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न्यायिक सेवा में गुर्जर समेत अधिक पिछड़े वर्ग को पांच प्रतिशत आरक्षण को राजस्थान कैबिनेट की मंजूरी

Sun, 02 Aug 2020 10:00 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Rajeev Rai Updated Sun, 02 Aug 2020 10:00 PM IST
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More backward classes, including Gurjars, to get five percent reservation in Rajasthan's judicial service
Ashok Gehlot

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राजस्थान राज्य मंत्रिमंडल ने रविवार को राज्य न्यायिक सेवा नियमावली 2010 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। गुर्जरों सहित सबसे पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को अब राजस्थान न्यायिक सेवाओं में 1% के बजाय अब 5% आरक्षण प्राप्त होगा।

 
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आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार ने राजस्थान न्यायिक सेवा नियम, 2010 में संशोधन किया है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर एक प्रतिशत के स्थान पर पांच प्रतिशत आरक्षण देने की पहल की गई है।

अधिक पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार लंबे समय से न्यायिक सेवा नियमों में संशोधन की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें राज्य न्यायिक सेवा में एक प्रतिशत के बजाय पांच प्रतिशत आरक्षण मिल सके। अधिक पिछड़े वर्गों में गुर्जर, राइका-रबारी, गदिया-लोहार, बंजारा और गडरिया शामिल हैं। 

टिड्डियों को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग

राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टिड्डियों को लेकर कई मांगें सामने रखी। उन्होंने कहा, 'मैंने टिड्डी समस्या को लेकर प्रधानमंत्री को लिखा है। मैंने ऐसे 30 साल पहले देखा था। लेकिन इस साल यह भयावह था। प्रदेश के सिर्फ दो-तीन जिलों को छोड़कर हर जगह की फसलें बर्बाद हुई हैं। मैं पीएम से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए कहा है। इसके अलावा किसानों को नुकसान के बदले मुआवजा देने की भी मांग की है।'

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