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Right to health bill: कमेटी सदस्यों से हुई बातचीत रही बेनतीजा, कैशलेस इलाज न करने पर अड़े डॉक्टर

Mon, 13 Feb 2023 08:59 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Mon, 13 Feb 2023 08:59 AM IST
सार

डॉक्टरों के प्रतिनिधियों और राइट टू हेल्थ को लेकर कमेटी के सदस्यों से हुई बातचीत बेनतीजा रही। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कैशलेस इलाज करने से डॉक्टरों ने इंनकार कर दिया है।

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Private hospitals stopped cashless treatment
सीएम अशोक गहलोत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्य सरकार के राइट टू हेल्थ विधेयक का विरोध कर रहे डॉक्टरों ने सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कैशलेस इलाज न करने का फैसला लिया। शनिवार को सेलेक्ट कमेटी के साथ हुई बातचीत नाकाम रहने के बाद डॉक्टरों ने ये फैसला लिया है। डॉक्टर राज्य सरकार के राइट टू हेल्थ विधेयक को लेकर अनिश्चितकालीन विरोध में हैं। बता दें मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को पेश बजट में मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का कवर 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की थी। इस आंदोलन में प्राइवेट अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पताल के डॉक्टर भी खड़े हुए हैं।

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डॉक्टर बोले-किसी बिल की जरूरत नहीं
जानकारी के अनुसार डॉक्टरों के प्रतिनिधियों और राइट टू हेल्थ पर बनी सेलेक्ट कमेटी के सदस्यों के बीच शनिवार को हुई बातचीत नाकाम रही। समिति के प्रमुख राज्य के स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने प्रतिनिधियों से बिल से उन बिंदुओं को हटाने का आश्वासन दिया जिस पर डॉक्टरों को आपत्ति है। उन्होंने कहा डॉक्टर बताएं उन्हें बिल के किन बिंदुओं पर आपत्ति है। इस पर डॉक्टरों का कहना था कि उन्हें किसी भी तरह के बिल की जरूरत नहीं है।
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डॉक्टर चुघ कहते हैं, यह एक कठोर विधेयक है। यह निजी स्वास्थ्य क्षेत्र का गला घोंट देगा। सेलेक्ट कमेटी के साथ बातचीत विफल होने के बाद हमने राज्य सरकार की सभी स्वास्थ्य योजनाओं का बहिष्कार करने का फैसला किया है। हम राज्य सरकार की किसी भी योजना के तहत किसी भी मरीज का इलाज नहीं करेंगे। ऑल राजस्थान इन सर्विस डॉक्टर एसोसिएशन के प्रमुख डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि प्रस्तावित बिल स्वीकार्य नहीं है। वहीं डॉक्टर चुघ ने बताया कि इस बिल में यह प्रावधान है कि प्राइवेट अस्पतालों की जांच और उसे सीज करने का अधिकार राज्य और जिला स्तर की कमेटी के पास होगा। इस मुद्दे पर सेलेक्ट कमेटी की बैठक 15 फरवरी को फिर होगी।

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