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नागौर: नाबालिग के अपहरण के प्रयास का आरोप, पुलिस की कार्रवाई में पॉस्को एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज
Fri, 02 Oct 2026 07:32 PM IST
नागौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 07:32 PM IST
सार
नागौर में मेले में जा रहे एक परिवार की 9 वर्षीय बच्ची को कथित तौर पर जबरन टैक्सी से बाहर खींचने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। महिला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर पॉस्को एक्ट की धारा 7/8 समेत BNS की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले की जांच महिला अपराध एवं अनुसंधान सेल के डीएसपी को सौंपी गई है।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नागौर में मेले में दर्शन के लिए जा रहे एक परिवार के साथ कथित तौर पर गंभीर वारदात सामने आई है। महिला की ओर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए परिवाद के आधार पर महिला थाना नागौर में नाबालिग बच्ची के अपहरण के प्रयास, धमकी, अभद्र व्यवहार और अन्य आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस दस्तावेज के अनुसार प्रकरण में POCSO एक्ट की धारा 7/8 सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।
मेले में जाते समय टैक्सी का रास्ता रोकने का आरोप
परिवाद के मुताबिक 19 सितंबर 2026 की शाम करीब 6:30 बजे चंचल भार्गव अपने पति पुखराज, परिवार की महिलाओं और तीन नाबालिग बेटियों के साथ सवारी टैक्सी से बैदनंदी मेले में दर्शन के लिए जा रही थीं। जब परिवार मानसर, जोधपुर बाईपास क्षेत्र में तोड़ा के आगे पहुंचा, तभी एक काले रंग की जीप ने कथित तौर पर उनकी टैक्सी को ओवरटेक कर रास्ता रोक दिया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जीप पर आगे और पीछे पुलिस का निशान लगा हुआ था। परिवाद में जीप में रामलाल ढूंड, प्रिंस, अशोक, निर्मल सहित अन्य लोगों के सवार होने का उल्लेख है। आरोप है कि जीप से उतरने के बाद इन लोगों ने परिवार के साथ गाली-गलौज की और विवाद शुरू कर दिया।
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9 साल की बच्ची को टैक्सी से बाहर खींचने का आरोप
परिवाद का सबसे गंभीर आरोप 9 वर्षीय बच्ची को लेकर है। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने बच्ची का हाथ पकड़कर उसे जबरन टैक्सी से बाहर खींचने का प्रयास किया। परिवार की महिलाओं ने बच्ची को बचाने की कोशिश की। शिकायत में प्रिंस द्वारा कथित तौर पर लाठी दिखाकर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
परिवाद में कहा गया है कि छीना-झपटी के दौरान बच्ची के कपड़े अस्त-व्यस्त हो गए और उसकी टी-शर्ट फट गई। शिकायतकर्ता ने रामलाल, प्रिंस और निर्मल पर बच्ची को जबरन बाहर खींचकर ले जाने का प्रयास करने तथा उसके साथ अश्लील हरकतें करने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
भीड़ जुटने के बाद मौके से चले जाने का आरोप
परिवार की ओर से दिए गए परिवाद के मुताबिक घटना के दौरान मेले में आने-जाने वाले लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। परिवार के सदस्यों ने विरोध किया, जिसके बाद आरोपी कथित तौर पर वहां से चले गए। शिकायत में यह भी आरोप है कि जाते समय रामलाल ने परिवार को दोबारा मौका मिलने पर बच्चियों को उठा ले जाने की धमकी दी। घटना के बाद परिवार भयभीत होकर वापस घर लौट आया।
एसपी कार्यालय से परिवाद पहुंचने के बाद FIR
शिकायतकर्ता के अनुसार घटना के बाद वह पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने गई थी, लेकिन मेले की व्यस्तता के कारण उस समय रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं हो सकी। इसके बाद 22 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया।
महिला थाना नागौर की 23 सितंबर 2026 की कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय से परिवाद प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट के मजमून के आधार पर अपराध बनना पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस दस्तावेज में BNS की धारा 126(2), 352, 74, 3(5), 137/62 तथा POCSO एक्ट की धारा 7/8 का उल्लेख है।
डीएसपी को सौंपी गई मामले की जांच
मामले की जांच विकास कुमार, पुलिस उप अधीक्षक, महिला अपराध एवं अनुसंधान सेल नागौर को सौंपी गई है। पुलिस कार्रवाई रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रकरण CCTNS पर दर्ज होने के बाद प्रकरण संख्या एवं समय अंकित किया जाएगा तथा FIR की प्रति नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। साथ ही घटना के दौरान मौजूद लोगों और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा सकती है।
परिवार ने बच्चियों की सुरक्षा की मांग की
परिवाद में शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। खासतौर पर नाबालिग बच्चियों को लेकर परिवार ने भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि और घटना की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस अनुसंधान के बाद ही स्पष्ट होंगी।
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मेले में जाते समय टैक्सी का रास्ता रोकने का आरोप
परिवाद के मुताबिक 19 सितंबर 2026 की शाम करीब 6:30 बजे चंचल भार्गव अपने पति पुखराज, परिवार की महिलाओं और तीन नाबालिग बेटियों के साथ सवारी टैक्सी से बैदनंदी मेले में दर्शन के लिए जा रही थीं। जब परिवार मानसर, जोधपुर बाईपास क्षेत्र में तोड़ा के आगे पहुंचा, तभी एक काले रंग की जीप ने कथित तौर पर उनकी टैक्सी को ओवरटेक कर रास्ता रोक दिया।
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जीप पर आगे और पीछे पुलिस का निशान लगा हुआ था। परिवाद में जीप में रामलाल ढूंड, प्रिंस, अशोक, निर्मल सहित अन्य लोगों के सवार होने का उल्लेख है। आरोप है कि जीप से उतरने के बाद इन लोगों ने परिवार के साथ गाली-गलौज की और विवाद शुरू कर दिया।
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9 साल की बच्ची को टैक्सी से बाहर खींचने का आरोप
परिवाद का सबसे गंभीर आरोप 9 वर्षीय बच्ची को लेकर है। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने बच्ची का हाथ पकड़कर उसे जबरन टैक्सी से बाहर खींचने का प्रयास किया। परिवार की महिलाओं ने बच्ची को बचाने की कोशिश की। शिकायत में प्रिंस द्वारा कथित तौर पर लाठी दिखाकर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
परिवाद में कहा गया है कि छीना-झपटी के दौरान बच्ची के कपड़े अस्त-व्यस्त हो गए और उसकी टी-शर्ट फट गई। शिकायतकर्ता ने रामलाल, प्रिंस और निर्मल पर बच्ची को जबरन बाहर खींचकर ले जाने का प्रयास करने तथा उसके साथ अश्लील हरकतें करने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
भीड़ जुटने के बाद मौके से चले जाने का आरोप
परिवार की ओर से दिए गए परिवाद के मुताबिक घटना के दौरान मेले में आने-जाने वाले लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। परिवार के सदस्यों ने विरोध किया, जिसके बाद आरोपी कथित तौर पर वहां से चले गए। शिकायत में यह भी आरोप है कि जाते समय रामलाल ने परिवार को दोबारा मौका मिलने पर बच्चियों को उठा ले जाने की धमकी दी। घटना के बाद परिवार भयभीत होकर वापस घर लौट आया।
एसपी कार्यालय से परिवाद पहुंचने के बाद FIR
शिकायतकर्ता के अनुसार घटना के बाद वह पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने गई थी, लेकिन मेले की व्यस्तता के कारण उस समय रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं हो सकी। इसके बाद 22 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में परिवाद प्रस्तुत किया गया।
महिला थाना नागौर की 23 सितंबर 2026 की कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय से परिवाद प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट के मजमून के आधार पर अपराध बनना पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस दस्तावेज में BNS की धारा 126(2), 352, 74, 3(5), 137/62 तथा POCSO एक्ट की धारा 7/8 का उल्लेख है।
डीएसपी को सौंपी गई मामले की जांच
मामले की जांच विकास कुमार, पुलिस उप अधीक्षक, महिला अपराध एवं अनुसंधान सेल नागौर को सौंपी गई है। पुलिस कार्रवाई रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रकरण CCTNS पर दर्ज होने के बाद प्रकरण संख्या एवं समय अंकित किया जाएगा तथा FIR की प्रति नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। साथ ही घटना के दौरान मौजूद लोगों और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा सकती है।
परिवार ने बच्चियों की सुरक्षा की मांग की
परिवाद में शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। खासतौर पर नाबालिग बच्चियों को लेकर परिवार ने भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपों की पुष्टि और घटना की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस अनुसंधान के बाद ही स्पष्ट होंगी।