{"_id":"66fbbcf1104eb0d3ad0ba3e2","slug":"nagaur-news-was-traveling-on-roadways-for-free-by-making-fake-admit-card-conductor-handed-him-over-to-police-2024-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nagaur News : फर्जी एडमिट कार्ड बनाकर फ्री में कर रहा था रोडवेज में सफर, परिचालक ने पुलिस के सुपुर्द किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nagaur News : फर्जी एडमिट कार्ड बनाकर फ्री में कर रहा था रोडवेज में सफर, परिचालक ने पुलिस के सुपुर्द किया
Tue, 01 Oct 2024 02:42 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 01 Oct 2024 02:42 PM IST
सार
राज्य सरकार ने जब से प्रतियोगी परीक्षाओं के परिक्षार्थियों के लिए फ्री रोडवेज सेवा शुरू की है, तब से लोग इसका फायदा उठाने के लिए जुगाड़ के तमाम तरीके अपना रहे हैं। एडमिट कार्ड में एडिटिंग करके सफर करने का ऐसा ही एक मामला डीडवाना में सामने आया है।
विज्ञापन
राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के डीडवाना रोडवेज बस स्टैंड पर रोडवेज बस परिचालक ने एडमिट कार्ड में एडिटिंग करके फ्री में यात्रा कर रहे एक तथाकथित परिक्षार्थी को पुलिस के सुपुर्द किया है। पुलिस डीडवाना के रोडवेज बस स्टैंड से युवक को हिरासत में लेकर रवाना हो गई है लेकिन पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि हमें मामले की जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने परीक्षा देने जाने वाले परीक्षार्थियों को राजस्थान रोडवेज बस में फ्री यात्रा की सुविधा दी है, जिससे परीक्षार्थियों को कुछ राहत मिले लेकिन लोग इसका गलत फायदा उठाते हुए फर्जी परीक्षार्थी बनकर सरकार को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला डीडवाना से सामने आया है, जहां सीकर से चलकर नागौर आ रहे फतेहपुर के रहने वाले एक युवक से रोडवेज बस परिचालक ने किराया मांगा तो उसने अपना एडमिट कार्ड दे दिया।
विज्ञापन
एडमिट कार्ड में जिस स्कूल को परीक्षा केंद्र बताया गया था, वो परीक्षा केंद्र था ही नहीं। युवक ने बार-बार परिचालक को झांसा देने की कोशिश की और जैसे ही बस डीडवाना डिपो पहुंची, वहां सारा सच सामने आ गया और डीडवाना थाना पुलिस ने इस फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
फर्जी परीक्षार्थी अनिल का इस बारे में कहना है कि उसने किराया बचाने के चक्कर में यह काम किया है। बस के परिचालक रितेश का इस बारे में कहना था कि जब से यह सुविधा शुरू की गई है ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। मैंने खुद अब तक कई मामले पकड़े हैं।