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राजस्थान: कर चोरी रोकने के लिए मुखबिरों को मिलेगा प्रोत्साहन, सभी सरकारी विभागों में योजना लागू करने की मंजूरी
Thu, 22 Jul 2021 07:02 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 22 Jul 2021 07:02 PM IST
सार
राजस्थान सरकार ने कर चोरी की जानकारी देने वाले मुखबिरों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में एकरूपता लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार के सभी विभागों में एक नई प्रोत्साहन योजना को लागू किए जाने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसका एलान राज्य के बजट 2021-22 में किया था।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
विस्तार
राजस्थान सरकार ने गुरुवार को कर चोरी की जानकारी देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार के सभी विभागों में 'मुखबिर प्रोत्साहन योजना' (इन्फॉर्मर एनकरेजमेंट स्कीम) को लागू करने की अनुमति दे दी है। वर्तमान में यह योजना राज्य राजस्व खुफिया निदेशालय (एसडीआरआई) में लागू है।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कर चोरी की सूचना देने वाले आम लोगों के साथ-साथ ऐसी जानकारी उपलब्ध कराने वाले सरकारी कर्मचारी या अधिकारी भी इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के हकदार होंगे।
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इसके साथ ही राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में राजस्व से संबंधित वर्तमान में चल रही सभी मुखबिर प्रोत्साहन योजनाओं को प्रस्तावित योजना में समाहित कर दिया जाएगा। बता दें कि वाणिज्यिक कर, परिवहन, खान एवं भूविज्ञान, निबंधन एवं स्टांप एवं उत्पाद शुल्क जैसे विभागों में ऐसी योजनाएं लागू हैं।
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बयान में कहा गया है कि इस कदम से मुखबिरों को दी जाने वाली नकद प्रोत्साहन राशि में समानता आएगी। इस योजना के तहत सूचना देने वाले को दी जाने वाली अंतरिम प्रोत्साहन राशि अधिकतम एक लाख रुपये तक सीमित होगी। वहीं, अंतिम प्रोत्साहन राशि अधिकतम 25 लाख रुपये तक होगी।