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Shootout In Train: चार लोगों की हत्या के मामले में जोधपुर RPF ने जताई संवेदना, रेल मंत्री वैष्णव को लिखा पत्र
Mon, 31 Jul 2023 10:40 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 31 Jul 2023 10:40 PM IST
सार
जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में सोमवार सुबह आरपीएफ एएसआई टीकाराम मीणा और तीन अन्य ट्रेन पैसेंजर की कांस्टेबल चेतन द्वारा गोली मारकर हत्या की गई। इस मामले में जोधपुर में आरपीएफ एसोसिएशन ने संवेदना जाहिर की है।
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कंवराराम विश्नोई, महामंत्री, आरपीएफ राष्ट्रीय एसोसिएशन, नई दिल्ली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आरपीएफ एसोसिएशन जोधपुर ने जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में हत्या के मामले में केंद्र सरकार से 2017 में मीटिंग बंद करने के निर्णय को गलत ठहराते हुए मामले में पुनर्विचार करने की मांग की है। इससे आरपीएफ के जवानों में हो रहे तनाव और मानसिक संतुलन के बिगड़ने की स्थिति और उनकी पारिवारिक समस्याओं को संगठन के माध्यम से सरकार तक सही माध्यम से पहुंचाया जा सके।
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जोधपुर में आरपीएफ पुलिस लाइन में इस मामले को लेकर बैठक भी हुई और मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। जोधपुर में RPF की राष्ट्रीय एसोसिएशन के महामंत्री कंवराराम विश्नोई ने कहा, साल 1998 में तत्कालीन अटल बिहारी सरकार ने आरपीएफ के कांस्टेबल और इंस्पेक्टर तक के अधिकारियों के लिए एसोसिएशन को मंजूरी दी थी और सामान्य तौर पर आमजन के बीच काम करने पर तनाव की स्थिति को कम करने में एसोसिएशन ने महत्वपूर्ण भूमिका भी अदा की थी। लेकिन साल 2017 से मीटिंग पर पाबंदी होने के कारण अब इस संबंध में आगे कार्रवाई नहीं हो पाती है, जिसका नतीजा इस तरह की घटनाक्रम के रूप में सामने आता है।
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ऐसे घटनाक्रम को रोकने के लिए संगठन के माध्यम से सरकार तक बात पहुंचाने और सही दिशा में निर्णय लेने के लिए पूरे संगठन के जरिए बातचीत को आगे बढ़ाया जा सकता है, जिससे की जवानों के तनाव को कम करने और उनके पारिवारिक समस्याओं को समझकर हल निकालने में यह एक कारगर कदम के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव को पत्र भी लिखा है, जिसमें एसोसिएशन से जुड़े मीटिंग और बैठकों को दोबारा शुरू करने की मांग की है।
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बताते चलें, जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस (12956) में सोमवार (31 जुलाई) सुबह रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के एक कॉन्स्टेबल ने अपनी ऑटोमैटिक राइफल से साथी असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) को गोली मार दी। इसके बाद वह दूसरे डिब्बे में गया और तीन पैसेंजर्स को भी शूट कर दिया। घटना के वक्त ट्रेन गुजरात से महाराष्ट्र जा रही थी। फायरिंग पालघर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के कोच बी-5 में हुई। जवान को उसकी राइफल के साथ अरेस्ट कर लिया गया है।
आरपीएफ ने क्या कहा?
आरपीएफ कमिश्नर रवींद्र शिशवे ने कहा कि चार शव अलग-अलग कोच से मिले। दो बॉडी बी 5, एक पैंट्री कार और एक बी 1 कोच से मिलीं। इस पर अभी जांच के बाद ही नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। उससे पहले कुछ कहना ठीक नहीं।
आरोपी गुस्सैल और मानसिक रूप से अस्थिर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी कॉन्स्टेबल गुस्सैल और मानसिक रूप से अस्थिर है। कॉन्सटेबल ने मुस्लिमों को लेकर कोई कमेंट किया था, इसका ASI ने विरोध किया। इसी बात पर आरोपी ने उसे गोली मार दी। इसके बाद तीन यात्रियों की भी हत्या कर दी। वीडियो में सुनाई दे रहा है कि आरोपी कॉन्स्टेबल मुस्लिमों और पाकिस्तान को लेकर कई अपशब्द कह रहा है।
एस्कॉर्ट ड्यूटी पर थे ASI और कांस्टेबल
RPF के मुताबिक, घटना सुबह लगभग 5 बजकर 23 मिनट पर हुई। आरोपी कांस्टेबल चेतन कुमार चौधरी और ASI टीका राम मीणा एस्कॉर्ट ड्यूटी पर थे। चेतन ने टीका राम पर फायरिंग के बाद तीन और यात्रियों को गोली मारी। इसके बाद वो दहिसर स्टेशन के पास ट्रेन से उतर कर भाग गया था। बाद में उसे हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के लिए बोरीवली पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पूछताछ के बाद फायरिंग की वजह का पता चलेगा।