Rajnath Singh: जोधपुर में रक्षा मंत्री बोले- सारा हिंदुस्तान जानता है, मैंने हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं की
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोधपुर के बालेसर में जनसभा को संबोधित किया। शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता और नेताओं के साथ जोधपुर के नेता, पाली सांसद पीपी चौधरी, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, बीजेपी के उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया, विधायक सूर्यकांता व्यास, वासुदेव देवनानी, शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र और जोधपुर के नेता विधायक कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने कहा, सारा हिंदुस्तान और मुस्लिम भी जानते हैं, राजनाथ सिंह ने हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं की।
विस्तार
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जनसभा को संबोधित करते हुए जोधपुर के बालेसर में कहा, सारा हिंदुस्तान जानता है और मुस्लिम भाई भी जानता है कि राजनाथ सिंह ने कभी हिंदू मुस्लिम की राजनीति नहीं की। राजनीति यदि की है तो इंसान और इंसानियत की राजनीति की है, जस्टिस और यूनिटी की राजनीति की है। हम माता और बहनों को सम्मान दे रहे हैं। संविधान निर्माताओं ने संविधान में यह बात कही है। इसका क्यों विरोध किया जा रहा है। हमारे ऋषि-मुनियों ने पूरे विश्व में रहने वाले लोगों को अपने परिवार का सदस्य मानते हुए वसुधैव कुटुंबकम का संदेश इसी भारत देश की धरती से सारी दुनिया को दिया है। पूरा विश्व ही हमारा परिवार है। लेकिन आपत्ति होती है, कैसे नहीं किया जाना चाहिए मैं आपसे पूछना चाहता हूं और अगर किया जाना चाहिए तो तालियां बजा दीजिए। लेकिन बराबर हर चीज को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने कहा, ऐसे देश को कम से कम हम लोग नहीं चलने देंगे। हर मामले में भारत आगे बढ़ रहा है। मैं देख रहा था हमारी गाड़ियां आज जा रही थीं तो 50 के करीब बच्चे मोबाइल से हमारी फोटो दे रहे थे। जहां जाते हैं वहां ये होता है। पहले मोबाइल हम दुनिया के देश दूसरे देशों से मंगाते थे। आज चीन के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल का मैन्युफैक्चर करने वाला कोई देश बन गया है, तो हमारा और आपका देश भारत बन गया है। हर मामले में चाहे डिफेंस हो, जिसका मैं रक्षा मंत्री हूं। पहले तो बंदूक, गोली मिसाइल हर चीज बाहर से मंगाओ, बाहर से मंगवाओ कहते थे, यहां बनती ही नहीं थी। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि 2014 के पहले केवल 900 करोड़ का रक्षा एक्सपोर्ट होता था। इतने वैज्ञानिक थे। पब्लिक अंडरटेकिंग इंडस्ट्रीज थीं। लेकिन जो बनता था, उसमें दुनिया के छोटे-मोटे गरीब देश 900 करोड़ का सामान ले जाते थे।
'16 हजार करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट इस साल किया'
हमारी सरकार में बीते 6 या 7 साल में इतना करिश्मा हो गया कि आज हम बहुत सारे रक्षा से संबंधित सामान तोप, गोले, बारूद, एमिशंस, मिसाइल कुछ जगह से हम टेक्नोलॉजी, जरूर बाहर से भी ले रहे हैं। लेकिन भारत में सब बन रहा है। आप जैसे भारत के नौजवानों के हाथ से हम ये बना रहे हैं। केवल भारत के लिए नहीं सारी दुनिया के लिए बना रहे हैं। 16 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट इस साल किया है। डेढ़-दो साल बीतेगा, आप देखना हमारे प्रधानमंत्री ने टारगेट सेट किए हैं। इस एक्सपोर्ट को 35 से 40 हजार करोड़ करना है। हम तो चाहते हैं साल 2047 में भारत की आजादी के 100 वर्ष आते-आते भारत की वह हैसियत बन जाए कि डिफेंस के मामले में हथियार, गोले, बम, तोप, मिसाइल सारी दुनिया को सर्वाधिक एक्सपोर्ट किए जाने चाहिए।
हम लोगों की है कोशिश है और आप सब के समर्थन की आवश्यकता है। अभी रूस और चीन की लड़ाई चल रही है। इसे एक साल से ऊपर समय हो गया। पता नहीं बालेसर का कोई बच्चा यूक्रेन में पढ़ता था या नहीं। लेकिन जब वहां लड़ाई शुरू हुई और रूस के यूक्रेन पर बम गोले, मिसाइल चलने लगे। तो हमारे भारत के हजारों बच्चे जो वहां बच्चे पढ़ते थे। भारत में उनके माता-पिता ने कहा, मोदी जी चाहे जो कुछ हो जाए, हमारे बच्चों को आप यूक्रेन से निकालिए। दुनिया के हर देश के लोग अपने राष्ट्रपति प्रधानमंत्री से यह बात कहते थे। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री का कलेजा और कद देखिए, उन्होंने अपने देशवासियों का दर्द समझा और रूस के राष्ट्रपति मिस्टर पुतिन को टेलीफोन लगाया और कहा पुतिन साहब मैं अपने भारत के बच्चों को यूक्रेन से निकालना चाहता हूं। यूक्रेन पर बमबारी कुछ समय के लिए बंद कीजिए। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को कहा, मुझे आपकी मदद चाहिए। बमबारी यूक्रेन में कुछ समय के लिए रुकनी चाहिए, ताकि मैं अपने देश के बच्चों को वहां से निकाल सकूं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को भी कहा कि एक भी तोप कुछ समय के लिए नहीं निकालेंगे। साढ़े 4 घंटे के लिए युद्ध रुक गया। 27000 बच्चे हमारे भारत आ गए। यह है हमारा भारत।
मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं, जो हम कहेंगे वह करेंगे - राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा, विकास तो कितनी तेजी के साथ हो रहा है। उसकी बात तो सभी लोगों ने की होगी और बताया होगा। सबसे पहले में अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में मैं सड़क परिवहन मंत्री था। उसमें जलमार्ग भी शामिल था। अटल बिहारी वाजपेयी ने सड़कों पर तेज़ी से काम किया। उसके बाद कांग्रेस की सरकार आ गई। तब 5, 10 और 12 किलोमीटर सड़कें प्रतिदिन बनती थी। आज 38 से 40 किलोमीटर सड़क प्रतिदिन बन रही है, यह आज का भारत है। मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं, जो हम कहेंगे वह करेंगे। राजनाथ बोले, भारत की राजनीति में नेताओं की कथनी और करनी में विश्वास के संकट को हमने चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। हम इस विश्वास के संकट को समाप्त करेंगे। जो कहेंगे वह करेंगे, यही हमारा चरित्र है।
सवाल पूछ-पूछकर गहलोत सरकार पर लगाए निशाने...
राजनाथ सिंह ने लोगों से सवाल पूछ पूछकर प्रदेश कांग्रेस सरकार पर निशाने लगाए। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से पूछा, राजस्थान में आप सब ठीक-ठाक हैं? तो लोगों ने कहा नहीं। तो राजनाथ सिंह बोले, मीडिया के लोगों देखिए क्या हाल है। उन्होंने फिर पूछा, भ्रष्टाचार तो बिल्कुल नहीं है ना? तो लोगों ने कहा है। बिजली भी नहीं है। राजनाथ सिंह बोले, तब तो बहुत तकलीफ होती होगी। मैं समझ गया घर में जाते होंगे तो घरवाली को पहचानना भी कठिन हो जाता होगा। बिजली नहीं होने का दर्द हम लोगों ने भी झेला है। राजनाथ सिंह ने फिर पूछा, यहां लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था तो चुस्त-दुरुस्त होगी? तो लोगों ने कहा नहीं है। राजनाथ सिंह बोले वह भी नहीं है। प्रेस के मित्र देख लो लीजिए यह भी नहीं है।
उदयपुर के कन्हैयालाल टेलर हत्याकांड की राजनाथ सिंह ने दिलाई याद...
राजनाथ सिंह ने उदयपुर में आज ही के दिन पिछले साल 28 जून 2022 को हुए कन्हैयालाल ट्रेलर हत्याकांड और सर तन से जुदा मामले की याद दिलाते हुए फिर पूछा, कोई वैमनस्य तो नहीं है न, कोई किसी के यहां घर में घुसकर चाकू मारकर घायल कर मार दे। घुस जाए ऐसा होता है? किसी ने मुझे बताया उदयपुर में बड़ी दर्दनाक घटना घटित हुई थी। भाइयों और बहनों क्या आपको ऐसी सरकार चाहिए। ऐसी सरकार जो आपकी नीयत और ईमान को चंद सिक्कों के आधार पर खरीदने की कोशिश करें। क्या आप अपनी नीयत और ईमान को बिकने देंगे।
मुझे बताया गया है कि अब अंतिम साल आ गया है। तो कांग्रेस की सरकार यहां बख्शीश दे रही है। कह रही है चिंता मत करो भाजपा वालों, हमने अभी पैसा देना शुरू कर दिया है कि लोगों को खरीद लो। क्या किसी मां के लाल में वह हिम्मत है कि हमारे राजस्थान के बहादुरों को खरीद सकता है। चाहे कुछ भी हो जमीर नहीं बेचेंगे। इस जमीर के साथ हमको आगे बढ़ना होगा। मैं यह दवा नहीं करना चाहता यह हमारी सरकार बहुत ही एकदम कुछ भी नहीं था। लेकिन भ्रष्टाचार को हम किसी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे। अपनी सरकार का भी कोई मंत्री भ्रष्टाचार में पाया जाएगा, तो मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं उसका स्थान उसका घर नहीं होगा, सरकार की जेल होगी। क्या कर रहे हैं यह लोग राजस्थानी वीरों की धरती और पराक्रमियों की धरती है।
यहां अकबर महान पढ़ाया जाता है, बीजेपी सरकार आए तो पन्नाधाय पढ़ाना - राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंच पर बैठे गजेंद्र सिंह शेखावत और सतीश पूनिया से कहा, आप बताएं यहां अकबर महान पढ़ाया जाता है कि नहीं पढ़ा जाता है? लेकिन शेखावत जी आप मंत्री हैं पूनिया जी आप भी अध्यक्ष रहे थे। पन्नाधाय को जरूर यहां की पाठ्यपुस्तक में पढ़ाया जाना चाहिए। हमारी सरकार बनी तो पन्नाधाय को पाठ्यपुस्तक में जरूर शामिल करें। मैं जानता हूं आपके बारे में सब लोग जानते हैं। हमारे देश की ताकत 1998 में यहीं पोकरण में अटल बिहारी वाजपेयी ने परमाणु परीक्षण किया, तब भारत दुनिया की नजरों में आया। न्यूक्लियर भारत बन गया।
मेरे पास बहुत मसाला है बोलूंगा तो यहां से जा नहीं पाऊंगा। मेरा उड़न खटोला आ गया। सबका स्नेह और मोहब्बत चाहिए। आपके सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत घर की मुर्गी साग बराबर हैं। ऐसा होता है कि नहीं होता। ये बढ़िया हैं, तो तालियां बजाइए। राजनाथ सिंह ने गजेंद्र सिंह शेखावत से कहा कि आपका ऑटो टेंपो बहुत हाई है। भारत की संसद में भी गजेंद्र सिंह जी बहुत अच्छा बोलते हैं। अब आप कहेंगे कि क्या गजेंद्र जी के लिए कन्वेंसिंग करने आए थे। नहीं मैं फिर आऊंगा और आऊंगा तो आप झोली भर देंगे, मुझे पूरा विश्वास है और नहीं आऊंगा तो भी भर देंगे।
केंद्रीय विद्यालय हुआ स्वीकृत...
राजनाथ सिंह ने लोगों से पूछा कि क्या अब मैं चलूं। तो लोगों ने केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग के बारे में पूछा। राजनाथ सिंह ने कहा- मैंने बोल दिया है गजेंद्र सिंह जी आप केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी से केंद्रीय विद्यालय के बारे में बात कीजिए । उनको मैं भी कह दूंगा। राजनाथ सिंह को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह ने बताया कि ऑलरेडी केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत हो गया है। राजनाथ सिंह ने मंच से घोषणा की कि आपके क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत हो गया है गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी है।
साल 1971 के युद्ध में इस इलाके में भारतीय सेना के जवानों ने जो पराक्रम किया था, पूरे हिंदुस्तान की धरती उसकी साक्षी...
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, राजस्थान की भूमि में एक से एक बढ़कर बहादुरों ने जन्म लिया है। यह दुर्गादास राठौड़ की जन्म भूमि है। यह महाराणा प्रताप की रणभूमि है। यह भामाशाह और पन्नाधाय की धरती है। 1971 के युद्ध में इस इलाके में रहने वाले भारतीय सेना के जवानों ने जो पराक्रम किया था। पूरे हिंदुस्तान की धरती उसकी साक्षी है। मैं भूल नहीं सकता मेजर कुलदीप सिंह को, जिन्होंने लोंगेवाला की लड़ाई में एक नया इतिहास रचने का काम किया था। इसी जोधपुर के जांबाज योद्धा जिनसे आप अच्छी तरह परिचित होंगे, उन्होंने 75 की लड़ाई में बहादुरी का परिचय देते हुए महावीर चक्र भी प्राप्त किया। आज जिस शांति और सुरक्षा के माहौल में हम जी रहे हैं। उसके लिए देश में हमारी सेना ने और हमारे सुरक्षा बलों ने ना जाने कितनी कुर्बानियां दी हैं।आज देश की सुरक्षा का जो माहौल बना है, उसमें सबसे बड़ा योगदान हमारे देश की सेना के जवानों का है। हमारी देश की सुरक्षा के जवानों का है। मैं अपने सेना और सुरक्षा के जवानों का भी इस मंच के माध्यम से अभिनंदन करना चाहता हूं।
मोदी ने कहा था, सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा, उन्होंने करके दिखा दिया...
राजनाथ सिंह बोले, मोदी जी के नेतृत्व में आप लोगों ने जो विश्वास व्यक्त कर सरकार बनाई थी। उस सरकार ने क्या काम किया है, क्या नहीं किया और क्या अच्छा किया है और अच्छा कर सकते हैं, इसके बारे में कोई फैसला कर सकता है तो आपसे अच्छा कोई नहीं कर सकता है। मैं याद दिलाना चाहता हूं जिस समय नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के प्रत्याशी के रूप में सारे हिंदुस्तान में सार्वजनिक सभाओं को संबोधित कर रहे थे। उस समय उन्होंने कहा था सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा और उसको करके उन्होंने दिखा दिया है। पहले भारत के बारे में पूरी दुनिया में यह भावना बनी हुई थी कि भारत एक कमजोर देश है। भारत गरीबों का देश है। लेकिन आज यह धारणा सारी दुनिया में बदल चुकी है। पहले अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत कुछ बोलता था, तो भारत की बातों को दुनिया जिस गंभीरता पूर्वक लेना चाहिए उस गंभीरता पूर्वक नहीं लेती थी। लेकिन आज भारत अंतरराष्ट्रीय बोलता है,तो सारी दुनिया कान खोल कर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है, यह भारत की हैसियत पूरी दुनिया में बनी है।
दुनिया में पांचवें नंबर पर पहुंची भारत की अर्थव्यवस्था...
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार ने करिश्माई काम किया है यदि मैं कहूं कि सचमुच क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने निभाई है तो यह कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगा। आर्थिक दृष्टि से भी दुनिया में भारत कई देशों पर आगे बढ़ चुका है और सारी दुनिया भी इस सच्चाई को मानने बड़ी लगी है कि जो भारत आज से 9 साल पहले अर्थव्यवस्था के मामले में 10वें पायदान पर था। आज 5 टॉप देशों में आ गया है। इकोनोमी साइज के हिसाब से 9 साल पहले भारत 10 और 11वें स्थान पर होता था। वह जंप लेकर दुनिया में 5वें स्थान पर आकर खड़ा हो गया। दुनिया की बड़ी बड़ी फाइनेंसियल कंपनी यह कहने लगी हैं कि वह दिन दूर नहीं है जब 2027 आते-आते भारत की इकोनामी की साइज दुनिया के टॉप 3 देशों में आ जाएगा। यानी एक अमेरिका होगा, एक चीन होगा और तीसरा देश भारत होगा। यह उपलब्धि सिर्फ भारत को प्राप्त हुई है। यह हमारी छोटी उपलब्धि नहीं है।
गांव, गरीब, किसान, झुग्गी झोपड़ी का इंतजाम, बेरोजगार, नौजवान, महिलाओं का सम्मान यही हमारी सरकार की प्राथमिकता...
राजनाथ बोले, गांव, गरीब, किसान, झुग्गी झोपड़ी का इंतजाम, बेरोजगार, नौजवान, महिलाओं का सम्मान यही हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि इन सारी प्रतिबद्धताओं को ध्यान रखते हुए हमारी सरकार ने कदम उठाया है। चाहे आवास देना हो, झोपड़ी में रहने वाले लोगों को पक्का मकान मुहैया कराना हो, स्वतंत्र भारत के इतिहास में प्रभावी तरीके से हमने उस काम को किया है, तो हमारे लाडले प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने किया है। मोदी किस बात की चिंता करते थे कि गरीब परिवारों की माताएं, बहनों को नित्य क्रिया के लिए बाहर जाना पड़ता था। उनके घर में भी शौचालय होना चाहिए। पहली बार इस आजाद भारत में किसी प्रधानमंत्री ने इस बात की चिंता की और घर में शौचालय बनवाने का काम किया। उस प्रधानमंत्री का नाम है नरेंद्र भाई मोदी।
अगले तीन साल में हर घर में नल और नल में जल होगा...
राजनाथ ने कहा, हर घर में नल होना चाहिए और नल में जल पहुंचना चाहिए। यह भी काम किया जा रहा है। राजस्थान में मैंने प्रत्यक्ष अपनी आंखों से देखा है कि माताएं-बहनें पानी के लिए डेढ़ किलोमीटर और 2 किलोमीटर पैदल जाकर घड़े पर घड़ा रखकर पीने का पानी लेकर अपने घरों पर आती थीं, ऐसे हालात थे। हमारी सरकार का यह संकल्प है कि आगामी 3 सालों के अंदर हिंदुस्तान का एक भी घर ऐसा नहीं बचेगा, जिस घर में नल और जल ना पहुंचे। यह करिश्माई काम हमारी सरकार ने किया है।
भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों को जेल की हवा खानी पड़ी...
राजनाथ सिंह ने कहा, भ्रष्टाचार एक अहम मुद्दा हुआ करता था। मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे। तब उस सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे और ऐसे गंभीर आरोप लगे थे कि भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों को जेल की हवा भी खानी पड़ी। लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि 9 वर्षों का समय गुजर गया है। कोई मां का लाल चाहे भारत का रहने वाला हो या दुनिया के किसी देश का हो, उंगली उठा कर नहीं कह सकता कि मोदी जी के नेतृत्व की सरकार के किसी मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा हो। मैं यह दावा नहीं करना चाहता कि सारे हिंदुस्तान में भ्रष्टाचार को हमारी सरकार ने समाप्त कर दिया है। भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करना कोई आसान काम नहीं है। यह बहुत बड़ी चुनौती है। लेकिन मैं कह सकता हूं कि हमारे प्रधानमंत्री ने उसका भी प्रयास किया है। भ्रष्टाचार को कम करने की कोशिश की है।
राजीव गांधी ने ईमानदारी से कहा था 100 पैसे भेजते हैं, 15 पैसे पहुंचते हैं - राजनाथ सिंह
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं हमारे भारत के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक बार ईमानदारी के साथ चिंता व्यक्त करते हुए कहा था। मैं राजीव गांधी की आलोचना नहीं करता। मैं किसी प्रधानमंत्री की आलोचना नहीं करता हूं। वह किसी भी राजनीतिक दल का हो। क्योंकि मैं मानता हूं वह प्रधानमंत्री नहीं होता है,वह संस्था होता है। किसी भी पार्टी के प्रधानमंत्री का सम्मान किया जाना चाहिए। मैं सम्मान करता हूं। लेकिन इमानदारी पूर्वक राजीव गांधी ने चिंता और लाचारी व्यक्त करते हुए कहा था क्या करें देश में भ्रष्टाचारी इतना अडिग है कि मैं ऊपर से 100 पैसा भेज देता हूं, लेकिन लोगों की जेब तक पहुंचते-पहुंचते वह बमुश्किल 15 पैसा रह जाता है। 85 पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने इसको भी चुनौती के रूप में स्वीकार किया और मुझे मालूम है कि पहली बैठक सरकार बनने के बाद हुई थी तो प्रधानमंत्री के साथ गृहमंत्री के रूप में मैं भी उस बैठक में मौजूद था। अधिकारी बैठे हुए थे। वह कह रहे थे कि सबका जनधन खाता खोला जाना चाहिए। हिंदुस्तान में एक भी परिवार शेष नहीं बचना चाहिए जिसका बैंकों में खाता ना खुल जाए। तो मैंने प्रधानमंत्री के कान में पूछा, मोदी जी खाता इतनी जल्दी कैसे खुल जाएगा और खाता खोलने से क्या हो जाएगा? तो मोदी जी ने कहा आगे इसका करिश्मा देखिएगा। सच में इसका करिश्मा देखने को मिल रहा है।
आज दिल्ली से आपकी जेब में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में पूरा पैसा पहुंचता है। आपको देखने को मिला होगा। बहुत सारी बहनों को योजनाओं के माध्यम से उनके खाते में पैसा पहुंच रहा है। इतना ही नहीं आज डीबीटी के माध्यम से बराबर पैसे का एक से दूसरे हाथ में हस्तांतरण लगातार हो रहा है। एक पैसा भी इधर से उधर नहीं हो रहा। हमारी सरकार का मानना है कि भ्रष्टाचार केवल भाषण देकर समाप्त नहीं किया जा सकता। इसे समाप्त करना है तो उसको चुनौती के रूप में स्वीकार करना पड़ेगा और उसके लिए सिस्टम और व्यवस्था में बदलाव लाना पड़ेगा। तभी भ्रष्टाचार को कम किया जा सकता है। मैं पूरी तरीके से भ्रष्टाचार खत्म करने की बात नहीं कर रहा। आपने हमें जो मोहब्बत दी। उसके एवज में हमें भी इस देश को कुछ देना था। इसलिए हमने अपना फर्ज निभाया है, आपके ऊपर कोई ऐसा नहीं किया।1971 के युद्ध में इस इलाके में भारतीय सेना के जवानों ने जो पराक्रम किया था, पूरे हिंदुस्तान की धरती उसकी साक्षी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, राजस्थान की भूमि में एक से एक बढ़कर बहादुरों ने जन्म लिया है। यह दुर्गादास राठौड़ की जन्म भूमि है। यह महाराणा प्रताप की रणभूमि है। यह भामाशाह और पन्नाधाय की धरती है। 1971 के युद्ध में इस इलाके में रहने वाले भारतीय सेना के जवानों ने जो पराक्रम किया था। पूरे हिंदुस्तान की धरती उसकी साक्षी है। मैं भूल नहीं सकता मेजर कुलदीप सिंह को, जिन्होंने लोंगेवाला की लड़ाई में एक नया इतिहास रचने का काम किया था। इसी जोधपुर के जांबाज योद्धा जिनसे आप अच्छी तरह परिचित होंगे, उन्होंने 75 की लड़ाई में बहादुरी का परिचय देते हुए महावीर चक्र भी प्राप्त किया। आज जिस शांति और सुरक्षा के माहौल में हम जी रहे हैं। उसके लिए देश में हमारी सेना ने और हमारे सुरक्षा बलों ने ना जाने कितनी कुर्बानियां दी हैं।आज देश की सुरक्षा का जो माहौल बना है, उसमें सबसे बड़ा योगदान हमारे देश की सेना के जवानों का है। हमारी देश की सुरक्षा के जवानों का है। मैं अपने सेना और सुरक्षा के जवानों का भी इस मंच के माध्यम से अभिनंदन करना चाहता हूं।
अयोध्या में भव्य राम मंदिर 24 जनवरी को सबके लिए खुल जाएगा...
रक्षा मंत्री ने जोधपुर में अपने संबोधन में हम जो कहते हैं वो करते हैं। मैं कुछ दो-तीन वादों की याद दिलाना चाहूंगा। साल 1951 में आजादी मिलने के चार बाद भी हमने चुनाव में कहा था कि हमारी सरकार बनेगी तो जम्मू कश्मीर को अनुच्छेद-370 के तहत जो विशेष अधिकार प्राप्त है। हम उस अनुच्छेद 370 को समाप्त करेंगे। और जम्मू कश्मीर का भी दर्ज हिंदुस्तान के अन्य राज्य की तरह होगा। हर चुनाव में लोग कहते थे, यह भाजपा वाले जनसंघ के लोग देश की जनता की आंखों में धूल झोंकते हैं और झूठ बोलते हैं। हर बार लिख देते हैं, बलेकिन कर नहीं पाते हैं। लेकिन जिस दिन संसद के दोनों सदनों में हमको बहुमत हासिल हो गया, चुटकी बजाकर हमने 370 को समाप्त कर दिया और हिंदुस्तान के सभी राज्यों का वही दर्जा है, जो जम्मू कश्मीर का है। वह धारा समाप्त हो गई।
साल 1984 से हम लोग लिखते चले आ रहे हैं, जिस दिन हमारी सरकार बन जाएगी दोनों सदनों में ताकत मिल जाएगी अयोध्या के राम मंदिर बन जाएगा। जब भी चुनाव होता था, लोग कहते थे हर बार आप लिख देते हैं कब मंदिर बनाओगे? उनकी यह बात सच मुच हमको सालती थी। लेकिन आपने देखा वह समय आ गया 24 जनवरी के बाद चले जाइए मैं दावे के साथ कह सकता हूं। जैसी भव्य इमारत भगवान रामलला की अयोध्या में आपको देखने को मिलेगी दुनिया में कहीं भी देखने को मिलेगी। राम मंदिर तेजी से 24 जनवरी के लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। कहा था ना पूरा किया।
राजनाथ सिंह ने कहा हमने यह भी कहा था समान नागरिक संहिता लागू करेंगे। हमारे विरोधी इस पर हिंदू और मुसलमान का सवाल खड़ा करते हैं। क्या राजनीति समाज को बांट कर खड़ी करनी चाहिए? क्या हम सारे देश को साथ लेकर राजनीति नहीं कर सकते? क्या कोई मुस्लिम धार्मिक कार्य करना चाहता है, कोई ईसाई करना चाहता है, तो नहीं करने देंगे? युहुदी और पारसी करना चाहता है तो क्या हम नहीं करने देंगे? कभी हम लोगों ने प्रतिबंध नहीं लगाया है। हम जो करने जा रहे हैं वह बात संविधान के निर्माताओं ने नीति निर्देशक सिद्धांतों और संविधान में लिखी है। हम उसी को लागू करने जा रहे हैं। हम उनके वचन को पूरा करने जा रहे हैं, जो संविधान में दिया है। क्यों हमारे ऊपर आरोप लगाया जा रहे हैं। क्या पंडित जवाहरलाल नेहरु नहीं थे, क्या उस संविधान सभा में वल्लभभाई पटेल नहीं थे, क्या भीमराव अंबेडकर नहीं थे? क्यों मोदी जी को लांछित किया जाता है? एक देश एक विधान नहीं होना चाहिए? क्या एक कानून देश में नहीं होना चाहिए? हां, मैं इसी बात पर दावे के साथ कहना चाहूंगा। कोई ये कहे कि हमको यह हजारी मिलनी चाहिए कि हम चाहे जिस से शादी करें, जितनी बार करें। यह भारत में नहीं होगा। महिलाओं का सम्मान हमारी प्रतिबद्धता है। चाहे वह किसी भी जाति और मजहब के मानने वाले हों। महिला मेरी मां है, मेरी बहन है, मेरी बेटी है। तीन तलाक बोलकर कोई उसकी छुट्टी नहीं कर सकता।