर है। भाजपा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार कर्जमाफी के वादे के साथ सत्ता में आई थी लेकिन तीन साल बाद भी यह पूरा नहीं हो सका है। 

क्या है मामला
जिस कजोड़ मीणा नाम के किसान की जमीन नीलामी की गई है वह दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा के जामुन की ढाणी का रहने वाला था। कजोड़ मीणा ने राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कर्ज लिया था। वर्ष 2017 तक किसान ने सात लाख रुपये नहीं चुकाया। दुर्भाग्य से कुछ दिन बाद कजोड़ मीणा की मौत भी हो गई। इसके बाद बैंक उसके बेटे पर पैसे जमा करने के लिए दबाव बनाने लगी, लेकिन बेटे ने असमर्थता जताई। आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से और सरकार के कर्जमाफी के इंतजार में ऋण जमा नहीं हो पाया। इसके बाद तो बैंक बार-बार नोटिस भेजने लगी लेकिन किसान भी असमर्थता जताता रहा। अंत में बैंक के अधिकारियों ने जमीन को नीलाम करने का फैसला लिया।


सात लाख का ऋण, 46 लाख 51 हजार रुपए में नीलाम हुई जमीन 
जमीन कुर्की के आदेश के बाद जब किसान परिवार ने पैसे जमा नहीं किए ऐसे में मंगलवार को नीलामी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। ऐसे में किसान कजोड़ मीणा की करीब 15 बीघा 2 बिस्वा जमीन की नीलामी हुई। और 46 लाख 51 हजार रुपए में किसान की जमीन नीलाम कर दी गई। 

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