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राजस्थान: कोटा जिले में तेंदुए की आमद से दहशत में ग्रामीण, बाघ होने का भी शक
Sun, 19 Dec 2021 02:42 PM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Sun, 19 Dec 2021 02:42 PM IST
सार
-कोटा जिले के इटावा उपखंड के रामपुरिया गांव के खेतों में तेंदुए के पैरों के निशान देखे गए हैं। तेंदुआ के पग निशान से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
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तेंदुए के पैरों के निशान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान के कोटा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों जंगली जानवरों की आमद से ग्रामीण डरे और सहमे हुए हैं। जिले के इटावा कोटा क्षेत्र के रामपुरिया गांव के खेतों में जंगली जानवरों के पग मार्क मिले हैं। साथ ही जंगली जानवर के द्वारा किया गया शिकार भी सरसों के खेत में मिला है। ऐसे में ग्रामीणों में डर है कि खेतों में काम करते समय ऐसे हिंसक जानवरों के शिकार ना हो जाए।
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रामपुरिया गांव के खेतों में पैरों के निशान वन विभाग द्वारा लिए गए हैं। साथ ही सवाई माधोपुर टाइगर रिजर्व ट्रैकिंग टीम ने भी इन पगमार्क को देखा है। जिन का अनुमान है कि यह सब पगमार्क किसी पैंथर है, लेकिन ग्रामीणों को अंदेशा है कि यह पगमार्क टाइगर के भी हो सकते हैं।
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वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने को कहा
हालांकि, वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगली जानवरों से सतर्क रहने की बात कही है। वहीं, वन विभाग भी पूरे इलाके में ट्रेकिंग कर रहा है। टाइगर रिजर्व सवाई माधोपुर की टीम ने इलाके में ट्रैप कैमरा भी लगाए हैं। ताकि जंगली जानवरों की तस्वीर उसमें कैद हो और यह पुख्ता हो सके कि इस इलाके में कौन सा जंगली जानवर मूवमेंट कर रहा है।
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