राजस्थानः भाजपा विधायक के उत्पीड़न और दबाव से त्रस्त वीसी ने दिया इस्तीफा
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राजस्थान के भरतपुर स्थित महाराजा सूरजमल ब्रज विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति ने स्थानीय भाजपा विधायक की बढ़ती दखलंदाजी से त्रस्त होकर इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल को भेजे इस्तीफे में कुलपति ने स्थानीय भाजपा विधायक विजय बंसल पर लगातार उत्पीड़न करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। वहीं विधायक ने कुलपति पर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार कुलपति केडी स्वामी ने बताया कि स्थानीय विधायक के लगातार बढ़ते हस्तक्षेप और उनकी गाली गलौज वाली भाषा से तंग आकर शनिवार को अपना इस्तीफा राज्यपाल कल्याण सिंह को भेज दिया है।
कुलपति के अनुसार विधायक लंबे समय से उनका विरोध कर रहे थे। पिछले साल हमने विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार और डिप्टी रजिस्ट्रार के तीन पदों के लिए विज्ञापन निकाला था।
23 अगस्त 2015 को हमने इसके लिए लिखित परीक्षा ली, इससे पहले की हम उसका परिणाम जारी करते विधायक ने राज्यपाल के ऑफिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज करा दी। इसी तरह की शिकायत एबीवीपी की स्थानीय इकाई ने भी की।
कुलपति बताते हैं, इन शिकायतों पर राज्यपाल के कार्यालय की ओर से परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी गई। 29 जनवरी को राज्यपाल के साथ कुलपतियों की बैठक में मैने लंबित पड़े परीक्षा परिणामों का मुद्दा उठाया। मामले में पूरी तरह संतुष्ट होने और जांच कराने के बाद राज्यपाल ने एक मार्च को भर्ती प्रकिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी।
शिक्षक एसोसिएशन ने की इस्तीफा स्वीकार न करने की मांग, सरकार पर लगाया आरोप
स्वामी ने बताया कि हमने नौ अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया था, इनमें से तीन नामों की घोषणा बीते शनिवार को बॉर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक कर दी गई। इसी बीच विधायक विजय बंसल ने हंगामा करते हुए कहा कि वह परीक्षा परिणामों की घोषणा नहीं होने देंगे।
विधायक ने नियुक्ति में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मेरे साथ अभद्रता और गाली गलौज की। वहीं विधायक का कहना है कि कुलपति तानाशाह रवैया अपनाए हुए हैं। कुलपति ने बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की बैठक दो साल बाद बुलाई है जबकि यह साल में तीन से चार बार होनी चाहिए।
बैठक में होने वाली मिनट को कुलसचिव लिखते हैं लेकिन कुलपति ने इसके लिए भी एक निजी व्यक्ति रखा हुआ है। आरोप है कि कुलपति ने परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के इंटरव्यू कैंपस से बाहर किए जबकि यह उनके ऑफिस में होने चाहिए थे।
वहीं राजस्थान यूनिवर्सिटी शिक्षक एसोसिएशन ने भी विधायक के रवैये की निंदा की है। एसोसिएशन ने राज्यपाल से मांग की है कि कुलपति का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। एसोसिएश्न ने आरएसएस की स्थानीय इकाई पर भी इस मामले में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। राजभवन के प्रवक्ता डा. लोकेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि फाइल सलाह के लिए उच्च शिक्षा विभाग को भेज दी गई है।