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बाढ़ से बेहाल राजस्थान, सीएम अशोक गहलोत ने किया हवाई सर्वेक्षण
Mon, 16 Sep 2019 11:01 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 16 Sep 2019 11:01 AM IST
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राजस्थान में बाढ़
- फोटो : ANI/Social Media
राजस्थान में जारी भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कोटा बैराज, राणाप्रताप सागर, जवाहर सागर व माही बजाज के सभी गेट खोलने पड़े हैं। इस कारण कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और झालावाड़ में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए सेना और एनडीआरएफ की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाढ़ प्रभावित जिलों के सभी कर्मचारियों के अवकाश निरस्त किए गए हैं। गहलोत ने आज बूंदी, कोटा, झालावाड़ व धौलपुर का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की विभीषिका का जायजा लिया।
कोटा में चंबल नदी का पानी तेजी से निचले इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है। शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन की कई टीमें सेना के साथ राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
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चित्तौड़गढ़ के बेगूं में अब तक 1747 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। यहां इतनी बारिश पिछले 50 साल में नहीं हुई है। चित्तौड़गढ़ के मऊपुरा आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में फंसे शिक्षक और बच्चों को बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगी हुई हैं।
यह भी पढ़ें: 2040 तक पूरे देश में ढाई करोड़ से ज्यादा लोग आ सकते हैं बाढ़ की चपेट में
वहीं झालावाड़ के चौमहला, गंगाधर और रायपुर इलाकों में भी बरसात का पानी घुस गया है। जहां राहत कार्य में सेना की तैनाती की गई है।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाढ़ प्रभावित जिलों के सभी कर्मचारियों के अवकाश निरस्त किए गए हैं। गहलोत ने आज बूंदी, कोटा, झालावाड़ व धौलपुर का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ की विभीषिका का जायजा लिया।
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कोटा में चंबल नदी का पानी तेजी से निचले इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है। शहर के कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन की कई टीमें सेना के साथ राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
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चित्तौड़गढ़ के बेगूं में अब तक 1747 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। यहां इतनी बारिश पिछले 50 साल में नहीं हुई है। चित्तौड़गढ़ के मऊपुरा आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में फंसे शिक्षक और बच्चों को बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगी हुई हैं।
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वहीं झालावाड़ के चौमहला, गंगाधर और रायपुर इलाकों में भी बरसात का पानी घुस गया है। जहां राहत कार्य में सेना की तैनाती की गई है।
Chief Minister of Rajasthan, Ashok Gehlot today conducted aerial survey of flood-affected areas in the state. pic.twitter.com/mHvOmt15Hx
— ANI (@ANI) September 16, 2019
8 फीट गहरे पानी में कूदकर कांस्टेबल ने बचाई दो बच्चों की जान
बाढ़ में फंसे बच्चों को बाहर निकालते कांस्टेबल मीणा
- फोटो : सोशल मीडिया
बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद किए गए साहसिक कार्य के लिए राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल राकेश मीणा की जमकर तारीफ हो रही है। रविवार सुबह ड्यूटी पर जाते समय मीणा को बच्चों के रोने की आवाज सुनाई दी। जिसके बाद उन्होंने पास जाकर देखा तो दो बच्चे बाढ़ की पानी में फंसे हुए थे।
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राकेश मीणा ने बहादुरी दिखाते हुए एक ट्यूब लेकर बच्चों को बचाने के लिए पानी में कूद पड़े। जिसके बाद वह बच्चों को बचाकर बाहर लाए। उनके इस साहसिक कार्य की सब प्रशंसा कर रहे हैं।
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राकेश मीणा ने बहादुरी दिखाते हुए एक ट्यूब लेकर बच्चों को बचाने के लिए पानी में कूद पड़े। जिसके बाद वह बच्चों को बचाकर बाहर लाए। उनके इस साहसिक कार्य की सब प्रशंसा कर रहे हैं।