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Hindi News ›   Rajasthan ›   Nagaur News: Farmers Duped of Lakhs in Crop Insurance Scam, 4 Arrested; Fake Documents Recovered

Nagaur: फसल बीमा के नाम पर किसानों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार, फर्जी रसीदें व लैपटॉप बरामद

Fri, 21 Aug 2026 04:37 PM IST
नागौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर Published by: नागौर ब्यूरो Updated Fri, 21 Aug 2026 04:37 PM IST
सार

पुलिस ने किसानों को फसल बीमा और मुआवजे का लालच देकर रकम ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेज, बैंक रसीदें, मोहरें और किसानों के आवेदन बरामद हुए हैं।

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Nagaur News: Farmers Duped of Lakhs in Crop Insurance Scam, 4 Arrested; Fake Documents Recovered
फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों को ठगा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नागौर पुलिस ने फसल बीमा के नाम पर किसानों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह शातिर गिरोह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भारी मुआवजा दिलाने और नया बीमा करने का झांसा देकर ग्रामीण इलाकों के किसानों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस की साइबर और विशेष टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों के पास से कई फर्जी दस्तावेज, बैंकों की नकली रसीदें और मोहरें बरामद की गई हैं।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य गांव-गांव जाकर किसानों से सीधा संपर्क साधते थे। वे खुद को बड़ी बीमा कंपनियों का अधिकृत प्रतिनिधि बताते थे और फसल खराबे के एवज में जल्द से जल्द मोटा मुआवजा दिलाने का झूठा दावा करते थे। इसके बदले में वे किसानों से फाइल चार्ज, कागजी कार्रवाई और प्रक्रिया शुल्क के नाम पर नकद राशि वसूलते थे। 
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पुलिस हिरासत में आरोपी

लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब पीड़ित किसानों को खाते में बीमा राशि नहीं आई, तब उन्हें इस धोखाधड़ी का अहसास हुआ। किसानों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की। एक मामले में इन ठगों ने 4.70 लाख रुपये की ठगी की। गिरोह में स्टाम्प वेंडर, नोटरी, बीमा कंपनी का स्टाफ भी शामिल है, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
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विशेष पुलिस दल ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जाल बिछाकर चार आरोपियों सियाराम लोयल, तरुण, रवीन्द्र और सुखवीर को धर दबोचा। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों के पास से लैपटॉप, प्रिंटर, विभिन्न बैंकों की फर्जी पासबुक, कूट रचित मोहरें और किसानों के नाम भरे हुए दर्जनों आवेदन पत्र जब्त किए गए हैं।


प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने नागौर सहित पड़ोसी जिलों में भी सैकड़ों किसानों से लाखों रुपये ऐंठने की बात स्वीकार की है। पुलिस अधिकारी अब गिरोह के बैंक खातों और उनसे जुड़े अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटा रहे हैं।

मामले के जांच अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि ठगी की कुल रकम और अन्य वारदात का खुलासा हो सके। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों और किसानों से विशेष अपील करते हुए कहा है कि कोई भी किसान किसी अज्ञात व्यक्ति को फसल बीमा या मुआवजे के नाम पर नकद रुपये न सौंपे। किसी भी योजना का लाभ लेने या उसकी सत्यता जांचने के लिए केवल कृषि विभाग के अधिकारियों या नजदीकी ई-मित्र केंद्र से ही संपर्क करें।

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