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Kota: 'अपने घर में हैं नजरबंद, कहीं जा नहीं सकते, कुछ कर नहीं सकते, सादी वर्दी में घूम रही पुलिस', जानें मामला

Sat, 18 Mar 2023 01:53 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 18 Mar 2023 01:53 PM IST
सार

धरना क्या खत्म हुआ वीरांगनाओं को अपने ही घर में नजरबंद कर दिया गया है। सादी वर्दी में एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी हमेशा वीरांगनाओं के निवास पर तैनात रहते हैं। जान न्यौछावर करने वाले शहीदों के परिवारों को इस तरह का व्यवहार बड़ी शर्म की बात है।

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Police accused the Veeranganas of putting them under house arrest
वीरांगना के परिवार के सदस्य - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

पुलवामा हमले में शहीदों की पत्नियों वीरांगनाओं ने अपने पति की प्रतिमा को लगवाने के लिए प्रयास क्या किया, मामला वीरांगनाओं के गले की हड्डी बन गया। जैसे ही जयपुर धरना दिया गया तो मामला ही उल्टा पड़ गया। बताया जा रहा है की वीरांगनाओं को अपने ही घर में नजरबंद कर दिया गया है। सादी वर्दी में एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी हमेशा वीरांगनाओं के निवास पर तैनात रहते हैं। हर समय पुलिस के जवानों का पहरा रहने से वीरांगनाओं के परिवारों के साथ-साथ पूरे मोहल्ले वाले दहशत में हैं।

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सांगोद के पूर्व विधायक हीरालाल नागर ने बताया कि वीरांगना मधुबाला को अपने दैनिक कार्यों के लिए भी उक्त पुलिसकर्मियों की इजाजत लेनी पड़ती है। हीरालाल नागर ने बताया कि आज एकादशी के पूजन पर भी मंदिर नहीं जाने दिया गया। वीरांगना को हर बात के लिए धमकाया जाता है। कहा जाता है कि हमसे बिना पूछे कहीं नहीं जाना, जहां भी जाना है, हम लोग साथ रहेंगे। तुम अकेली अपने आप कुछ नहीं कर सकती। अब तुम बिलकुल अकेली हो अब तुम्हारे साथ कोई भी नहीं है। घर में राशन खत्म हो जाने पर भी उन्हें बाजार नहीं जाने दिया गया। जब ये मामला पता चला तो वीरांगना के घर मैंने राशन पहुंचाया।
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वीरांगना मधुबाला ने बताया कि भाई साहब हीरालाल जी हस्तक्षेप के बाद मुझे उनकी कार से गांव में शहीद स्मारक पर जाने दिया गया। इस दौरान भी हमारी कार के पीछे सादा वर्दी में पुलिस के जवान छह गाड़ियों से पीछा करते नजर आए। देश के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले शहीदों के परिवारों को इस तरह से ट्रीट किया जाना अपने आप में बड़ी शर्म की बात है।


जवानों पर माफी मांगने का दबाव बनाने का आरोप
सादी वर्दी में तैनात पुलिस के जवानों का कहना है की वीरांगनाओं को मीडिया के सामने बयान देकर बताना होगा की जयपुर में धरने के दौरान उनके साथ किसी भी तरह की बदसलूकी नहीं की गई है। धरने के लिए राज्य के सीएम अशोक गहलोत से माफी मांगनी होगी। फिर इसके बाद हम सब लोग यहां से चले जाएंगे, लेकिन वीरांगनाओं ने पुलिस के जवानों के इस प्रस्ताव और मांगों को सिरे से नकार दिया। तब से लगभग 10 दिन से वीरांगनाओं और इनके परिजनों को मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा है। मामले में वीरांगनाओं ने हर स्तर पर शिकायत की है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।

मामले को टालने में लगे अधिकारी
मामले में जब हीरालाल नागर ने कोटा आईजी प्रसन्न खमेसरा से जानना चाहा तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए मामले में जानकारी लेने की बात कहते हुए मामले को टाल दिया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने भी मामले में अनभिज्ञता जाहिर कर दी। जब इस मामले में पुलिस उपाधीक्षक रामेश्वर परिहार से बात हुई तो उन्होंने पुलिस पर लगे इन आरोपों को सिरे से नकार दिया। वीरांगना मधुबाला से जब बात की तो उन्होंने बताया कि यहां के सीआई राजेश सोनी ने मुझसे कहा है की आप जहां भी जाओ या कुछ भी करो तो मुझसे पूछ कर करना।

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