Rajasthan: पक्षियों में 'H5N1' एवियन इन्फ्लूएंजा नहीं, पांच जिलों में अफसरों ने दी रिपोर्ट, क्या है ये बीमारी
देश-विदेश में पक्षियों में एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) बीमारी आने के बाद सतर्कता बरतते हुए राजस्थान से पशुपालन विभाग ने पक्षियों के सैंपल लेकर जांच करवाई है। जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
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राजस्थान के पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने दुनिया के कई देशों में पक्षियों में एवियन इनफ्लुएंजा बीमारी को देखते हुए सतर्कता बरतते हुए प्रदेश में भी बीमारी के संभावित क्षेत्रों में दौरा कर पक्षियों के सैंपल जुटाने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, भरतपुर और जयपुर ज़िले के क्षेत्रों का दौरा कर पक्षियों के सैम्पल इकट्टा कर राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजे। जहां से मिली रिपोर्ट के आधार पर "H5N1" एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि नहीं हुई है। ये बड़ी राहत की बात है।
सर्दी के मौसम में राजस्थान के कई इलाकों में आते हैं प्रवासी पक्षी
सर्दियों के मौसम में राज्य के कई इलाकों में प्रवासी पक्षियों आते हैं। जिसके मद्देनजर विभाग के अधिकारी कर्मचारी प्रवासी और स्थानीय पक्षियों में बीमारी की जांच के लिए सैंपल इकट्ठा कारव रहे हैं। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रवि इसरानी ने बताया कि विभाग के अधिकारी पक्षियों में बीमारी की पहचान और डायग्नोसिस की कोशिशें कर रहे हैं।
विभाग के अधिकारियों ने स्पेशलिस्ट टीम के साथ केवलादेव का घना राष्ट्रीय पक्षी उद्यान और सांभर झील का दौरा कर प्रवासी पक्षियों के सैंपल एकत्रित कर निषाद, भोपाल भिजवाए हैं। साथ ही हर ज़िले में विभाग के अधिकारियों को रोग के पक्षियों में बीमारी की कंट्रोलिंग के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। अभी तक राजस्थान में एवियन इन्फ्लुएंजा का किसी भी तरह का मामला सामने नहीं आया है।
क्या होता है एवियन इन्फ्लूएंजा ?
एवियन इंफ्लूएंजा जिसे सामान्यतया ‘बर्ड फ्लू’ के नाम से जाना जाता है, वायरस से फैलने वाली बीमारी है। यह संक्रामक रोग मुर्गियों, टर्की, बटेर, गिनी फाउल समेत पालतू पक्षियों और जंगली पक्षियों की कई प्रजातियों को प्रभावित करता है। कभी-कभी यह मनुष्यों सहित कई स्तनधारियों (मेमल्स) को भी संक्रमित कर सकता है। पक्षियों में इसके संक्रमण का पता चलने पर संक्रमित और संपर्क वाले पक्षियों का साइंटिफिक तरीके से निपटारा किया जाता है।