फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Kota News ›   Kota Police Initiative student cell formed after increasing suicide incidents Policemen working as counselors

पहल: कोटा में काउंसलर बन छात्रों का ख्याल रख रहे पुलिसकर्मी, खुदकुशी की घटनाएं बढ़ने के बाद बनाई स्टूडेंट सेल

Sat, 02 Sep 2023 06:14 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: गुलाम अहमद Updated Sat, 02 Sep 2023 06:14 AM IST
सार

दरअसल, छात्रों के आत्महत्या करने की घटनाएं बढ़ने के मद्देनजर शहर पुलिस ने छात्रों से संवाद कर उनमें तनाव और अवसाद के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने के लिए एक विशेष स्टूडेंट सेल की स्थापना की है। 
 

विज्ञापन
Kota Police Initiative student cell formed after increasing suicide incidents Policemen working as counselors
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

क्या आपको कोई बात परेशान कर रही है? क्या आप वास्तव में इंजीनियर या डॉक्टर बनना चाहते हैं? क्या आप कक्षा में पढ़ाई जा रही बातों को पूरी तरह समझ पा रहे हैं? क्या मेस में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता अच्छी है? ऐसे ही कुछ सवालों के साथ कोटा पुलिसकर्मियों की एक टीम काउंसलर की तरह छात्रों से नियमित संवाद कर रही है। 

विज्ञापन


दरअसल, छात्रों के आत्महत्या करने की घटनाएं बढ़ने के मद्देनजर शहर पुलिस ने छात्रों से संवाद कर उनमें तनाव और अवसाद के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने के लिए एक विशेष स्टूडेंट सेल की स्थापना की है। कोटा के सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चंद्रशील ठाकुर ने बताया, सेल में एक नियंत्रण कक्ष है, जहां कर्मियों को कॉल रिसीव करने के लिए तैनात किया गया है। वे छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देते हैं और यदि किसी छात्र को पेशेवर मदद की आवश्यकता होती है तो उन्हें परामर्शदाताओं के पास भेजते हैं।
विज्ञापन


सेल में खास पुलिसकर्मी...
ठाकुर ने बताया कि सेल में 11 पुलिसकर्मी हैं। इनकी उम्र 40 के आसपास है और जिनके किशोर बच्चे हैं। इससे उनके लिए छात्रों की समस्याओं को समझना आसान होगा। गौरतलब है, इस साल अब तक 22 छात्रों के करने के मामले सामने आ चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे कर रही निगरानी...
टीम छात्रावासों का औचक दौरा कर छात्रों से संवाद करती हैं। अगर छात्र में दबाव, तनाव या अवसाद के लक्षण दिखाई देते हैं तो उनके माता-पिता को सूचित किया जाता है। टीम सुबह नौ बजे काम शुरू कर देती है और प्रतिदिन करीब 15 छात्रावासों का दौरा करती है।


हर गतिविधि पर नजर...
टीम अब तक करीब 60,000 छात्रों से संपर्क कर चुकी है। साथ ही वार्डन से भी संपर्क करते हैं ताकि जान सकें कि क्या उन्हें छात्र के व्यवहार में कोई बदलाव दिखा है, जैसे छात्र कक्षा में नहीं जा रहा है या भोजन नहीं ले रहा। हमारी कोशिश है कि ऐसे छात्रों की पहचान करके हम कोई घातक कदम उठाने से पहले ही उनकी मदद कर पाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed