फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan: 25 million gathered in 20 minutes to reduce the pain of people 

राजस्थान: 20 मिनट में लोगों के दर्द कम करने के लिए जुट गए 25 लाख

Tue, 23 Oct 2018 02:39 AM IST
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 23 Oct 2018 02:39 AM IST
विज्ञापन
Rajasthan: 25 million gathered in 20 minutes to reduce the pain of people 

रेत और पत्थर का राजस्थान अपने भीतर तमाम खूबियां समेटे है। राजस्थान यात्रा का एक पड़ाव सुजानगढ़ था। सुजानगढ़ छोटा सा कस्बा, लेकिन कहते हैं हर दूसरी हवेली किसी भामाशाह की है। तमाम हवेलियां बंद पड़ी हैं। किसी में धूल तो किसी में गर्दे भरे हैं, लेकिन यहां से रोजी-रोटी जमाने बाहर गए लोगों को सुजानगढ़ निवासियों की सुख-सुविधा का पूरा ध्यान है। सुजानगढ़ महोत्सव में इसकी झलक देखने को मिली। केसी मालू संचालन कर रहे थे। वह बता रहे थे कि सुजानगढ़ के जिला अस्पताल का क्या हाल है और उसे कम से कम कैसा बनाया जाना चाहिए? अल्ट्रा साऊंड मशीन, ईसीजी, ....आदि। लोगों ने मालू को सुना और 15-20 मिनट के भीतर 25 लाख से अधिक रुपये दान में आ गए।

विज्ञापन


हेमजीत मालू बताते हैं राजस्थान में ऐसे तमाम क्षेत्र हैं, जहां निवासी किसी विकास के लिए सरकार का मुंह नहीं ताकते। वहां के लोग आपसी सहयोग से सार्वजनिक संसाधन खड़ा कर लेते हैं। 19 अक्टूबर को सुजानगढ़ महोत्सव शुरू हुआ। महोत्व का मतलब ही सुजानगढ़ की यादें यहां से गए लोगों की जेहन में ताजा रखना तथा सुजानगढ़ को साधन संपन्न बनाना था। यहां भी मंच का संचालन के सी मालू के हाथ में था। मालू ने जानकारी दी कि सुजानगढ़ के लोग यहां आते हैं और रात रुकने जयपुर जाते हैं। क्योंकि सुजानगढ़ में रुकने के लिए कोई अच्छा स्थान(होटल, रेस्तरां, गेस्ट हाऊस) नहीं है। मालू के संदर्भ छेड़ते ही महोत्सव में बैठे एक सदस्य ने अपनी पत्नी के करोड़ो रुपये के जेवर और करीब एक करोड़ रूपये का आलीशान मकान सुजानगढ़ क्षेत्रीय परिषद को दान कर दिया। ताकि उसे एक अच्छे अतिथिगृह के रूप में विकसित किया जा सके।
विज्ञापन


केसी मालू बताते हैं कि सुजानगढ़ छोटा सा कस्बा जरूर है, लेकिन कला, साहित्य, संगीत समेत अन्य क्षेत्र में यहां से तमाम परिवारों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है। तमाम कलाकार ऐसे हैं तीसरी और जिनकी चौथी पीढ़ी बालीवुड में अपनी कला का रंग बिखेर रही है। बालीवुड के प्रख्यात गायक राम शंकर, दिलीप सेन समेत सेन बंधु समेत अन्य कई सुजानगढ़ के ही है। मालू सुजानगढ़ महोत्सव के संयोजक हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को अपनी जड़ें याद दिलाने के लिए ही इस तरह के कार्यक्रम की रूपरेखा रची गई। उन्हें इसका काफी अच्छा रिस्पांस मिला। क्योंकि राजस्थान लोगों की एक खूबी है। वह यहां से जाने के बाद भी अपनी जड़ों को नहीं भूलते। वह लौटकर कम से कम साल में एक बार जरूर आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जाजोदिया परिवार की मंजू जाजोदिया ने बताया कि उनके ससुर ने सुजानगढ़ में भव्य तिुरपति बालाजी के मंदिर की इच्छा प्रकट की और उनके परिवार ने इस लक्ष्य को पूरा किया। सुजानगढ़ में स्कूल आदि खुलवाए। मंजू जाजोदिया का कहना है कि वह कई साल बाद सुजानगढ़ आई हैं, लेकिन मुंबई में रहकर भी वह और उनका परिवार सुजानगढ़ की फिक्र करता है। बतौर मंजू लोग रोजी-रोटी के लिए गांव छोड़कर शहर और फिर महानगर में चले जाते हैं, लेकिन लौटकर नहीं आते। यह अच्छी बात नहीं है। उन्हें अपनी जड़ों का ख्याल रखना चाहिए। इसी थीम को आगे बढ़ाते हुए छत्र सिंह मालू ने माटी हेलो पाड़े(मिट्टी बुला रही है) गीत रचना की और इसे मनीष पागरिया ने गाया। ताकि लोगों में आपनी जड़ो को याद रखने की प्रेरणा दी जा सके। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed