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Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan: Albert Hall Museum to undergo ₹25.49 crore makeover 2400-year-old mummy to be displayed again

राजस्थान: अल्बर्ट हॉल संग्रहालय का 25.49 करोड़ रुपये से होगा कायाकल्प, 2400 साल पुरानी ममी फिर होगी प्रदर्शित

Sat, 19 Sep 2026 03:38 PM IST
अमन तिवारी अमर उजाला ब्यूरो, जयपुर
अमर उजाला ब्यूरो, जयपुर Published by: अमन तिवारी Updated Sat, 19 Sep 2026 03:38 PM IST
सार

जयपुर के अल्बर्ट हॉल संग्रहालय के संरक्षण और आधुनिकीकरण का काम जल्द शुरू होगा। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने 25.49 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। 21 महीने में पूरा होने वाले इस काम में दुर्लभ पुरा वस्तुओं की प्रदर्शनी को हाई-टेक बनाने की योजना है।

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Rajasthan: Albert Hall Museum to undergo ₹25.49 crore makeover 2400-year-old mummy to be displayed again
अल्बर्ट हॉल संग्रहालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने जयपुर स्थित अल्बर्ट हॉल संग्रहालय के संरक्षण कार्य के लिए संबंधित फर्म को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति मिलने के बाद विभाग ने यह कदम उठाया है। इस प्रोजेक्ट पर 25.49 करोड़ रुपये की लागत आएगी। विभाग ने कार्य पूरा करने के लिए फर्म को 21 महीने का समय दिया है। नवीनीकरण कार्य के बाद संग्रहालय में प्रदर्शित दुर्लभ पुरा वस्तुओं को डिस्प्ले करने का तरीका बदला-बदला नजर आएगा। विभाग संग्रहालय को समय के अनुसार हाई-टेक रूप प्रदान करेगा।
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2008 के बाद अब पहली बार संरक्षण
विभाग साल 2008 के बाद अब पहली बार इतने बड़े पैमाने पर अल्बर्ट हॉल संग्रहालय का संरक्षण कार्य करा रहा है। वर्ष 2008 में हुए रिनोवेशन कार्य के दौरान छह से सात करोड़ रुपये का खर्च आया था। विभाग ने इस बार संरक्षण कार्य पूरा करने की अंतिम मियाद 21 जून 2028 तय की है। इसके साथ ही विभाग ने लगभग 2,400 साल पुरानी ममी को फिर से तहखाने में प्रदर्शित करने की योजना बनाई है।
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दुर्लभ पुरा वस्तुओं का नया प्रदर्शन
अल्बर्ट हॉल संग्रहालय की 18 गैलरियों में लगभग 2,500 दुर्लभ वस्तुएं प्रदर्शित हैं। इन दुर्लभ वस्तुओं में वर्षों पुराने हथियार जैसे तलवारें, बंदूकें, तीर-कमान और भाले शामिल हैं। इसके अलावा प्राचीन कारपेट, विभिन्न धातुओं के सिक्के, पाषाण प्रतिमाएं, वाद्ययंत्र, पियानो, हैंडीक्राफ्ट्स का सामान और मिस्र की ममी जैसी बहुमूल्य पुरा वस्तुएं भी संग्रहित हैं। नई अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग करते हुए विभाग इन सभी ऐतिहासिक पुरा वस्तुओं को नए और आकर्षक ढंग से सजाकर प्रदर्शित करेगा।
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