न्यायिक सेवा में गुर्जर समेत अधिक पिछड़े वर्ग को पांच प्रतिशत आरक्षण को राजस्थान कैबिनेट की मंजूरी
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राजस्थान राज्य मंत्रिमंडल ने रविवार को राज्य न्यायिक सेवा नियमावली 2010 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। गुर्जरों सहित सबसे पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को अब राजस्थान न्यायिक सेवाओं में 1% के बजाय अब 5% आरक्षण प्राप्त होगा।
Rajasthan government approves 5 per cent reservation to 'more backward classes', including Gurjars, in state judicial service: Statement
— Press Trust of India (@PTI_News) August 2, 2020विज्ञापन
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार ने राजस्थान न्यायिक सेवा नियम, 2010 में संशोधन किया है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर एक प्रतिशत के स्थान पर पांच प्रतिशत आरक्षण देने की पहल की गई है।
अधिक पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार लंबे समय से न्यायिक सेवा नियमों में संशोधन की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें राज्य न्यायिक सेवा में एक प्रतिशत के बजाय पांच प्रतिशत आरक्षण मिल सके। अधिक पिछड़े वर्गों में गुर्जर, राइका-रबारी, गदिया-लोहार, बंजारा और गडरिया शामिल हैं।
टिड्डियों को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग
Farmers should be given compensation for the damage of their crops and a survey should be done for the same: Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot https://t.co/WZwK2dcSrB
— ANI (@ANI) August 2, 2020