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Political: गहलोत-पायलट विवाद के बीच राजस्थान कांग्रेस में 3 सह-प्रभारी नियुक्त, रंधावा संग चुनावी स्ट्रेटेजी
Sat, 22 Apr 2023 09:39 PM IST
नीरज शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: नीरज शर्मा
Updated Sat, 22 Apr 2023 09:39 PM IST
सार
कांग्रेस हाईकमान ने गहलोत-पायलट विवाद के बीच राजस्थान में तीन सह प्रभारी सचिवों नियुक्ति कर दिए हैं। चुनावी साल में प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ अटैच तीनों सेक्रेट्री इंचार्ज चुनावी स्ट्रेटेजी बनाने, गुटबाजी पर लगाम लगाने का रोल निभाएंगे।
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गहलोत-पायलट विवाद के बीच राजस्थान कांग्रेस में 3 सह-प्रभारी नियुक्त
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
राजस्थान में एआईसीसी ने तीन सह-प्रभारियों को नियुक्तियां दे दी हैं। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता अमृता धवन, गुजरात में सह प्रभारी रहे वीरेंद्र सिंह राठौड़ औेर साथ ही राजस्थान के पूर्व एआईसीसी प्रभारी सचिव रहे काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को प्रभारी सचिव और सह-प्रभारी पद पर नियुक्ति दी गई है। तीनों को राजस्थान में एआईसीसी इंचार्ज के साथ अटैच करते हुए यह जिम्मा सौंपा गया है।
चुनावी साल में 4 नेता देंगे हाईकमान को राजस्थान की रिपोर्ट
चुनावी साल में अब प्रभारी और तीन सहप्रभारी यानी 4 नेता कांग्रेस हाईकमान को सीधे रिपोर्ट करेंगे। जिन तीन नेताओं को नियुक्तियां दी गई हैं, ये तीनों राहुल गांधी की टीम के हैं। अब केवल सुखजिंदर सिंह रंधावा ही नहीं, कांग्रेस हाईकमान इन तीनों सह प्रभारियों से भी प्रदेश की रिपोर्ट लेगी और सूबे में कांग्रेस के संगठनात्मक मसलों पर सलाह-मश्विरा करेगी।
काज़ी निज़ामुद्दीन को ईद पर तोहफा, पहले भी रह चुके प्रभारी सचिव
काज़ी निज़ामुद्दीन को ईद उल फितर के मौके पर एआईसीसी ने राजस्थान में प्रभारी सचिव यानी सह प्रभारी पद पर नियुक्ति का तोहफा दिया है। काज़ी निजामुद्दीन पहले भी इसी पद पर राजस्थान में रह चुके हैं। जब कांग्रेस पार्टी विपक्ष में थी और सचिन पायलट पीसीसी चीफ थे। तब काज़ी इसी पद पर थे, उन्हें फिर से यहां लाया गया है, इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
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वीरेंद्र सिंह राठौड़ को गुजरात से रिलीव कर राजस्थान भेजा
वीरेंद्र सिंह राठौड़ हरियाणा के रहने वाले हैं। उन्हें गुजरात के रिलीव कर राजस्थान भेजा गया है। वह एआईसीसी सचिव और सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट भी हैं। राठौड़ ने ट्वीट कर लिखा है- मुझे राजस्थान में सह प्रभारी के तौर पर जिम्मेदारी देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का धन्यवाद। आप सभी ने जिस विश्वास के साथ ये जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर शत प्रतिशत खरा उतरने का प्रयास करूंगा।’’
अमृता धवन राजस्थान में पहली बार महिला सह प्रभारी सचिव
अमृता धवन दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष और इंडियन नेशनल कांग्रेस की प्रवक्ता हैं। अमृता धवन पूर्व में दिल्ली से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुकी हैं और दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष रहने के साथ एनएसयूआई की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। राजस्थान में पहली बार किसी महिला को सह प्रभारी पद पर लगाया गया है। इससे पहले कुमारी शैलजा और अम्बिका सोनी के पास प्रभारी पद का जिम्मा रह चुका है।
सह प्रभारियों के बीच जल्द होगा क्षेत्र और काम का बंटवारा
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को दिसम्बर में नियुक्ति मिली थी। करीब 4 महीने के बाद उन्हें तीन सहप्रभारियों की टीम मिली है। उनके साथ तरुण कुमार सह प्रभारी थे, जो एक्टिव नहीं थे। उन्हें राजस्थान से रिलीव कर दिया गया है। अब नए तीनों सह प्रभारी सचिवों के बीच जिलों और कामों का बंटवारा कर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये तीनों सह प्रभारी जिलों से पार्टी नेताओं, जिलाध्यक्षों और कार्यकर्ताओं की मांगें, मुद्दे, शिकायतें और सुझाव लेकर प्रभारी और पीसीसी चीफ तक पहुंचाएंगे। साथ ही एआईसीसी से भी कॉर्डिनेट करेंगे। राजस्थान में गहलोत-पायलट खेमों में गुटबाजी से निपटने, चुनावी रणनीति और मुद्दे, चुनाव घोषणा पत्र तैयार करना, चुनाव में टिकट वितरण से लेकर तमाम रायशुमारी तक में इनकी भागीदारी रहेगी।
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चुनावी साल में 4 नेता देंगे हाईकमान को राजस्थान की रिपोर्ट
चुनावी साल में अब प्रभारी और तीन सहप्रभारी यानी 4 नेता कांग्रेस हाईकमान को सीधे रिपोर्ट करेंगे। जिन तीन नेताओं को नियुक्तियां दी गई हैं, ये तीनों राहुल गांधी की टीम के हैं। अब केवल सुखजिंदर सिंह रंधावा ही नहीं, कांग्रेस हाईकमान इन तीनों सह प्रभारियों से भी प्रदेश की रिपोर्ट लेगी और सूबे में कांग्रेस के संगठनात्मक मसलों पर सलाह-मश्विरा करेगी।
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काज़ी निज़ामुद्दीन को ईद पर तोहफा, पहले भी रह चुके प्रभारी सचिव
काज़ी निज़ामुद्दीन को ईद उल फितर के मौके पर एआईसीसी ने राजस्थान में प्रभारी सचिव यानी सह प्रभारी पद पर नियुक्ति का तोहफा दिया है। काज़ी निजामुद्दीन पहले भी इसी पद पर राजस्थान में रह चुके हैं। जब कांग्रेस पार्टी विपक्ष में थी और सचिन पायलट पीसीसी चीफ थे। तब काज़ी इसी पद पर थे, उन्हें फिर से यहां लाया गया है, इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
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वीरेंद्र सिंह राठौड़ को गुजरात से रिलीव कर राजस्थान भेजा
वीरेंद्र सिंह राठौड़ हरियाणा के रहने वाले हैं। उन्हें गुजरात के रिलीव कर राजस्थान भेजा गया है। वह एआईसीसी सचिव और सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट भी हैं। राठौड़ ने ट्वीट कर लिखा है- मुझे राजस्थान में सह प्रभारी के तौर पर जिम्मेदारी देने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का धन्यवाद। आप सभी ने जिस विश्वास के साथ ये जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर शत प्रतिशत खरा उतरने का प्रयास करूंगा।’’
अमृता धवन राजस्थान में पहली बार महिला सह प्रभारी सचिव
अमृता धवन दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष और इंडियन नेशनल कांग्रेस की प्रवक्ता हैं। अमृता धवन पूर्व में दिल्ली से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुकी हैं और दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन की अध्यक्ष रहने के साथ एनएसयूआई की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। राजस्थान में पहली बार किसी महिला को सह प्रभारी पद पर लगाया गया है। इससे पहले कुमारी शैलजा और अम्बिका सोनी के पास प्रभारी पद का जिम्मा रह चुका है।
सह प्रभारियों के बीच जल्द होगा क्षेत्र और काम का बंटवारा
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को दिसम्बर में नियुक्ति मिली थी। करीब 4 महीने के बाद उन्हें तीन सहप्रभारियों की टीम मिली है। उनके साथ तरुण कुमार सह प्रभारी थे, जो एक्टिव नहीं थे। उन्हें राजस्थान से रिलीव कर दिया गया है। अब नए तीनों सह प्रभारी सचिवों के बीच जिलों और कामों का बंटवारा कर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये तीनों सह प्रभारी जिलों से पार्टी नेताओं, जिलाध्यक्षों और कार्यकर्ताओं की मांगें, मुद्दे, शिकायतें और सुझाव लेकर प्रभारी और पीसीसी चीफ तक पहुंचाएंगे। साथ ही एआईसीसी से भी कॉर्डिनेट करेंगे। राजस्थान में गहलोत-पायलट खेमों में गुटबाजी से निपटने, चुनावी रणनीति और मुद्दे, चुनाव घोषणा पत्र तैयार करना, चुनाव में टिकट वितरण से लेकर तमाम रायशुमारी तक में इनकी भागीदारी रहेगी।
political-aicc-appointed-3-co-incharge-during-gehlot-pilot-fight-in-rajasthan-and-assembly-election कांग्रेस हाईकमान ने गहलोत-पायलट विवाद के बीच राजस्थान में तीन सह प्रभारी सचिवों नियुक्ति कर दिए हैं। चुनावी साल में प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ अटैच तीनों सेक्रेट्री इंचार्ज चुनावी स्ट्रेटेजी बनाने, गुटबाजी पर लगाम लगाने का रोल निभाएंगे।