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प्रदेश में शराबबंदी को लेकर सरकार की खिलाफत,विधानसभा का करेंगे घेराव
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 05 Mar 2017 02:16 PM IST
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protest in jaipur for seize wine
- फोटो : demo pic
राजस्थान में पूर्ण शराब बन्दी और सशक्त लोकायुक्त की मांग को लेकर चल रहे आन्दोलन के तहत सात मार्च को राजस्थान विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
जस्टिस फॉर छाबड़ा संगठन की राष्ट्रीय मुखिया पूनम अंकुर छाबड़ा की पूर्ण शराब बन्दी मामले में राज्य सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में शराब बंदी के पक्ष में लहर चल रही है। तमिलनाडु में भी शराब की दुकानों की संख्या में कमी की गई है। उत्तराखंड सरकार भी शराब बंदी पर विचार कर रही है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी प्रदेश में शराब बंदी पर योजना बना रहे है। बिहार व गुजरात समेत अन्य राज्यों में सफल रुप से शराब बंदी जारी है। लेकिन, राजस्थान में इसका उल्टा हो रहा है। यहां सरकार शराब हितैषी नजर आ रही है।
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जस्टिस फॉर छाबड़ा संगठन की राष्ट्रीय मुखिया पूनम अंकुर छाबड़ा की पूर्ण शराब बन्दी मामले में राज्य सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में शराब बंदी के पक्ष में लहर चल रही है। तमिलनाडु में भी शराब की दुकानों की संख्या में कमी की गई है। उत्तराखंड सरकार भी शराब बंदी पर विचार कर रही है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी प्रदेश में शराब बंदी पर योजना बना रहे है। बिहार व गुजरात समेत अन्य राज्यों में सफल रुप से शराब बंदी जारी है। लेकिन, राजस्थान में इसका उल्टा हो रहा है। यहां सरकार शराब हितैषी नजर आ रही है।
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जन आंदोलन की भावना का अपमान किया जा रहा है
sharab bandi
- फोटो : demo pic
राज्य सरकार ने पहले पुर्व विधायक गुरुशरण छाबड़ा साहब शराब बंदी के अग्रदूत के साथ समझौता किया। इसके बाद 3 नवंबर 2016 से पूनम छाबड़ा के आमरण अनशन के बाद सरकार के केबिनेट मंत्रियों की मध्यस्ता में सरकार के आला अधिकारियों ने समझौता कर पूर्ण आश्वाशन देकर उनका अनशन स्थगित करवाया। अब तक उस समझौतों को लागू नहीं कर जन आंदोलन की भावना का अपमान किया जा रहा है ।